अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Pakur (Jaydev Kumar) : कहते हैं भाई-बहन का रिश्ता दुनिया के सबसे पवित्र और भरोसेमंद धागों से बंधा होता है। एक बहन के लिए उसका भाई उसका सबसे बड़ा ढाल और रखवाला होता है। लेकिन झारखंड के पाकुड़ से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली कहानी सामने आई है, जिसने इस भरोसे की धज्जियां उड़ा दी हैं। यहाँ एक सगे भाई ने अपनी ही नाबालिग छोटी बहन की जिंदगी को दो साल तक नरक बनाए रखा। जब पीड़िता के सब्र का बांध टूटा, तो एक ऐसा सच सामने आया जिसे सुनकर पूरे इलाके के लोग सन्न रह गए।
बंद कमरे का वो खौफनाक सच
यह दर्दनाक कहानी नगर थाना क्षेत्र के एक गाँव की है। पीड़िता नाबालिग है और माता-पिता के न होने या दूर रहने की वजह से अपने शादीशुदा भाई के भरोसे ही रह रही थी। उसे क्या पता था कि जिस भाई की कलाई पर वह हर साल रक्षाबंधन का धागा बांधती है, वही उसका सबसे बड़ा भक्षक बन जाएगा। पिछले दो सालों से वह भाई अपनी ही मासूम बहन का यौन शोषण कर रहा था। बहन जब भी रोती, गिड़गिड़ाती या विरोध करती, तो भाई उसे जान से मारने या समाज में बदनाम करने की धमकी देकर चुप करा देता था। लोक-लाज और भाई के खौफ के मारे वह बच्ची दो साल तक घुट-घुटकर जीती रही और आंसुओं के घूंट पीती रही।
जब चीखें दीवारों से बाहर आईं
कहते हैं कि जुल्म की भी एक इम्तिहान होती है। बुधवार को भी भाई ने जब उसके साथ दरिंदगी करने की कोशिश की, तो इस बार उस नाबालिग बहन के भीतर की आत्मसम्मान की आग भड़क उठी। उसने पूरी ताकत से अपने भाई का विरोध किया। इस विरोध से बौखलाए भाई का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने अपनी सगी बहन को बेरहमी से पीटा, उसका सामान घर से बाहर फेंक दिया और उसे हमेशा के लिए घर से निकाल दिया। वह भाई यह भूल गया कि बाहर कड़कड़ाती धूप और समाज की नजरें थीं, और उसकी बहन के पास अब खोने के लिए कुछ नहीं बचा था।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, मुखिया ने संभाला मोर्चा
घर से बेघर होने के बाद पीड़िता रोती-बिलखती पड़ोसियों और ग्रामीणों के पास पहुंची। जब उसने रोते हुए अपनी दो साल की आपबीती सुनाई, तो सुनने वालों के पैरों तले जमीन खिसक गई। गाँव के लोगों का खून खौल उठा। ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए आरोपी भाई को घेरा, उसे रस्सी से बांधा और उसके इस गुनाह के लिए उसकी जमकर धुनाई कर दी। गांव में माहौल बिगड़ता देख पंचायत के मुखिया तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि भीड़ का गुस्सा कानून हाथ में ले रहा है, तो उन्होंने सूझबूझ दिखाई। मुखिया ने उग्र भीड़ के चंगुल से आरोपी को छुड़ाया और तुरंत नगर थाने की पुलिस को फोन घुमा दिया।
अब इंसाफ की चौखट पर कानून की दस्तक
सूचना मिलते ही नगर थाने की पुलिस दलबल के साथ गांव पहुंची और लहूलुहान हालत में आरोपी भाई को हिरासत में लेकर थाने आई। SDPO कुमार गौरव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस मामले को लेकर बेहद गंभीर है। फिलहाल, पुलिस उस सहमी हुई पीड़िता को भरोसा दे रही है और उसका बयान दर्ज कर रही है। पीड़िता के बयान के आधार पर सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आरोपी भाई को जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। पुलिस दोनों का मेडिकल टेस्ट करा रही है ताकि कोर्ट में आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।
इसे भी पढ़ें : छुट्टी पर घर आये फौजी को होटल में लोहे के पाइप और बेल्ट से पी’टा

