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Khunti : खूंटी जिले के ग्रामीण इलाकों में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन हाथियों के झुंड गांवों में घुसकर किसानों की फसल और संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ताजा मामला कर्रा प्रखंड के चिद्दी गांव के कोन्हप्पा टोला का है, जहां शनिवार तड़के हाथियों के झुंड ने किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया। जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब तीन बजे हाथियों का एक झुंड गांव में पहुंच गया। उस समय अधिकांश ग्रामीण अपने घरों में सो रहे थे। गांव के कुत्ते लगातार भौंकने लगे, जिससे लोगों को कुछ अनहोनी की आशंका हुई। ग्रामीणों ने अंदाजा लगा लिया कि हाथी गांव के आसपास पहुंच चुके हैं। हालांकि हाथियों के डर से कोई भी व्यक्ति घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
सड़क किनारे रखा धान बना हाथियों का निशाना
ग्रामीणों ने बताया कि किसान लक्ष्मण उरांव ने अपना धान सड़क किनारे रखा हुआ था। गांव में घुसे हाथियों के झुंड की नजर धान के ढेर पर पड़ गई। इसके बाद हाथियों ने धान खाना शुरू कर दिया और काफी देर तक वहां डटे रहे। सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो नजारा देखकर हैरान रह गए। सड़क किनारे रखा धान पूरी तरह बिखरा पड़ा था। किसानों के मुताबिक हाथियों ने करीब पांच क्विंटल धान खा लिया, जबकि बाकी धान को रौंदकर बर्बाद कर दिया। इस घटना से किसान लक्ष्मण उरांव को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है।

हाथियों के डर से सहमे ग्रामीण
घटना के बाद पूरे गांव में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ गई है। शाम ढलते ही लोगों में भय बना रहता है कि कहीं हाथी फिर से गांव में न घुस जाएं। खासकर किसान अपनी फसल और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के कारण खेती-किसानी पर भी असर पड़ रहा है। कई बार हाथी खेतों में घुसकर फसलें बर्बाद कर देते हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
वन विभाग से सुरक्षा और मुआवजे की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि हाथी प्रभावित गांवों में नियमित गश्ती व्यवस्था होनी चाहिए ताकि समय रहते लोगों को सतर्क किया जा सके। ग्रामीणों ने गांवों में बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने, हाथियों की गतिविधियों की समय पर सूचना देने और आबादी वाले क्षेत्रों से हाथियों को दूर रखने के लिए टॉर्च, पटाखा समेत अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही प्रभावित किसान लक्ष्मण उरांव को उचित मुआवजा देने और हाथी प्रभावित इलाकों में विशेष निगरानी अभियान चलाने की भी मांग उठाई है।
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