Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Saturday, 7 November, 2026 • 01:37 am
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » ढलती उम्र और धुंधली होती उम्मीदें को मिला ‘कानून’ का भरोसा… जानें
Headlines

ढलती उम्र और धुंधली होती उम्मीदें को मिला ‘कानून’ का भरोसा… जानें

June 15, 2026No Comments5 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

auto
IPRD_ERO_000293/26-27

auto

Ranchi : कभी जिन हाथों ने अपने बच्चों को उंगली पकड़कर चलना सिखाया था, आज उन्हीं हाथों में झुर्रियां हैं, आंखों की रोशनी भी पहले जैसी नहीं रही और कदमों की रफ्तार भी धीमी पड़ गई है। उम्र के इस पड़ाव पर हर किसी को अपनेपन, सम्मान और सहारे की जरूरत होती है। लेकिन जिंदगी की हकीकत यह भी है कि कई बुजुर्ग ऐसे हैं, जिनकी दुनिया अब वृद्धाश्रम की चारदीवारी तक सिमट चुकी है। सोमवार को नगड़ी के कुलगु स्थित ओल्ड एज होम में कुछ ऐसा ही भावुक माहौल देखने को मिला। यहां जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की ओर से आयोजित विधिक जागरूकता कार्यक्रम में जब न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 पहुंचे, तो यह सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं रहा। यह उन बुजुर्गों के लिए एक ऐसा पल बन गया, जब उन्हें लगा कि कोई उनकी बात सुनने, उनका हाल पूछने और उनका दर्द समझने आया है।

अकेलेपन के बीच मिला अपनापन

वृद्धाश्रम में रहने वाले कई बुजुर्गों की अपनी-अपनी कहानियां हैं। कोई परिवार से दूर है, तो किसी के अपने अब इस दुनिया में नहीं रहे। कुछ ऐसे भी हैं, जिनके बच्चे अपने जीवन में इतने व्यस्त हो गए कि माता-पिता के लिए समय ही नहीं बचा। ऐसे माहौल में जब न्यायायुक्त बुजुर्गों के बीच पहुंचे और उनके साथ बैठकर बातचीत करने लगे, तो कई चेहरे खिल उठे। कुछ बुजुर्गों ने अपने पुराने दिनों को याद किया, तो कुछ ने अपनी तकलीफें साझा कीं। वहां मौजूद लोगों ने महसूस किया कि लंबे समय बाद किसी ने उनके मन की बात सुनने की कोशिश की है।

“आप अकेले नहीं हैं”

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 ने कहा कि बुजुर्ग समाज की धरोहर हैं और उनका सम्मान हर हाल में सुरक्षित रहना चाहिए। उन्होंने कहा, “जागरूक होंगे बुजुर्ग हमारे, कानून खड़ा है उनके द्वारे।” उनकी यह बात वहां मौजूद बुजुर्गों के लिए किसी भरोसे से कम नहीं थी। उन्होंने बताया कि आज कानून और न्याय व्यवस्था सिर्फ अदालतों तक सीमित नहीं है। अगर कोई बुजुर्ग आर्थिक तंगी, बीमारी या शारीरिक कमजोरी के कारण अदालत नहीं पहुंच सकता, तो कानूनी सहायता उसके घर तक पहुंचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि किसी भी बुजुर्ग को यह महसूस करने की जरूरत नहीं है कि उसकी सुनने वाला कोई नहीं है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार और नालसा की योजनाएं उनके अधिकारों की रक्षा के लिए काम कर रही हैं।

कानून की जानकारी से बढ़ा आत्मविश्वास

कार्यक्रम में बुजुर्गों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया गया। माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम 2007 के तहत मिलने वाले अधिकारों की जानकारी दी गई। अक्सर देखा जाता है कि कई बुजुर्ग अपने अधिकारों से अनजान रहते हैं और चुपचाप तकलीफ सहते रहते हैं। ऐसे में यह कार्यक्रम उनके लिए जागरूकता का माध्यम बना। उन्हें बताया गया कि यदि कोई समस्या है तो कानूनी सहायता पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है।

वृद्धाश्रम का भी लिया जायजा

न्यायायुक्त ने कार्यक्रम के बाद वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया। उन्होंने किचन, अटल क्लिनिक और अन्य सुविधाओं को देखा। वहां रहने वाले बुजुर्गों को समय पर दवाएं और स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं, इसकी जानकारी ली। उनका फोकस सिर्फ कार्यक्रम तक सीमित नहीं था, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी था कि यहां रहने वाले बुजुर्गों को बेहतर जीवन मिल सके।

साथ बैठकर खाया खाना, बना दिया उस पल को खास

दिन का सबसे भावुक और यादगार क्षण तब आया, जब न्यायायुक्त ने बुजुर्गों के साथ बैठकर भोजन किया। इस दौरान कोई औपचारिकता नहीं थी। बातचीत थी, मुस्कान थी और एक ऐसा अपनापन था जो अक्सर ऐसे स्थानों पर कम देखने को मिलता है। कई बुजुर्गों ने खुलकर अपनी बातें साझा कीं। किसी ने अपने बच्चों की याद का जिक्र किया तो किसी ने अपने पुराने जीवन की बातें बताईं। माहौल ऐसा था जैसे परिवार के बीच बैठकर बातचीत हो रही हो।

योजनाओं की जानकारी भी दी गई

डालसा सचिव राकेश रौशन ने बुजुर्गों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अटल अभ्युदय योजना के तहत बुजुर्गों को आश्रय, भोजन और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। वहीं राष्ट्रीय वयोश्री योजना के माध्यम से जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, चश्मा, कृत्रिम दांत और चलने की छड़ी जैसे सहायक उपकरण मुफ्त दिए जाते हैं।

सिर्फ कार्यक्रम नहीं, एक संदेश भी

कुलगु वृद्धाश्रम में आयोजित यह कार्यक्रम कई मायनों में अलग रहा। यहां सिर्फ कानून की बातें नहीं हुईं, बल्कि यह संदेश भी दिया गया कि बुजुर्गों को दया नहीं, सम्मान चाहिए। उन्हें सहानुभूति नहीं, अपनेपन का एहसास चाहिए। जब कार्यक्रम समाप्त हुआ और अधिकारी वापस लौटने लगे, तब कई बुजुर्गों के चेहरे पर संतोष साफ दिखाई दे रहा था। शायद इसलिए क्योंकि उस दिन उन्हें यह महसूस हुआ कि भले ही जिंदगी ने उन्हें वृद्धाश्रम तक पहुंचा दिया हो, लेकिन उनका सम्मान, उनके अधिकार और उनकी गरिमा आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी कभी थी।

इसे भी पढ़ें : रांची को फोरलेन सड़क, पलामू को 947 करोड़ की सौगात, हेमंत कैबिनेट के 23 बड़े फैसले… जानें

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleदुनिया में बढ़ी भारतीय सामान की मांग, मई में निर्यात 45.2 अरब डॉलर के पार
Next Article मौ’त के मुहानों पर चला बुलडोजर, अवैध खनन के दो अड्डे ध्वस्त

Related Posts

बिहार

हवा में झूलते शीशे पर अब चलेंगे नन्हे कदम, राजगीर ग्लास ब्रिज पर लगी रोक हटी

November 6, 2026
बिहार

सीएम सम्राट ने मंत्री कुमार शैलेंद्र के पिता को दी श्रद्धांजलि, परिजनों का बंधाया ढांढस

November 6, 2026
Headlines

पंचायत सरकार भवनों के निर्माण में लाएं तेजी, ठेकेदारों की तय हो जवाबदेही : सीएम सम्राट

November 6, 2026
Advertisement
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

हवा में झूलते शीशे पर अब चलेंगे नन्हे कदम, राजगीर ग्लास ब्रिज पर लगी रोक हटी

November 6, 2026

सीएम सम्राट ने मंत्री कुमार शैलेंद्र के पिता को दी श्रद्धांजलि, परिजनों का बंधाया ढांढस

November 6, 2026

पंचायत सरकार भवनों के निर्माण में लाएं तेजी, ठेकेदारों की तय हो जवाबदेही : सीएम सम्राट

November 6, 2026

बॉर्डर से लेकर पंचायत तक महातैयारी, छठ पर घर लौटने वालों का कुछ ऐसे स्वागत करेगा बिहार

November 6, 2026

परदेस से लौटने वालों को मिले सुरक्षित और स्वच्छ बिहार, त्योहारों में कोताही नहीं : सीएम

November 6, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.