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Chaibasa : जब इश्क में हवस का रंग चढ़ता है, तो इंसानियत का कफन ओढ़ना तय हो जाता है। झारखंड के चाईबासा में रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली दास्तान सामने आई है। जहां एक चाचा की नीयत अपने ही सगे भतीजे की बीवी पर डोल गई। बंद कमरों में पनपे इस नाजायज इश्क के आड़े जब पति दीवार बनने लगा, तो रास्ते से कांटा हटाने के लिए एक ऐसा खौफनाक खेल खेला गया, जिसकी पटकथा सुनकर ही पुलिस के भी रोंगटे खड़े हो गए।
मंझारी थाना क्षेत्र का शांत सा गांव कुंदरूगुटु… रविवार की सुबह गांव के मासूम बच्चे हंसते-खेलते तालाब में नहाने पहुंचे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि पानी की सतह के नीचे मौत तैर रही है। अचानक एक बच्चे की नजर पानी में तैरती एक लाश पर पड़ी। चीख-पुकार मची और देखते ही देखते पूरा गांव तालाब के किनारे जुट गया। जब पानी से लाश बाहर निकाली गई, तो मंजर देखकर कलेजा कांप उठा… दोनों हाथ रस्सी से कसकर बंधे हुए, धारदार हथियार से रेता हुआ गला और पेट-सिर पर गहरे जख्मों के निशान। मृतक की पहचान गांव के ही 26 साल के लक्ष्मण बिरूवा के रूप में हुई।
रोटी कमाने परदेस गया था पति, पीछे से चाचा रच रहा था साजिश
कहानी की शुरुआत होती है लक्ष्मण की रोजी-रोटी की मजबूरी से। लक्ष्मण बाहर रहकर मजदूरी करता था ताकि परिवार का पेट पाल सके। घर में उसकी नई-नवेली दूसरी पत्नी अकेली रहती थी। पहली पत्नी से अनबन के बाद एक साल पहले ही लक्ष्मण ने दूसरी शादी की थी। उसे क्या पता था कि जिस चाचा गंगाराम के भरोसे वह अपना घर छोड़ जा रहा है, वही उसकी जिंदगी में काल बनकर मंडरा रहा है।
करीब एक महीने पहले चाचा गंगाराम और भतीजे की पत्नी के बीच आंखें लड़ गईं। बंद दरवाजों के पीछे शुरू हुआ यह अफेयर जल्द ही सनक में बदल गया। गंगाराम की नीयत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने इससे पहले अपनी सगी भाभी (लक्ष्मण की मां) से भी शादी कर ली थी। इस बार उसकी हवस का शिकार उसकी अपनी बहू बन चुकी थी।
गुरुवार को हुई ‘रिहर्सल’, शुक्रवार को जाल में फंसा शिकार
इश्क जब खुमार बनकर चढ़ा, तो लक्ष्मण दोनों की राह का सबसे बड़ा रोड़ा बन गया। गुरुवार की शाम लक्ष्मण जब घर पर था, तो पत्नी और चाचा गंगाराम ने मिलकर मामूली बात पर उससे जमकर मारपीट की। अगले दिन यानी शुक्रवार को खूनी प्लान का दूसरा हिस्सा शुरू हुआ। चाचा गंगाराम गांव के ही एक लड़के शारदा बिरूवा को साथ लेकर बाइक से लक्ष्मण के पास पहुंचा। मीठी-मीठी बातों में फंसाकर लक्ष्मण को बाइक पर बीच में बैठाया गया। लक्ष्मण को लगा कि चाचा के साथ ही तो जा रहा है, लेकिन उसे क्या मालूम था कि वह अपनी जिंदगी के आखिरी सफर पर निकल चुका है। इसके बाद लक्ष्मण कभी जिंदा लौटकर घर नहीं आया।
कत्ल के बाद सबूत मिटाने की कोशिश, हाथ बांधकर तालाब में फेंकी लाश
शुक्रवार की रात सन्नाटे में वारदात को अंजाम दिया गया। दरिंदों ने पहले लक्ष्मण के दोनों हाथ कसकर बांध दिए ताकि वह कड़ा मुकाबला न कर सके। इसके बाद तेजधार हथियार से बर्बरता से उसका गला रेत दिया गया। जब इससे भी मन नहीं भरा तो सिर और पेट पर ताबड़तोड़ वार किए गए। जब लक्ष्मण ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया, तो साक्ष्य छुपाने के इरादे से उसकी लाश को तालाब के गहरे पानी में डुबो दिया गया।
दो दिन तक परिजन लक्ष्मण की तलाश में भटकते रहे, और उधर कातिल बेफिक्र होकर घूमते रहे। लेकिन रविवार की सुबह तालाब से तैरती लाश ने इस खूनी राज पर से पर्दा उठा दिया।
गांव में पुलिस का छापा, आरोपी चाचा का आपराधिक इतिहास
घटना के बाद पूरे कुंदरूगुटु गांव में मातम और गुस्सा है। सूचना मिलते ही मंझारी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस युवक शारदा बिरूवा को दबोच लिया है, जिसकी बाइक पर बैठकर लक्ष्मण आखिरी बार गया था। उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। वहीं, खूनी वारदात को अंजाम देकर आरोपी चाचा गंगाराम और मृतक की पत्नी गांव छोड़कर रफूचक्कर हो चुके हैं। पुलिस की कई टीमें दोनों की तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी चाचा गंगाराम कोई सीधा-साधा इंसान नहीं है, वह पहले भी एक कत्ल के मामले में जेल की सलाखों के पीछे जा चुका है।
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