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New Delhi : झारखंड सरकार ने राज्य में टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सीएम हेमंत सोरेन की अगुवाई में नई दिल्ली और रांची में दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों के साथ ‘बिजनेस-टू-गवर्नमेंट’ (B2G) बैठकें हुई हैं। इन बैठकों का मुख्य मकसद झारखंड को डिजिटल और तकनीकी विकास के मामले में देश का अग्रणी राज्य बनाना है। सीएम हेमंत सोरेन ने इस मौके पर कहा कि राज्य सरकार शासन व्यवस्था में सुधार लाने और तकनीकी नवाचारों को अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने भरोसा जताया कि झारखंड अपनी पारंपरिक सूझबूझ और आधुनिक तकनीक के मेल से विकास का एक नया मॉडल तैयार करेगा।
गूगल सिखाएगा शिक्षकों को AI के गुर
गूगल के प्रतिनिधि लोकेश लोहिया के साथ हुई बातचीत में कई अहम फैसले लिए गए। गूगल ने प्रस्ताव दिया है कि वह झारखंड के करीब 3 से 4 लाख स्कूल शिक्षकों (K-12) को तीन महीने का एआई (AI) ट्रेनिंग और सर्टिफिकेट कोर्स कराएगा। इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एआई आधारित एम्बुलेंस मैनेजमेंट और एक साझा हेल्थ प्लेटफॉर्म बनाने पर भी बात हुई। गूगल और झारखंड सरकार जल्द ही इसके लिए एक सहमति पत्र (SoI) पर दस्तखत कर सकते हैं।

माइक्रोसॉफ्ट बनाएगा डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म
माइक्रोसॉफ्ट के सीटीओ केशरी अस्थाना के साथ हुई बैठक में सरकारी कामकाज को डिजिटल और आसान बनाने पर चर्चा हुई। कंपनी एक ऐसा एआई संचालित डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म तैयार करेगी, जिससे सभी सरकारी विभागों का डेटा एक जगह जुड़ सकेगा। इससे सरकारी फैसले तेजी से और सही आंकड़ों के आधार पर लिए जा सकेंगे। साथ ही, कम कोडिंग वाले (लो-कोड) प्लेटफॉर्म की मदद से सरकारी सेवाओं को जल्दी डिजिटल किया जाएगा।
ओरेकल और एडब्ल्यूएस संभालेंगे क्लाउड और स्किलिंग
ओरेकल के सीनियर डायरेक्टर तौसीफ सिद्दीकी ने राज्य के युवाओं को डिजिटल तौर पर कुशल बनाने और क्लाउड सिस्टम को मजबूत करने की इच्छा जताई है। वहीं, अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) के सचिन पुनयानी के साथ सुरक्षित क्लाउड नेटवर्क, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) को बेहतर बनाने और शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल बदलाव लाने पर चर्चा हुई। AWS ने राज्य सरकार के लिए एक मुफ्त ‘प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट’ यानी एक डेमो मॉडल बनाने की पेशकश भी की है।

आईबीएम और सास (SaaS) देंगे सुरक्षा और पारदर्शिता पर जोर
आईबीएम के सीनियर एडवाइजर तल्लीन कुमार ने झारखंड के मुख्य उद्योगों जैसे माइनिंग (खनन), स्वास्थ्य और बैंकिंग के लिए एआई समाधान पेश किए हैं। आईबीएम भी राज्य की जरूरतों के हिसाब से मुफ्त में शुरुआती मॉडल बनाकर देगा। इसके साथ ही, सास (SaaS) आधारित चर्चाओं में इस बात पर जोर रहा कि कैसे क्लाउड और साइबर सुरक्षा के जरिए सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाई जाए और लीकेज को रोका जाए ताकि जनता तक पूरा लाभ पहुंचे।
झारखंड बनेगा नया डिजिटल हब
इस राष्ट्रीय परामर्श बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार और राज्य के अन्य सीनियर अधिकारियों ने भी कंपनियों के प्रतिनिधियों के सवालों के जवाब दिए और सुझावों पर अमल करने की बात कही। इन बैठकों से साफ है कि दुनिया की बड़ी-बड़ी टेक कंपनियां झारखंड के साथ मिलकर काम करने के लिए काफी उत्सुक हैं। झारखंड सरकार भी कौशल विकास, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई आधारित गवर्नेंस के दम पर राज्य को देश का एक प्रमुख डिजिटल और निवेश केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
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