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Patna : वीर विनायक दामोदर सावरकर की 143वीं जयंती के मौके पर बिहार की राजनीति और शिक्षा को लेकर सीएम सम्राट चौधरी ने कई बड़ी घोषणाएं कीं। बिहार विधान परिषद के उप भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वीर सावरकर के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी और उनके जीवन पर आधारित पुस्तक “वीर सावरकर की जीवनी” का विमोचन किया। इस पुस्तक को अजय कुमार सिन्हा और संजय कुमार सिन्हा ने लिखा है। कार्यक्रम के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वीर सावरकर को दी गई श्रद्धांजलि का वीडियो भी दिखाया गया। पूरे समारोह में राष्ट्रवाद, इतिहास और बिहार के विकास को लेकर कई बड़े संदेश दिए गए।
युवाओं को सावरकर से जोड़ने की तैयारी
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि लंबे समय तक देश के कई स्वतंत्रता सेनानियों को इतिहास में वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कहा कि आज देश का बच्चा-बच्चा वीर सावरकर के त्याग और संघर्ष को जानता है। उन्होंने कहा कि सावरकर ने अंडमान की जेल में 27 साल तक अमानवीय यातनाएं झेलीं, लेकिन कभी देशभक्ति से पीछे नहीं हटे। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि बिहार के युवाओं को प्रेरित करने के लिए राज्य में वीर सावरकर के जीवन और विचारों पर रिसर्च कराया जाएगा। इसके लिए सरकार अलग रूपरेखा तैयार करेगी।
हर प्रखंड में खुलेगा सरस्वती विद्या निकेतन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शिक्षा को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि बिहार को फिर से ज्ञान और शिक्षा की धरती बनाने का समय आ गया है। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य के सभी 534 प्रखंडों में मॉडल स्कूल के रूप में सरस्वती विद्या निकेतन खोले जाएंगे। उनका दावा था कि इन स्कूलों की पढ़ाई और सुविधाएं इतनी बेहतर होंगी कि लोग बड़े कॉन्वेंट स्कूल छोड़कर यहां अपने बच्चों का दाखिला कराएंगे। उन्होंने कहा कि बिहार नालंदा और विक्रमशिला जैसी ऐतिहासिक शिक्षण परंपराओं की धरती रही है और सरकार उसी गौरव को वापस लाने की दिशा में काम कर रही है।

सरकारी ठेकों में बिहार वालों को प्राथमिकता
सीएम सम्राट चौधरी ने राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि बिहार का कुल बजट 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये का है, जबकि राज्य का अपना राजस्व करीब 60 हजार करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि बिहार में ज्यादा निवेश आए और उद्योग लगें। इसके लिए जरूरत पड़ने पर नीतियों में बदलाव भी किया जाएगा। सीएम सम्राट चौधरी ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब 50 करोड़ रुपये तक के सरकारी ठेके केवल बिहार के लोगों को ही दिए जाएंगे। उनका कहना था कि इससे बिहार का पैसा बिहार में रहेगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।
सरकारी खर्च पर विदेश यात्रा बंद
सीएम सम्राट चौधरी ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर भी नया फैसला बताया। उन्होंने कहा कि अब कोई सरकारी कर्मचारी सरकारी खर्च पर विदेश यात्रा नहीं करेगा। इसके बजाय अधिकारियों और कर्मचारियों को बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों से जोड़ने के लिए राज्य भ्रमण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि मगही, अंगिका, मिथिला और भोजपुरी संस्कृति को समझना ज्यादा जरूरी है।
भ्रष्टाचारियों को दी सख्त चेतावनी
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भ्रष्टाचार और अपराध पर भी सख्त रुख दिखाया। उन्होंने साफ कहा कि बिहार में भ्रष्टाचार और अपराध को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि गलत तरीके से कमाई करने वालों और भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के लिए बेऊर जेल के दरवाजे खुले हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों की कोई जाति या धर्म नहीं होता। सरकार की प्राथमिकता राज्य में कानून व्यवस्था मजबूत करना और आम लोगों को सुरक्षित माहौल देना है।
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