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Ranchi : “नशा किसी एक व्यक्ति की समस्या नहीं है। यह पूरे परिवार को संकट में डाल देता है और समाज की जड़ों को कमजोर करता है।” सीएम हेमंत सोरेन ने सोमवार को कुछ इसी चिंता के साथ झारखंड में नशा मुक्त अभियान की शुरुआत की। झारखंड मंत्रालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने राज्यव्यापी जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया और प्रचार-प्रसार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया। सीएम हेमंत सोरेन ने साफ शब्दों में कहा कि नशीले और मादक पदार्थों का बढ़ता इस्तेमाल सिर्फ स्वास्थ्य के लिए खतरा नहीं है, बल्कि यह समाज और राज्य की प्रगति के रास्ते में भी बड़ी बाधा बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

“नशा शरीर, दिमाग और जिंदगी तीनों को बर्बाद करता है”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि नशा धीरे-धीरे इंसान को अंदर से खोखला कर देता है। इसकी शुरुआत भले ही छोटी लगती हो, लेकिन इसके परिणाम बेहद खतरनाक होते हैं। उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के शरीर को बीमार बनाती है, उसकी सोचने-समझने की क्षमता पर असर डालती है और आर्थिक रूप से भी उसे कमजोर कर देती है। इसका असर घर-परिवार पर पड़ता है और कई बार परिवार टूटने की नौबत तक आ जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई युवा नशे की चपेट में आता है तो सिर्फ उसका भविष्य ही नहीं, बल्कि उसके परिवार की उम्मीदें भी प्रभावित होती हैं।

युवाओं को बचाना सबसे बड़ी चुनौती
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि आज सबसे ज्यादा जरूरत युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने की है। उन्होंने कहा कि युवा राज्य की ताकत हैं और अगर यही पीढ़ी नशे में उलझ जाएगी तो समाज का विकास प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि युवा शिक्षा, खेल, रोजगार और सकारात्मक गतिविधियों में अपनी ऊर्जा लगाएं। इसी सोच के साथ यह अभियान शुरू किया गया है ताकि युवाओं को समय रहते जागरूक किया जा सके।
गांव-गांव तक पहुंचेगा जागरूकता अभियान
सीएम हेमंत सोरेन ने जिन प्रचार वाहनों को रवाना किया, वे राज्य के विभिन्न जिलों में जाकर लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करेंगे। इन वाहनों के माध्यम से लोगों को बताया जाएगा कि नशे की लत कैसे लगती है, इसके क्या दुष्प्रभाव हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है। सरकार की कोशिश है कि यह संदेश सिर्फ शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों और दूरदराज के इलाकों तक भी पहुंचे। अभियान के दौरान युवाओं, छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों को जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

नशे के कारोबार पर भी जारी है कार्रवाई
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि एक ओर सरकार जागरूकता अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसी भी कीमत पर नशे के कारोबार को बढ़ावा देने वालों को बख्शने वाली नहीं है। पुलिस और प्रशासन को ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
“समाज साथ आएगा तो झारखंड नशा मुक्त बनेगा”
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि नशा मुक्त झारखंड का सपना तभी पूरा होगा, जब समाज का हर वर्ग इसमें अपनी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि माता-पिता, शिक्षक, सामाजिक संगठन और आम नागरिक मिलकर युवाओं को सही दिशा दिखाएं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे खुद भी नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके नुकसान के बारे में बताएं। जागरूक समाज ही इस बुराई को जड़ से खत्म कर सकता है।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, डीजीपी तदाशा मिश्रा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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