अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna/Munger : बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित फर्जीवाड़ा, प्रतिरूपण और जालसाजी के मामले में पटना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पटना पुलिस की विशेष टीम ने मुंगेर पुलिस के सहयोग से जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 15 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपितों को पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पटना ले जाया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, भर्ती परीक्षा में धांधली से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में कई अहम जानकारियां मिली हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
दो अलग-अलग मामलों की जांच के दौरान मिले सुराग
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई सचिवालय थाना कांड संख्या 160/25 और गर्दनीबाग थाना कांड संख्या 76/25 के तहत दर्ज मामलों में की गई है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला था कि कुछ अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों से परीक्षा दिलाई गई थी। साथ ही फर्जी दस्तावेजों के जरिए भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश भी की गई थी। इन मामलों में नाम आने के बाद कई आरोपी फरार चल रहे थे। उनकी तलाश में पटना पुलिस की टीम मुंगेर पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की गई।
बरियारपुर, शामपुर और सफियासराय क्षेत्र से गिरफ्तारियां
पुलिस ने बरियारपुर थाना क्षेत्र के काजीचक रतनपुर निवासी राजा बाबू को गिरफ्तार किया। वहीं शामपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर निवासी रौशन कुमार, लोहची निवासी सत्यम कुमार और शिवपुर लौंगाय निवासी गोपाल कुमार को भी पकड़ा गया। इसके अलावा सफियासराय थाना क्षेत्र के महमदपुर फरदा निवासी छोटू कुमार और वरुण कुमार, बांक फरदा निवासी रंजन कुमार तथा कासिम बाजार थाना क्षेत्र के नवटोलिया निवासी सुधीर कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन सभी लोगों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि परीक्षा में धांधली की योजना कैसे बनाई गई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
तारापुर अनुमंडल में भी पुलिस की बड़ी कार्रवाई
तारापुर अनुमंडल क्षेत्र में भी पुलिस ने एक साथ कई जगहों पर कार्रवाई की। संग्रामपुर थाना क्षेत्र के ददरीजाला निवासी सन्नू कुमार को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा हरपुर थाना क्षेत्र के बलराम कुमार और मिथुन कुमार, तारापुर थाना क्षेत्र के काजीचक मिल्की निवासी राहुल कुमार, मोहंगंज निवासी सुभाष पासवान तथा महापुर निवासी रामजीवन कुमार तांती को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस का मानना है कि ये सभी आरोपी किसी न किसी रूप में भर्ती परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी से जुड़े हुए हैं।
पूरे गिरोह तक पहुंचने की कोशिश
मुंगेर के एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि पटना में दर्ज दोनों मामलों के फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पटना पुलिस की टीम मुंगेर आई थी। स्थानीय पुलिस के सहयोग से सभी 15 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे खेल के पीछे कौन लोग सक्रिय थे, किस तरह अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों को परीक्षा में बैठाया गया और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कैसे किया गया।
जल्द हो सकते हैं और बड़े खुलासे
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर कई अहम सुराग मिले हैं। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी हैं। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं तथा भर्ती परीक्षा में धांधली से जुड़े बड़े चेहरों की भूमिका भी सामने आ सकती है। फिलहाल सभी आरोपितों से पूछताछ जारी है और पुलिस पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
इसे भी पढ़ें : तेज हवा, काले बादल और झमाझम बारिश… बिहार में गर्मी से मिली राहत

