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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ के कुजू के चपरी काजू बागान स्थित बंद भूमिगत माइंस में जहरीली गैस की चपेट में आकर चार युवकों की मौत के बाद आखिरकार प्रशासन और सीसीएल प्रबंधन हरकत में आ गया है। सोमवार को संयुक्त अभियान चलाकर बंद खदान क्षेत्र में संचालित दो अवैध कोयला खनन मुहानों को बुलडोजर से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध खनन करने वालों में हड़कंप मच गया है।
चार मौतों ने झकझोर दिया था पूरा इलाका
कुछ दिन पहले बंद माइंस के भीतर जहरीली गैस के रिसाव से चार युवकों की दर्दनाक मौत हो गई थी। रोजी-रोटी की तलाश में बंद खदान में घुसे इन युवकों को शायद अंदाजा भी नहीं था कि अंदर मौत उनका इंतजार कर रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल था। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए थे। इस दर्दनाक हादसे ने यह भी उजागर कर दिया कि बंद घोषित खदानों में अब भी अवैध रूप से कोयला निकालने का काम जारी है, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
संयुक्त अभियान चलाकर बंद किए गए अवैध मुहाने
हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सीसीएल प्रबंधन के साथ मिलकर विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान बंद खदान क्षेत्र में मौजूद दो अवैध खनन मुहानों की पहचान की गई और भारी मशीनों की मदद से उन्हें पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। बुलडोजर की सहायता से खदान के प्रवेश मार्गों को मिट्टी और मलबे से भर दिया गया ताकि भविष्य में कोई व्यक्ति वहां प्रवेश न कर सके। अधिकारियों ने मौके पर ही सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की।
इन विभागों की टीम रही मौजूद
इस कार्रवाई में सीसीएल सुरक्षा विभाग, सिरका-अरगड्डा क्षेत्रीय प्रबंधन, माइनिंग विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम शामिल रही। अधिकारियों की मौजूदगी में पूरे अभियान को अंजाम दिया गया। कार्रवाई के दौरान वन विभाग के इंस्पेक्टर रोपना साहू, उमेश, जितेंद्र, ओवरमैन संतोष कुमार सिंह, वन विभाग के सुरेंद्र कुमार कर्मी समेत होमगार्ड के जवान भी मौजूद रहे। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
बंद खदानों में प्रवेश करना पड़ सकता है भारी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बंद खदान क्षेत्रों में अवैध रूप से प्रवेश करना और कोयला निकालना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। ऐसे क्षेत्रों में जहरीली गैस, जमीन धंसने और ऑक्सीजन की कमी जैसी गंभीर खतरे हमेशा बने रहते हैं। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे इलाकों की नियमित निगरानी की जाएगी और अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर
चार युवकों की मौत के बाद शुरू हुई यह कार्रवाई केवल अवैध खनन रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि बंद खदान क्षेत्रों को सुरक्षित बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रशासन और सीसीएल प्रबंधन का कहना है कि जनसुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाकर जोखिम को कम किया जाएगा।
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