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Jamui : बिहार के जमुई जिले के खैरा बाजार में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूली छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर दी, हाइवा में तोड़फोड़ की और बाद में थाने पहुंचकर भी जमकर हंगामा किया। हालात को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मृत छात्रा की पहचान खैरा थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव निवासी मुस्कान कुमारी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मुस्कान रोज की तरह गुरुवार सुबह साइकिल से खैरा बाजार स्थित एक कोचिंग संस्थान पढ़ने जा रही थी। इसी दौरान खैरा पंचमंदिर के पास पीछे से आ रही बालू लदी तेज रफ्तार हाइवा ने उसे टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही हो गई मौत
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हाइवा की रफ्तार काफी तेज थी। टक्कर लगते ही मुस्कान सड़क पर गिर गई और वाहन के पहिए की चपेट में आ गई। हादसा इतना भयावह था कि गंभीर चोटों के कारण उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जुट गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
चालक जान बचाने के लिए घर में छिपा
स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के बाद हाइवा चालक को पकड़ने की कोशिश की गई, लेकिन वह मौके से भागकर पास के एक घर में जाकर छिप गया। चालक के भागने की खबर मिलते ही लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। लोगों का कहना था कि अगर वाहन की रफ्तार नियंत्रित होती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।
हाइवा में तोड़फोड़, सड़क पर लगाया जाम
हादसे से नाराज लोगों ने हाइवा के शीशे तोड़ दिए और सड़क पर बांस-बल्ला लगाकर आवागमन पूरी तरह रोक दिया। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई यात्रियों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी। प्रदर्शन कर रहे लोग दोषी चालक की तत्काल गिरफ्तारी और मृत छात्रा के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। लोगों का कहना था कि बाजार क्षेत्र में भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर रोक लगाने के लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए।
पुलिस और प्रशासन ने लोगों को समझाने की कोशिश की
घटना की सूचना मिलते ही खैरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को शांत कराने और जाम हटाने की कोशिश की, लेकिन परिजन और ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों से बातचीत की। काफी देर तक समझाने-बुझाने का दौर चलता रहा। इसके बाद स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आई।
भारी वाहनों की रफ्तार पर फिर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि खैरा बाजार और आसपास के इलाकों में बालू लदे भारी वाहन अक्सर तेज रफ्तार से गुजरते हैं। कई बार इसकी शिकायत भी की गई है, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बाजार क्षेत्र में स्पीड कंट्रोल की व्यवस्था की जाए, ट्रैफिक निगरानी बढ़ाई जाए और भारी वाहनों के संचालन को लेकर सख्त नियम लागू किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
थाने पहुंचा लोगों का गुस्सा, पथराव की भी चर्चा
सड़क जाम के बाद आक्रोशित भीड़ खैरा थाना पहुंच गई। वहां भी लोगों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान पुलिस पर पथराव किए जाने की भी सूचना सामने आई है। बताया जा रहा है कि भीड़ के उग्र होने पर पुलिसकर्मियों को पीछे हटना पड़ा। कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि हालात बिगड़ने पर पुलिस ने हवाई फायरिंग भी की। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। वहीं मुस्कान की मौत से उसके परिवार और गांव में मातम पसरा हुआ है। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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