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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : आमतौर पर सिविल कोर्ट परिसर को लोग न्याय और कानूनी प्रक्रियाओं से जोड़कर देखते हैं। यहां रोजाना मुकदमों की सुनवाई होती है, लोगों की समस्याओं पर कानूनी फैसले लिए जाते हैं। लेकिन शनिवार को रामगढ़ सिविल कोर्ट का माहौल कुछ अलग था। यहां कानून की बातों के साथ-साथ मानवता, सेवा और जीवन बचाने का संदेश भी गूंज रहा था। मौका था जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रामगढ़ की ओर से आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का। सिविल सर्जन कार्यालय और इंडियन रेड क्रॉस सोसाईटी के सहयोग से आयोजित इस शिविर में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, न्यायालय कर्मी, पारा लीगल वॉलंटियर्स और आम नागरिक एक ही उद्देश्य के साथ जुटे थे। उद्देश्य था रक्तदान कर किसी जरूरतमंद को जीवन देने में अपनी भागीदारी निभाना।
दीप जला, फिर शुरू हुई सेवा की पहल
कार्यक्रम की शुरुआत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार रामगढ़ मो तौफीकुल हसन ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। उद्घाटन के साथ ही सभागार में मौजूद लोगों के बीच रक्तदान को लेकर उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में मौजूद न्यायिक अधिकारियों ने भी रक्तदान को सामाजिक जिम्मेदारी बताया। उनका कहना था कि अदालतें केवल न्याय देने का काम नहीं करतीं, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक बदलाव लाने में भी अपनी भूमिका निभाती हैं।
रक्तदान को लेकर दिखा उत्साह
शिविर में जैसे-जैसे लोग पहुंचते गए, रक्तदान के लिए आगे आने वालों की संख्या बढ़ती गई। कई लोग ऐसे भी थे जो पहली बार रक्तदान कर रहे थे। रक्तदान के बाद उनके चेहरे पर संतोष साफ नजर आ रहा था। उनका कहना था कि यदि उनके द्वारा दिया गया रक्त किसी जरूरतमंद की जान बचाने में काम आता है तो इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है। न्यायालय कर्मियों और अधिवक्ताओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कई लोगों ने इसे समाज के प्रति अपनी छोटी लेकिन महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बताया।
क्यों जरूरी है रक्तदान?
विशेषज्ञों का कहना है कि दुर्घटना, ऑपरेशन, प्रसव या गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को समय पर रक्त मिलना बेहद जरूरी होता है। कई बार रक्त की कमी मरीजों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान करने वाले लोग अनजाने में ही किसी परिवार की उम्मीद बन जाते हैं। शिविर के दौरान मौजूद चिकित्सकों ने भी लोगों को बताया कि नियमित अंतराल पर रक्तदान करना पूरी तरह सुरक्षित है। इससे शरीर पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी कई जांचें भी हो जाती हैं। यही कारण है कि लोगों को समय-समय पर रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया जाता है।
डॉक्टरों और तकनीकी टीम ने संभाली जिम्मेदारी
रक्तदान शिविर को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए चिकित्सा टीम पूरे समय सक्रिय रही। सिविल सर्जन रामगढ़ अनिल कुमार के नेतृत्व में चिकित्सकों और लैब तकनीशियनों ने रक्त संग्रहण और स्वास्थ्य संबंधी सभी प्रक्रियाओं को सावधानीपूर्वक पूरा किया। रक्तदान करने पहुंचे लोगों की पहले स्वास्थ्य जांच की गई, उसके बाद ही रक्त संग्रह किया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया।
कई संस्थाओं ने मिलकर बनाया आयोजन सफल
इस आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें विभिन्न संस्थाओं और लोगों ने मिलकर योगदान दिया। इंडियन रेड क्रॉस सोसाईटी के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मुस्कुराहटें संस्था के सदस्यों ने भी शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि समाज में ऐसे आयोजन लगातार होते रहने चाहिए। इससे न केवल रक्त की उपलब्धता बढ़ती है, बल्कि लोगों के भीतर सेवा और सहयोग की भावना भी मजबूत होती है।
रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों से स्वैच्छिक रक्तदान को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि एक यूनिट रक्त कई जिंदगियों को बचाने में मददगार साबित हो सकता है। इसलिए हर स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान जरूर करना चाहिए।
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