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Ranchi : झारखंड में गांवों की तस्वीर बदलने को लेकर सरकार अब पंचायत स्तर पर कामकाज को और मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है। सीएम हेमंत सोरेन ने बुधवार को पंचायती राज विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को साफ कहा कि योजनाओं का फायदा गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने पंचायतों में पारदर्शिता बढ़ाने, डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने और ग्रामीण सड़कों की हालत सुधारने पर खास जोर दिया। बैठक में पंचायती राज एवं ग्रामीण कार्य मंत्री दीपिका पांडेय सिंह समेत कई आला अधिकारी मौजूद रहे। सीएम हेमंत ने कहा कि गांवों का विकास सिर्फ योजनाएं बनाने से नहीं होगा, बल्कि उनका असर जमीन पर दिखना चाहिए।
पंचायत भवनों को सिर्फ दफ्तर नहीं, सुविधा केंद्र बनाने की तैयारी
पंचायती राज विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने पंचायत भवनों को और उपयोगी बनाने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायत भवनों में साफ-सफाई, पीने के पानी, शौचालय और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध रहें। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि पंचायत सचिवालय में आने वाले लोगों को समय पर सेवाएं मिलनी चाहिए। ग्रामीणों को छोटे-छोटे काम के लिए बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ें। इसके लिए पंचायत स्तर पर डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने पर भी जोर दिया गया।

गांवों में कचरा प्रबंधन की बनेगी नई व्यवस्था
बैठक में पंचायत भवनों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में सूखा और गीला कचरा अलग रखने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए। प्लास्टिक कचरे के अलग बंटवारे पर भी जोर दिया गया। इसके लिए विशेषज्ञों की मदद से पंचायत स्तर पर कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया। सरकार चाहती है कि गांवों में भी साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन को लेकर व्यवस्थित व्यवस्था विकसित हो, ताकि ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ माहौल बनाया जा सके।
बाल विवाह और महिला हिंसा रोकने में पंचायतों की होगी बड़ी भूमिका
सीएम हेमंत सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि पंचायतों को सिर्फ विकास योजनाओं तक सीमित नहीं रखा जाए। पंचायत प्रतिनिधि गांवों में बाल विवाह रोकने, महिला हिंसा के खिलाफ जागरूकता फैलाने और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने का काम भी करें। उन्होंने पंचायत सचिवालय के प्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने का निर्देश दिया, ताकि वे लोगों की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझ सकें और योजनाओं का सही लाभ दिला सकें।
महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर
सीएम हेमंत सोरेन ने ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की बात भी कही। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर ऐसे कार्यक्रम चलाए जाएं, जिनसे ग्रामीण महिलाओं और युवाओं की आय बढ़ सके और गांवों में रोजगार के नए अवसर बनें। सरकार पंचायतों में जनभागीदारी बढ़ाने की भी तैयारी कर रही है, ताकि विकास योजनाओं में लोगों की सीधी भागीदारी हो।
ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता पर सीएम सख्त
ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ कहा कि सिर्फ सड़क बनाना काफी नहीं है, उसकी गुणवत्ता भी अच्छी होनी चाहिए। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि गांवों तक बेहतर सड़क पहुंचने से आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं। किसानों, छात्रों और मरीजों को भी इसका सीधा फायदा मिलता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सड़क निर्माण कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग की जाए।
बरहेट पंचायत सचिवालय से सीधे जुड़े मुख्यमंत्री
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने झारखंड मंत्रालय से ऑनलाइन माध्यम से बरहेट पंचायत सचिवालय में चल रहे कामों की जानकारी ली। उन्होंने वहां मौजूद महिला लाभुक से बातचीत भी की और उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान विभागीय सचिवों ने मुख्यमंत्री को विभिन्न भवनों, परिसंपत्तियों, मरम्मत और नवीनीकरण कार्यों की जानकारी दी। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से भी संचालित योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
ये रहे मौजूद
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव मनोज कुमार समेत कई आला अधिकारी मौजूद रहे।
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