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Patna : बिहार में प्राकृतिक संपदा, वन्यजीव संरक्षण और ऊर्जा सुरक्षा को एक नया आयाम देने के लिए राज्य सरकार ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। बिहार राज्य वन्यप्राणी पर्षद की 15वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने राज्य में आर्थिक गतिविधियों, रोजगार और हरित निवेश को गति देने के लिए अधिकारियों को कई कड़े और समयबद्ध निर्देश जारी किए हैं।
दुर्गावती पंप भंडारण परियोजना में तेजी लाने का हुक्म
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु 2600 मेगावाट की महत्वाकांक्षी दुर्गावती पंप भंडारण परियोजना रहा। सीएम सम्राट चौधरी ने इस परियोजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में बिहार की संभावनाओं को वास्तविकता में बदलने के लिए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण है। इससे न केवल राज्य की ऊर्जा निर्भरता मजबूत होगी, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल स्वच्छ ऊर्जा का बड़ा ढांचा भी खड़ा होगा।
पीपीपी मॉडल से बदलेगी पर्यटन की तस्वीर
राज्य में पर्यटन और ईको टूरिज्म के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सीएम सम्राट चौधरी ने सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल अपनाने पर जोर दिया। इसके तहत पर्यटन स्थलों पर व्यावसायिक गतिविधियों को योजनाबद्ध और सुव्यवस्थित तरीके से विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही होटल, रेस्टोरेंट, कैफेटेरिया और अन्य नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके अलावा पहाड़ी और वनीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग, भ्रमण और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसमें पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में बिहार राज्य वन्यप्राणी पर्षद की 15वीं बैठक की अध्यक्षता कर वन्यजीव संरक्षण, ईको टूरिज्म एवं हरित विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों की समीक्षा की।
बैठक में 2600 मेगावाट क्षमता वाली दुर्गावती पंप भंडारण परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन,… pic.twitter.com/PkeKgTgzlQ
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) July 26, 2026
रोहतास और दुर्गावती क्षेत्र बनेगा ईको टूरिज्म का केंद्र
सीएम सम्राट चौधरी ने रोहतास और दुर्गावती के विस्तृत प्राकृतिक और वनीय क्षेत्र में ईको टूरिज्म के सर्वांगीण विकास के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बांधों के आसपास के जल निकायों और पहाड़ियों को केंद्र में रखकर बुनियादी सुविधाएं जुटाई जाएंगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बनेंगे और निजी निवेशकों को राज्य में आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
केसरिया स्तूप के कायाकल्प के लिए साझा प्रयास
विश्व के सबसे ऊंचे और ऐतिहासिक बौद्ध स्तूपों में शामिल केसरिया स्तूप के समग्र संवर्द्धन के लिए सीएम सम्राट चौधरी ने एक बड़ा निर्देश दिया। उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और राज्य के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को आपसी समन्वय से संयुक्त रूप से काम करने को कहा। इस साझेदारी का उद्देश्य ऐतिहासिक विरासत और आसपास के प्राकृतिक परिवेश का संरक्षण करते हुए केसरिया स्तूप को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करना है।
माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी की अध्यक्षता में आज लोक सेवक सचिवालय स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित बिहार राज्य वन्यप्राणी परिषद की 15वीं बैठक में वन्यजीव संरक्षण, इको-टूरिज्म और हरित विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों की समीक्षा की गई।@samrat4bjp pic.twitter.com/V2pIgAatKf
— IPRD Bihar (@IPRDBihar) July 26, 2026
संरक्षण और विकास का संतुलन ही प्राथमिकता
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि बिहार प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से एक समृद्ध राज्य है। सरकार का मुख्य ध्येय प्राकृतिक धरोहरों और वन्यजीवों का संरक्षण करते हुए राज्य में टिकाऊ विकास को गति देना है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से बिहार में स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और राज्य पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा।
बैठक में मौजूद रहे कई वरिष्ठ चेहरे
इस अहम बैठक में पर्यावरण एवं वन मंत्री के साथ-साथ कई स्थानीय विधायक और राज्य के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। पर्यावरण विभाग के अपर मुख्य सचिव ने पर्षद के समक्ष रखे गए विभिन्न प्रस्तावों की विस्तार से जानकारी दी। इनके अलावा इस बैठक में पर्यावरण एवं वन मंत्री डॉ. रामचन्द्र प्रसाद, विधायक शालिनी मिश्रा, विधायक वीरेन्द्र सिंह, विधायक बाबू लाल शौर्य, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग के सचिव संदीप कुमार आर. पुडुकलकट्टी, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरविंदर सिंह, मत्स्य पालन निदेशक तुषार सिंगला, पशुपालन निदेशक उज्ज्वल कुमार सिंह और पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक नंदकिशोर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। पर्षद के अन्य सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े रहे।
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