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Pakur : एक बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र… सुनने में यह सिर्फ एक सरकारी दस्तावेज लगता है, लेकिन पाकुड़ के एक परिवार के लिए यही कागज पिछले तीन महीनों से सबसे बड़ी परेशानी बन गया। कभी एक दफ्तर, कभी दूसरा कार्यालय। हर बार यही उम्मीद कि आज काम हो जाएगा। लेकिन जब हर कोशिश नाकाम रही तो आखिरकार एक चाचा ने पंचायत सेवक के सामने हाथ जोड़ दिए। बात यहीं नहीं रुकी। उन्होंने मदद की आस में पंचायत सेवक के पैर भी पकड़ लिए। इस पूरी घटना का वीडियो किसी ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। कुछ ही देर में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में जो दावा किया जा रहा है, अगर वह सही है तो यह सिर्फ एक व्यक्ति की पीड़ा नहीं बल्कि उस व्यवस्था का आईना है, जहां कई बार आम आदमी एक छोटे से सरकारी काम के लिए महीनों तक भटकता रहता है।
एक जन्म प्रमाण पत्र और तीन महीने की दौड़
वायरल वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा प्रखंड की जामजोरी पंचायत निवासी दिनेश टुडू के रूप में बताई जा रही है। दावा है कि वह अपने भतीजे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पिछले तीन महीनों से लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे। परिवार की जरूरत सिर्फ इतनी थी कि बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बन जाए, ताकि आगे स्कूल में नामांकन से लेकर दूसरी सरकारी प्रक्रियाओं में कोई परेशानी न हो। लेकिन जब बार-बार कार्यालय जाने के बाद भी काम नहीं हुआ तो दिनेश टुडू की हिम्मत जवाब देने लगी। आखिरकार उन्होंने पंचायत सेवक से गुहार लगाई और भावुक होकर उनके पैर पकड़ लिए। वीडियो में दिख रहा यह दृश्य लोगों को झकझोर रहा है। सोशल मीडिया पर कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या एक सामान्य नागरिक को अपनी बुनियादी जरूरत पूरी कराने के लिए इस हद तक मजबूर होना पड़ता है।
.@dcpakur उक्त मामले की शीघ्र जांच कर कार्रवाई करते हुए सूचित करें। https://t.co/4IX8jJutaj
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) June 29, 2026
सोशल मीडिया से सीएम तक पहुंची बात, जांच के आदेश
इस घटना को समाजसेवी ब्यूटी मंडल ने सोशल मीडिया पर साझा किया। उनकी पोस्ट तेजी से लोगों तक पहुंची और आखिरकार सीएम हेमंत सोरेन ने भी इसे देखा। सीएम हेमंत सोरेन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पाकुड़ की डीसी मेघा भारद्वाज को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए और उन्हें इसकी जानकारी दी जाए। सीएम के निर्देश के बाद अब प्रशासन सक्रिय हो गया है। उम्मीद की जा रही है कि जांच में यह साफ होगा कि वायरल वीडियो में किए गए दावे कितने सही हैं और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।
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