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Ranchi : अपराध की हर बड़ी घटना के बाद सबसे पहले लोगों तक खबर पहुंचाने की जिम्मेदारी मीडिया निभाता है। लेकिन कई बार यही तेजी पुलिस की जांच के लिए मुश्किल भी खड़ी कर देती है। इसी चिंता को लेकर रांची पुलिस ने गुरुवार को मीडिया संस्थानों से खास अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी आपराधिक मामले की जांच पूरी होने से पहले उससे जुड़ी संवेदनशील और अप्रमाणित जानकारी प्रसारित करने से बचें। इससे न सिर्फ जांच प्रभावित होती है, बल्कि आरोपी भी सतर्क होकर पुलिस की कार्रवाई से बच निकलने की कोशिश कर सकते हैं।
रांची पुलिस ने साफ कहा कि वह मीडिया की स्वतंत्रता और समाज को जागरूक करने में उसकी भूमिका का पूरा सम्मान करती है। अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने में मीडिया हमेशा पुलिस का मजबूत सहयोगी रहा है। लेकिन कुछ मामलों में जांच के दौरान ऐसी जानकारियां सामने आ रही हैं, जिन्हें फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए।
जांच शुरू होते ही सामने आ जाती हैं अंदर की बातें
पुलिस के मुताबिक हाल के कुछ मामलों में यह देखा गया है कि कुछ मीडिया चैनल और समाचार पत्र चल रही जांच की बारीक जानकारी प्रसारित कर रहे हैं। इनमें पुलिस आगे क्या कार्रवाई करने वाली है, किन लोगों पर शक है, कहां छापेमारी हो सकती है और पुलिस के हाथ कौन-कौन से सबूत लगे हैं जैसी जानकारियां भी शामिल रहती हैं। पुलिस का कहना है कि इस तरह की खबरें सामने आने से पूरी जांच प्रभावित हो सकती है। कई बार पुलिस जिस दिशा में काम कर रही होती है, उसकी जानकारी सीधे आरोपियों तक पहुंच जाती है।
आरोपी हो जाते हैं सतर्क, सबूत भी हो सकते हैं गायब
रांची पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान गोपनीय जानकारी सार्वजनिक होने का सबसे बड़ा नुकसान यह होता है कि आरोपी पहले ही सतर्क हो जाते हैं। उन्हें पुलिस की रणनीति का अंदाजा लग जाता है। ऐसे में वे फरार हो सकते हैं, मोबाइल और दूसरे डिजिटल सबूत मिटा सकते हैं या फिर गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं। पुलिस का मानना है कि कई बार महीनों की मेहनत सिर्फ इसलिए बेकार हो जाती है क्योंकि जांच से जुड़ी अहम जानकारी समय से पहले बाहर आ जाती है।
गवाहों की सुरक्षा पर भी पड़ता है असर
पुलिस ने यह भी कहा कि किसी भी आपराधिक मामले में गवाह सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। यदि जांच के दौरान ऐसी सूचनाएं सार्वजनिक हो जाती हैं, जिनसे गवाहों की पहचान या जांच की दिशा का अंदाजा लगे, तो उनकी सुरक्षा पर भी खतरा पैदा हो सकता है। इससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका रहती है।
आधिकारिक जानकारी मिलती रहेगी
रांची पुलिस ने सभी प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया संस्थानों से आग्रह किया है कि जांच पूरी होने तक ऐसी किसी भी संवेदनशील जानकारी का प्रसारण न करें, जिससे पुलिस की कार्रवाई में बाधा पहुंचे। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि समय-समय पर आधिकारिक माध्यमों से प्रमाणित और सत्यापित जानकारी मीडिया को उपलब्ध कराई जाती रहेगी। पुलिस ने कहा कि अपराधियों को कानून के शिकंजे तक पहुंचाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी पुलिस और मीडिया दोनों की है। ऐसे में यदि दोनों संस्थाएं जिम्मेदारी के साथ काम करेंगी तो समाज में कानून व्यवस्था और लोगों का भरोसा दोनों मजबूत होंगे।
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