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Chatra : चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के हडगड़ी जंगल में पुलिस और अपहरणकर्ताओं के बीच हुए एनकाउंटर के बाद छह ग्रामीणों की जान बच गई। खुद को MCC का सदस्य बताकर ग्रामीणों का अपहरण करने वाले अपराधियों ने जब पुलिस टीम को जंगल में अपनी ओर बढ़ते देखा तो फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला। इसके बाद अपराधियों में भगदड़ मच गई और वे सभी बंधकों को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकले। पुलिस ने पीछा कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि छहों अपहृत ग्रामीणों को सकुशल बरामद कर लिया गया।
फिरौती के लिए किया गया था अपहरण
जानकारी के अनुसार, 18 जून की रात करीब 10:30 बजे हथियारबंद अपराधियों का एक समूह सिमरिया क्षेत्र के तेलियाडीह और गोवदा गांव पहुंचा। अपराधियों ने छह ग्रामीणों को जबरन अपने कब्जे में लिया और उन्हें हडगड़ी जंगल की ओर ले गए। इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने ग्रामीणों के परिजनों को फोन किया। फोन पर उन्होंने खुद को MCC का सदस्य बताते हुए एक लाख रुपये की फिरौती मांगी। साथ ही चेतावनी दी कि पैसे नहीं मिलने पर बंधकों को जान से मार दिया जाएगा। इस धमकी के बाद परिजनों में हड़कंप मच गया और पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही चतरा पुलिस सक्रिय हो गई। एसपी के निर्देश पर सिमरिया एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम रात में ही जंगल की ओर रवाना हुई और अपहृत ग्रामीणों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस को सूचना मिली थी कि अपराधी हडगड़ी जंगल के भीतर किसी स्थान पर ग्रामीणों को बंधक बनाकर रखे हुए हैं। इसी आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
जंगल में आमना-सामना होते ही शुरू हुई फायरिंग
पुलिस टीम जब जंगल के भीतर अपराधियों के ठिकाने के करीब पहुंची तो अपराधियों को इसकी भनक लग गई। खुद को घिरता देख उन्होंने पुलिस पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी के बाद पुलिस जवानों ने भी मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग की। कुछ देर तक जंगल में दोनों तरफ से गोलियां चलती रहीं। पुलिस का दबाव बढ़ता देख अपराधियों के हौसले टूट गए। उन्हें समझ आ गया कि अब बच निकलना आसान नहीं होगा।
बंधकों को छोड़कर भागे अपराधी
मुठभेड़ के दौरान जब पुलिस लगातार आगे बढ़ती रही तो अपराधियों ने बंधक बनाए गए सभी छह ग्रामीणों को वहीं छोड़ दिया और जंगल का फायदा उठाकर भागने लगे। हालांकि पुलिस टीम ने तुरंत उनका पीछा किया। भागदौड़ के बीच पांच आरोपियों को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई के साथ ही पुलिस ने सभी अपहृत ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इन लोगों का हुआ रेस्क्यू
पुलिस ने जिन लोगों को सुरक्षित छुड़ाया है उनमें विनोद साव, महेन्द्र साव, संतोष साव, प्रदीप साव, बिन्दु देवी और सोनी देवी शामिल हैं। ग्रामीणों के सकुशल मिलने की खबर जैसे ही गांव पहुंची, परिजनों ने राहत की सांस ली। कई परिवार पूरी रात चिंता में डूबे रहे थे।
दो आरोपियों की पहचान हुई
पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों में रमेश कुमार गंझू और सतीश कुमार गंझू की पहचान हुई है। दोनों टंडवा थाना क्षेत्र के हेसातु गांव के लेम्बोडीह टोला के निवासी बताए जा रहे हैं। अन्य पकड़े गए आरोपियों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अपहरण की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा अपराधियों का नेटवर्क कितना बड़ा है।
हथियार और लूटे गए मोबाइल बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से तीन देशी भराठी बंदूक, पिस्टल जैसा दिखने वाला एक लाइटर, एक बड़ा चाकू, लूटे गए तीन मोबाइल फोन, अपराधियों का एक मोबाइल और एक जोड़ी चप्पल बरामद की है। बरामद सामान को जब्त कर लिया गया है और पुलिस तकनीकी जांच के जरिए फरार आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने जंगल और आसपास के क्षेत्रों में सर्च अभियान तेज कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि फरार अपराधियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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