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Pakur (Jaydev Kumar) : कहते हैं कि अगर हौसलों में उड़ान हो, तो छोटे शहरों के तंग मैदान भी आसमान जैसे लगने लगते हैं। कुछ ऐसी ही कहानी पाकुड़ के रहने वाले युवा क्रिकेटर प्रियांशु कुमार की है। सुबह की पहली किरण के साथ जब पाकुड़ सोकर उठ रहा होता है, तब प्रियांशु पिच पर पसीना बहा रहे होते हैं। आज उनकी इसी लगन ने पूरे पाकुड़ जिले का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। प्रियांशु का चयन अंडर-19 राज्य स्तरीय क्रिकेट टीम के ट्रेनिंग कैंप के लिए हुआ है। इस खबर के आते ही मानो पाकुड़ के खेल गलियारों में दीवाली का जश्न शुरू हो गया है।
जिला प्रशासन की पारखी नजर और बीजीआर का साथ
प्रियांशु की इस कामयाबी के पीछे सिर्फ उनकी मेहनत नहीं, बल्कि एक सही मार्गदर्शन भी है। वह जिला प्रशासन और बीजीआर माइनिंग इंफ्रा लिमिटेड के साझा प्रयास से चल रहे क्रिकेट ट्रेनिंग सेंटर के तराशे हुए हीरा हैं। यह सेंटर पाकुड़ के उन बच्चों के सपनों को पंख दे रहा है, जो पैसों की कमी या सही साधनों के अभाव में पीछे छूट जाते थे। प्रियांशु इससे पहले बीसीसीआई की विजय मर्चेंट ट्रॉफी में झारखंड की अंडर-16 टीम के लिए भी खेल चुके हैं, यानी उनकी प्रतिभा की चमक पहले भी राज्य स्तर पर देखी जा चुकी है।

जब डीसी साहिबा ने थमाई ‘सपनों की किट’
इस बड़ी उपलब्धि के बाद पाकुड़ की डीसी मेघा भारद्वाज ने प्रियांशु को अपने दफ्तर बुलाया। जब एक आम परिवार का लड़का डीसी ऑफिस पहुंचा, तो वहां का नजारा बेहद भावुक और प्रेरणा देने वाला था। डीसी मेघा भारद्वाज ने खुद आगे बढ़कर प्रियांशु को एक चमचमाती हुई खेल किट सौंपी। किट्स के बैग को हाथ में लेते ही प्रियांशु की आंखों में एक अलग सी चमक थी। डीसी ने प्रियांशु के कंधे पर हाथ रखकर बड़े ही अपनेपन से कहा, “मेहनत, अनुशासन और लगातार अभ्यास ही सफलता की चाबी हैं।” उन्होंने भरोसा जताया कि प्रियांशु एक दिन न सिर्फ पाकुड़ का, बल्कि पूरे झारखंड का नाम देश-दुनिया में चमकाएंगे।
पर्दे के पीछे के हीरो… कोच रणबीर सिंह रानू
किसी भी खिलाड़ी की कामयाबी के पीछे एक गुरु का हाथ होता है, जो हर धूप-छांव में उसके साथ खड़ा रहता है। इस मौके पर प्रियांशु के कोच रणबीर सिंह रानू को कैसे भूला जा सकता था? जिला प्रशासन ने कोच रणबीर सिंह को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उपायुक्त ने उनकी पीठ थपथपाते हुए कहा कि जमीन से जुड़े खिलाड़ियों को ढूंढकर उन्हें राष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना एक बड़ी देशभक्ति है। वहीं, जिला खेल पदाधिकारी ने भी प्रियांशु से हाथ मिलाया और कहा, “बस खुद पर भरोसा रखना और रांची में जाकर मैदान पर आग लगा देना!”

अगला स्टेशन- रांची का रण
अब प्रियांशु के सामने एक बड़ी चुनौती है और एक बड़ा मौका भी। 5 जुलाई से 18 जुलाई तक रांची में राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर (ट्रेनिंग कैंप) लगने जा रहा है। पाकुड़ की मिट्टी से निकलकर प्रियांशु अब रांची के उस मैदान पर उतरेंगे, जहां कभी महेंद्र सिंह धोनी ने अपने करियर की शुरुआत की थी। 13 दिनों के इस कैंप में झारखंड के कोने-कोने से आए बेहतरीन खिलाड़ी अपनी किस्मत आजमाएंगे। प्रियांशु को उम्मीद है कि वह इस कैंप में अपनी बेहतरीन परफॉर्मेंस के दम पर मुख्य टीम में जगह बनाएंगे। पाकुड़ की दुआएं और डीसी साहिबा की दी हुई वह खेल किट अब प्रियांशु के साथ रांची के सफर पर रवाना होने के लिए तैयार हैं।
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