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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रांची से हजारीबाग जाने वाले NH-33 पर स्थित चुट्टूपालू घाटी ने बुधवार को फिर एक बड़े सड़क हादसे का दर्दनाक मंजर देखा। दोपहर के समय घाटी में अचानक ऐसी खलबली मची कि लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। तेज रफ्तार से नीचे उतर रहा एक ट्रेलर अचानक अनियंत्रित हो गया और सामने चल रहे वाहनों को एक-एक कर टक्कर मारता चला गया। कुछ ही सेकंड में सड़क पर चीख-पुकार, टूटे हुए वाहन और मदद के लिए पुकारते घायल लोग नजर आने लगे। इस भीषण हादसे में छह कार, तीन मोटरसाइकिल, दो कंटेनर और एक बस समेत कुल 12 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। 25 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें 12 से ज्यादा की हालत गंभीर बताई जा रही है। राहत की बात यह रही कि देर शाम तक किसी के मौत की सूचना नहीं मिली।

कुछ ही सेकंड में बदल गया पूरा मंजर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चुट्टूपालू घाटी में उस समय वाहनों की लंबी कतार लगी हुई थी। सभी वाहन धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में उतर रहा ट्रेलर चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। देखते ही देखते ट्रेलर ने सामने मौजूद कई वाहनों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक कार ट्रेलर और कंटेनर के बीच बुरी तरह फंस गई। कई कारों के अगले और पिछले हिस्से पूरी तरह चकनाचूर हो गए। मोटरसाइकिलें सड़क पर दूर तक घिसटती चली गईं। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
हर तरफ चीख-पुकार, लोग दौड़ पड़े मदद के लिए
दुर्घटना होते ही आसपास मौजूद लोग बिना देर किए घायलों की मदद में जुट गए। किसी ने कारों के दरवाजे तोड़कर लोगों को बाहर निकाला तो किसी ने एंबुलेंस और पुलिस को फोन किया। कई घायल वाहन के अंदर फंसे हुए थे, जिन्हें काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। घायलों को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से अलग-अलग अस्पतालों में भेजा गया। कई लोग खून से लथपथ थे और दर्द से कराह रहे थे। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि अगर राहत कार्य में थोड़ी भी देर होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, क्रेन से हटाए गए क्षतिग्रस्त वाहन
सूचना मिलते ही रामगढ़ थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नवीन प्रकाश पांडेय और सब-इंस्पेक्टर सुरेश उरांव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे। पुलिस ने सबसे पहले घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम शुरू कराया। इसके बाद क्रेन बुलाकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाने का अभियान शुरू किया गया। थानेदार नवीन प्रकाश पांडेय ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ट्रेलर के अनियंत्रित होने के बाद कई वाहन उसकी चपेट में आए। वहीं सब-इंस्पेक्टर सुरेश उरांव ने कहा कि दुर्घटना में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

घंटों लगा लंबा जाम, वन-वे कर चलाया गया ट्रैफिक
हादसे के बाद रांची से हजारीबाग जाने वाली लेन पूरी तरह जाम हो गई। वाहनों की लंबी कतार कई किलोमीटर तक लग गई। पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए दूसरी लेन से वन-वे व्यवस्था लागू की, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका। हालांकि कई घंटों तक लोगों को जाम में फंसे रहना पड़ा।
घायल चालक ने बताया कैसे बची जान
हादसे में घायल चालक समीर कुमार ने बताया कि आगे ट्रैफिक धीमा चल रहा था और सभी वाहन लाइन में थे। तभी पीछे से तेज रफ्तार में आया ट्रेलर अचानक बेकाबू हो गया और सामने के वाहनों को टक्कर मारता चला गया। उन्होंने बताया कि हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। उनकी जान स्थानीय लोगों और पुलिस की तेजी से की गई मदद की वजह से बच सकी।
फिर उठे चुट्टूपालू घाटी की सुरक्षा पर सवाल
चुट्टूपालू घाटी में पहले भी कई बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं। हर बार हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठते हैं, लेकिन कुछ समय बाद मामला फिर ठंडा पड़ जाता है। इस ताजा दुर्घटना के बाद भी स्थानीय लोगों ने घाटी में ओवरस्पीडिंग रोकने, भारी वाहनों की सख्त निगरानी करने, प्रभावी चेतावनी संकेत लगाने, स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित करने और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो चुट्टूपालू घाटी आगे भी ऐसे दर्दनाक हादसों की गवाह बनती रहेगी।
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