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Patna : झारखंड के लातेहार की रहने वाली दो सगी बहनों के साथ बिहार के पटना में ऐसी दरिंदगी की गयी कि जिसने में जाना-सुना… रूह कांप गया। महज 8,000 रुपये के चंद नोटों का लालच देकर उन्हें एक प्रोग्राम के लिए बुक किया गया था, लेकिन वह सौदा उनकी जिंदगी के सबसे भयानक दुःस्वप्न में बदल गया। दोनों बहनें डांसर थीं। वे पटना के मीठापुर इलाके में एक किराए का कमरा लेकर रहती थीं। शादियों और तिलक जैसे मांगलिक समारोहों में डांस स्टेज शो करके जो भी पैसे मिलते, उससे वे अपना और अपने परिवार का पेट पालती थीं। 18 जून की तारीख उनके लिए एक आम कामकाजी दिन की तरह शुरू हुई थी। भेलुरा रामपुर के रहने वाले मुन्ना कुमार नाम के एक शख्स ने उनसे संपर्क किया। उसने नौबतपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में आयोजित तिलक समारोह में डांस परफॉर्मेंस के लिए दोनों बहनों को 8,000 रुपये में बुक किया। दोनों बहनें अपने काम के लिए तैयार होकर निकलीं, लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि वे किसी स्टेज पर नहीं, बल्कि सीधे भेड़ियों के जाल में कदम रखने जा रही हैं।
रातभर बंधक और 10 लोगों की हैवानियत
इल्जाम है कि मुन्ना कुमार, उसका चचेरा भाई सूरज कुमार और भानु कुमार उन्हें कार्यक्रम स्थल पर ले जाने के बहाने गाड़ी में बैठाकर निकले। लेकिन रास्ते में अचानक गाड़ी का रुख बदल गया। लड़कियों के विरोध करने पर आरोपियों ने उन्हें डराना-धमकाना शुरू कर दिया। वे दोनों बहनों को किसी अंजान और सुनसान जगह पर ले गए। वहां दोनों सगी बहनों को अलग-अलग कमरों में बंद कर दिया गया। इसके बाद शुरू हुआ हैवानियत का वह खौफनाक खेल, जिसे सोचकर भी रोंगटे खड़े हो जाएं। इल्जाम है कि करीब 10 युवकों ने दोनों बहनों को बंधक बनाकर रातभर उनके साथ दरिंदगी की। जब लड़कियों ने खुद को बचाने की कोशिश की, तो उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। पिस्तौल और जान से मारने की धमकी के दम पर उन्हें पूरी रात चीखने तक नहीं दिया गया।
बीच सड़क पर चीखें और जांबाज फरारी
पूरी रात डर और हैवानियत सहने के बाद, शुक्रवार की सुबह आई। आरोपियों को लगा कि लड़कियां बुरी तरह डर चुकी हैं और अब कुछ नहीं बोलेंगी। वे दोनों बहनों को एक गाड़ी में बैठाकर वापस छोड़ने के लिए निकले। लेकिन उन दोनों बहनों के भीतर का हौसला अभी मरा नहीं था। जैसे ही गाड़ी फुलवारीशरीफ इलाके के व्यस्त बाजार के पास पहुंची, दोनों बहनों ने बिना अपनी जान की परवाह किए गाड़ी की खिड़की से बाहर की तरफ जोर-जोर से चिल्लाना और मदद मांगना शुरू कर दिया। सड़क पर जा रहे लोगों ने जब लड़कियों की चीखें सुनीं और गाड़ी के भीतर की हलचल देखी, तो उन्हें माजरा समझते देर न लगी। भीड़ ने तुरंत गाड़ी को घेरने की कोशिश की और मौके पर ही ‘डायल-112’ पुलिस को फोन घुमा दिया।
पुलिस का शिकंजा : एक गिरफ्त में, बाकी की तलाश
सूचना मिलते ही पुलिस की गाड़ी सायरन बजाती हुई मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पीड़िताओं को तुरंत अपने संरक्षण में लिया और सुरक्षित थाने पहुंचाया। मामला चूंकि नौबतपुर इलाके का था, इसलिए प्राथमिक कागजी कार्रवाई के बाद केस को नौबतपुर पुलिस के हवाले कर दिया गया। नौबतपुर के थाना प्रभारी मंजीत कुमार ठाकुर ने मीडिया को बताया कि पीड़ितों की लिखित शिकायत के आधार पर कुल 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप और मारपीट की संगीन धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने एक मुख्य आरोपी को धर दबोचा है, जिससे गुप्त ठिकाने पर पूछताछ की जा रही है। वहीं, इस घिनौने अपराध में शामिल बाकी के फरार आरोपियों को पाताल से भी ढूंढ निकालने के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि स्पीडी ट्रायल चलाकर इन दरिंदों को कानूनन सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।
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