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Ranchi : सीएम हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य में खेती-किसानी के लिए पानी की कमी किसी भी हालत में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि जल संसाधन विभाग की सभी योजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि किसानों को सीधा फायदा मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई व्यवस्था मजबूत होने से खेती बेहतर होगी, किसानों की आमदनी बढ़ेगी और गांवों से पलायन भी कम होगा।
सोमवार को झारखंड मंत्रालय में आयोजित जल संसाधन विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम हेमंत सोरेन ने राज्य की विभिन्न सिंचाई योजनाओं, मेगा लिफ्ट परियोजनाओं, पाइपलाइन योजनाओं और बांधों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का काम सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका असर गांव और खेत तक दिखना चाहिए।
“खेतों तक पानी पहुंचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता”
बैठक में सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड कृषि प्रधान राज्य है और यहां बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है। ऐसे में सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि अगर खेतों तक समय पर पानी पहुंचेगा तो फसल उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन इलाकों में पानी की समस्या ज्यादा है वहां विशेष ध्यान दिया जाए और योजनाओं को तेजी से पूरा किया जाए।

पाइपलाइन योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश
सीएम हेमंत सोरेन ने पाइपलाइन आधारित सिंचाई योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि इन योजनाओं में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को काम की रफ्तार बढ़ाने और नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया। सीएम ने कहा कि पाइपलाइन योजनाओं से सिर्फ सिंचाई ही नहीं, बल्कि पेयजल की समस्या को दूर करने में भी मदद मिलेगी। इसलिए इन योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
“राज्य का पानी राज्य के काम आए”
बैठक में नदी जल संरक्षण को लेकर भी मुख्यमंत्री ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने कहा कि झारखंड की नदियों का पानी राज्य के भीतर ही संरक्षित किया जाना चाहिए और उसका इस्तेमाल किसानों के हित में होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर ऐसी योजनाएं तैयार की जाएं, जिनसे नदी के पानी को छोटे जलाशयों तक पहुंचाकर सिंचाई में इस्तेमाल किया जा सके। मुख्यमंत्री ने पॉली तालाबों में पानी उपलब्ध कराने और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
कई बड़ी परियोजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में स्वर्णरेखा बहुउद्देश्यीय परियोजना समेत कई बड़ी सिंचाई योजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने चांडिल बांध, खरकई बराज, ईंचा बांध, सोन-कनहर पाइपलाइन सिंचाई योजना, सिकटिया योजना, मसलिया-रानीश्वर योजना, पीरटांड़ मेगा लिफ्ट योजना, पलामू पाइपलाइन सिंचाई योजना, भीमखंडा माइक्रो लिफ्ट योजना, भैरवा जलाशय, कोनार सिंचाई परियोजना, पुनासी जलाशय और गुमानी बराज योजना की प्रगति की जानकारी ली। इसके अलावा भविष्य की योजनाओं जैसे अमानत बराज योजना, गांडेय मेगा लिफ्ट योजना, चाराडीह-उलीहातू योजना और पटमदा-बोड़ाम मेगा लिफ्ट योजना पर भी चर्चा हुई। बैठक की शुरुआत में जल संसाधन विभाग के सचिव प्रशांत कुमार ने विभाग की योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी। बैठक में जल संसाधन मंत्री हफिजुल हसन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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