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Amroha (UP) : अमरोहा के एक छोटे से गांव में सोमवार की शाम आम दिनों जैसी नहीं थी। वहां सन्नाटा तो था, लेकिन उस सन्नाटे में एक मासूम की चीखें और पुलिस के बूटों की आहट दबी हुई थी। 8 साल की एक बच्ची के साथ हुई हैवानियत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया, जिसके बाद यूपी पुलिस का वो रूप देखने को मिला जिससे अपराधी थर-थर कांपते हैं। महज 5 घंटे के भीतर इंसाफ का वो ‘बुलडोजर मॉडल’ सड़क पर उतरा, जिसने संदेही गुनहगार के घर को मलबे में तब्दील कर दिया।
खेलती हुई बच्ची और बैलगाड़ी वाली हैवानियत
शाम का वक्त था, गांव की गलियों में बच्चे खेल रहे थे। 8 साल की एक मासूम भी अपने घर के बाहर बेफिक्र होकर खेल रही थी। तभी वहां गांव का ही 20 साल का युवक फरमान अली अपनी बैलगाड़ी लेकर पहुंचा। उसने बच्ची को अपनी बातों के जाल में फंसाया और उसे बैलगाड़ी पर बैठाकर गांव के बाहर खेतों की तरफ ले गया। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि बैलगाड़ी पर सवार वो युवक किसी दरिंदे से कम नहीं था। सुनसान खेत में ले जाकर उसने मासूम के साथ दरिंदगी की और जब उसका मन भर गया, तो बच्ची को लहूलुहान हालत में तड़पता हुआ छोड़कर वहां से फरार हो गया।
जब खून से सने कपड़ों में घर लौटी मासूम
कुछ देर बाद जब वह बच्ची रोती-बिलखती और लड़खड़ाते कदमों से अपने घर पहुंची, तो उसे देख मां-बाप के पैरों तले जमीन खिसक गई। बच्ची के कपड़े खून से सने थे और वह बुरी तरह सहमी हुई थी। सिसकियों के बीच जब उसने फरमान अली का नाम लिया, तो घरवालों का गुस्सा उबाल पर आ गया। वे तुरंत थाने पहुंचे और पुलिस को पूरी बात बताई। पुलिस ने भी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक पल की देरी नहीं की और फौरन आरोपी के घर पर दबिश दी।
5 घंटे की मोहलत और खाकी का अल्टीमेटम
पुलिस जब फरमान के घर पहुंची, तो वहां ताला लटका मिला। आरोपी के घरवाले उसे बचाने की कोशिश कर रहे थे और खुद भी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। इस पर पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया। एसपी लखन सिंह यादव और एएसपी अखिलेश भदौरिया भारी फोर्स के साथ गांव में डट गए। पुलिस ने आरोपी के परिवार को साफ संदेश भिजवाया कि अगर 5 घंटे के भीतर फरमान ने सरेंडर नहीं किया, तो अंजाम बहुत बुरा होगा। ये 5 घंटे अपराधी के लिए आखिरी चेतावनी थे। पुलिस की टीमें गांव में गश्त कर रही थीं और गांव वालों की सांसें अटकी हुई थीं कि अब आगे क्या होगा।
रात 8 बजे का सन्नाटा और गरजता बुलडोजर
अल्टीमेटम का वक्त पूरा हुआ, लेकिन फरमान सामने नहीं आया। इसके बाद शुरू हुआ पुलिस का ‘एक्शन प्लान’। रात के करीब 8 बज रहे थे, जब गांव की अंधेरी सड़क पर पीली लाइटें चमकती हुई नजर आईं। ये पुलिस की गाड़ियों के साथ आ रहा प्रशासन का बुलडोजर (जेसीबी) था। राजस्व विभाग ने तुरंत आरोपी के मकान की पैमाइश की, जिसमें एक कमरा और बाथरूम अवैध पाया गया। 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने घेरा बनाया और देखते ही देखते बुलडोजर के पंजे ने फरमान अली के घर के अवैध हिस्से को ढहाना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, जिस बैलगाड़ी का इस्तेमाल उसने मासूम को ले जाने के लिए किया था, पुलिस ने उस ठेले को भी चकनाचूर कर दिया।
अपराधियों के लिए सीधा और कड़ा संदेश
गांव के लोग छतों और मुंडेरों पर खड़े होकर इस कार्रवाई को चुपचाप देख रहे थे। एएसपी अखिलेश भदौरिया ने साफ कर दिया कि ऐसे घिनौने अपराधियों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि आरोपी को पकड़ने के लिए 4 टीमें लगी हैं और वह पाताल से भी ढूंढ निकाला जाएगा।
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