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Ranchi : सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। रांची की नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) ने साल 2025-26 की अपनी वार्षिक पुरस्कार योजना के तहत सीसीएल को प्रथम पुरस्कार से नवाजा है। यह सम्मान कंपनी को अपने दफ्तरों में राजभाषा हिन्दी का बेहतरीन और असरदार इस्तेमाल करने के साथ-साथ हिन्दी से जुड़ी तमाम गतिविधियों को शानदार तरीके से आयोजित करने के लिए दिया गया है। यह पुरस्कार साफ तौर पर दिखाता है कि सीसीएल सरकारी कामकाज में हिन्दी को आगे बढ़ाने के लिए कितनी गंभीरता से काम कर रही है।
एक गरिमामय समारोह में मिला सम्मान
यह अवॉर्ड रांची के सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिज़ाइन इंस्टिट्यूट (सीएमपीडीआई) में आयोजित एक खास कार्यक्रम के दौरान दिया गया। समारोह में सीएमडीआई के निदेशक (तकनीकी/सीआरडी) श्री नृपेन्द्र नाथ ने अपने हाथों से सीसीएल के महाप्रबंधक (राजभाषा) श्री अशोक कुमार को यह पुरस्कार सौंपा। इस खास मौके पर गृह मंत्रालय के पूर्वी क्षेत्र के उप-निदेशक (राजभाषा) श्री विचित्रसेन गुप्त भी बतौर पर्यवेक्षक मौजूद थे। उन्होंने अपने संबोधन में हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए सीसीएल की तरफ से किए जा रहे प्रयासों की जमकर तारीफ की। कार्यक्रम के दौरान सीसीएल के उप-प्रबंधक (राजभाषा) डॉ. दिविक दिवेश भी उपस्थित रहे।
बेहतर टीम वर्क और कुशल नेतृत्व का नतीजा
सीसीएल की इस कामयाबी के पीछे कंपनी के आला अधिकारियों की सोच और पूरी टीम की मेहनत है। यह मुकाम सीएमडी श्री निलेन्दु कुमार सिंह के बेहतरीन नेतृत्व और निदेशक (मानव संसाधन) श्री हर्ष नाथ मिश्र के लगातार मिल रहे मार्गदर्शन की वजह से हासिल हुआ है। कंपनी ने केवल कागजों पर ही नहीं, बल्कि जमीन पर भी राजभाषा नीति को लागू किया है। इसके लिए कर्मचारियों और अफसरों को हिन्दी में काम करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। साथ ही तकनीकी और प्रशासनिक कामकाज में भी हिन्दी का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। नए-नए तरीकों से हिन्दी को काम का हिस्सा बनाकर सीसीएल ने दूसरे सरकारी उपक्रमों के बीच अपनी एक अलग और मजबूत पहचान बनाई है।
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