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Patna : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर बिहार सरकार ने योग को लेकर बड़ा संकेत दिया है। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार अगले वर्ष से स्कूलों के सिलेबस में योग को शामिल करने की दिशा में कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज और विकसित बिहार के निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम है। रविवार को पटना के कंकड़बाग स्थित पाटलिपुत्र खेल परिसर में आयोजित राज्यस्तरीय योग दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने यह बात कही। इस दौरान उन्होंने स्वयं भी योगाभ्यास किया और लोगों से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।
योग भारत की सबसे बड़ी धरोहरों में से एक
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि योग भारत की सनातन ज्ञान परंपरा का अमूल्य उपहार है। यह शरीर, मन और आत्मा को एक साथ जोड़ने का काम करता है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग की जरूरत पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग को पूरी दुनिया में नई पहचान मिली है। आज विश्व के अनेक देशों में लोग योग को अपनाकर स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का प्रयास कर रहे हैं।
12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर, कंकड़बाग में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में सहभागिता कर योगाभ्यास किया।
योग भारत की सनातन ज्ञान परंपरा का अमूल्य उपहार है, जो शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का मार्ग प्रशस्त करता है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री… pic.twitter.com/uvGbANO25v
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) June 21, 2026
स्वास्थ्य मंत्री ने रखी थी पाठ्यक्रम में योग शामिल करने की मांग
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि बिहार के सभी स्कूलों और कॉलेजों में योग को सिलेबस का हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए रोजाना कम से कम आधे घंटे का योग, ध्यान और योग निद्रा सत्र होना चाहिए। निशांत कुमार ने यह भी कहा कि इसे अनिवार्य नहीं बल्कि वैकल्पिक रखा जा सकता है, ताकि छात्र अपनी इच्छा के अनुसार इसमें शामिल हो सकें। सीएम ने इस सुझाव का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार इस दिशा में गंभीरता से विचार करेगी और अगले वर्ष से इसे लागू करने की कोशिश की जाएगी।
बड़ी संख्या में लोगों ने किया सामूहिक योग
राज्य आयुष समिति और स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री, मंत्री, अधिकारी और आम लोगों ने एक साथ योगाभ्यास किया। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” रखी गई थी। कार्यक्रम में लोगों को बताया गया कि नियमित योग करने से बढ़ती उम्र में भी शरीर स्वस्थ और मन सक्रिय बना रहता है।
स्वस्थ बिहार के लिए योग को बनाएं जनआंदोलन
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि योग को केवल एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखना चाहिए। इसे रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाना जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी योग के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि जब अधिक से अधिक लोग स्वस्थ रहेंगे तो समाज मजबूत होगा और इसी से स्वस्थ, समृद्ध और विकसित बिहार का सपना साकार होगा। कार्यक्रम के दौरान सीएम ने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक “समत्वं योग उच्यते” का जिक्र करते हुए कहा कि योग व्यक्ति को संतुलन और सकारात्मक सोच की राह दिखाता है।
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