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Ranchi : रात गहरा चुकी थी। ज्यादातर लोग अपने घरों में आराम कर रहे थे, लेकिन शहर की सड़कों पर पुलिस की गाड़ियां दौड़ रही थीं। कहीं बैरिकेडिंग लगी थी, तो कहीं पुलिसकर्मी हर गुजरने वाले वाहन को रोककर जांच कर रहे थे। राजधानी रांची में अपराध पर लगाम लगाने और सड़क हादसों को रोकने के लिए देर रात एक बार फिर पुलिस सड़क पर उतरी। एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर जिले भर में चलाए जा रहे एंटी-क्राइम और ड्रिंक एंड ड्राइव अभियान के तहत अरगोड़ा थाना क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाया गया। हटिया डीएसपी नीरज कुमार के नेतृत्व और अरगोड़ा थाना प्रभारी अनिल तिवारी की अगुवाई में चले इस अभियान के दौरान पुलिस ने कई जगहों पर वाहनों की जांच की और देर रात घूम रहे लोगों से भी पूछताछ की।
रात में क्यों बढ़ जाती है पुलिस की सतर्कता
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्रिमिनल्स क्राइम के लिए रात का वक्त चुनते है। चोरी, लूट, छिनतई और सड़क हादसों की कई घटनाएं देर रात सामने आती हैं। ऐसे में पुलिस की कोशिश रहती है कि अपराधियों को किसी भी तरह की छूट न मिले और आम लोगों को सुरक्षित माहौल मिल सके। इसी सोच के साथ पुलिस की टीम रात में सड़कों पर उतरी और आने-जाने वाले वाहनों की बारीकी से जांच शुरू कर दी। कई वाहन चालकों को पहले तो लगा कि यह सामान्य जांच है, लेकिन जब दस्तावेजों के साथ ब्रेथ एनालाइजर से भी जांच शुरू हुई तो लोगों को अभियान की गंभीरता का अंदाजा हुआ।
शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर खास नजर
अभियान के दौरान पुलिस का सबसे ज्यादा फोकस उन लोगों पर था जो शराब पीकर वाहन चलाते हैं। पुलिसकर्मियों ने ब्रेथ एनालाइजर मशीन के जरिए चालकों की जांच की। जिन लोगों पर नशे में वाहन चलाने का संदेह हुआ, उनकी मौके पर ही जांच की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शराब के नशे में वाहन चलाना केवल कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह खुद की और दूसरों की जान को भी खतरे में डालने जैसा है। कई गंभीर सड़क हादसों के पीछे नशे में ड्राइविंग एक बड़ी वजह बनती है।
दस्तावेजों की भी हुई पड़ताल
जांच अभियान के दौरान पुलिस ने वाहनों के रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा और अन्य जरूरी कागजात की भी जांच की। जिन वाहन चालकों के दस्तावेज अधूरे मिले या नियमों का उल्लंघन पाया गया, उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस का मानना है कि नियमित जांच से लोगों में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ती है और यातायात नियमों का पालन करने की प्रवृत्ति भी मजबूत होती है।
संदिग्ध गतिविधियों पर भी रही नजर
यह अभियान सिर्फ ट्रैफिक नियमों तक सीमित नहीं था। पुलिस की नजर उन लोगों पर भी थी जो देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते मिले। कई वाहनों की तलाशी ली गई और संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की गई। अधिकारियों का कहना है कि एंटी-क्राइम चेकिंग का मकसद केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध होने से पहले ही उसे रोकना है। इसी वजह से रात के समय विशेष निगरानी रखी जा रही है।
सुरक्षित शहर बनाने की कोशिश
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें, शराब पीकर वाहन न चलाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। रांची पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा और बेहतर कानून-व्यवस्था केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें आम लोगों का सहयोग भी उतना ही जरूरी है। यही वजह है कि शहर को सुरक्षित बनाने के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं।
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