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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : कॉर्पोरेट जगत में काम करने का तरीका तेजी से बदल रहा है। ऐसे में किसी भी संस्थान की सफलता के लिए सिर्फ तकनीकी जानकारी ही काफी नहीं है, बल्कि मजबूत नेतृत्व क्षमता, बेहतर टीम प्रबंधन और सही समय पर निर्णय लेने की क्षमता भी बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए BFCL यानी बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग्स लिमिटेड की ओर से रामगढ़ में वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों के लिए विशेष लीडरशिप डेवलपमेंट सेशन का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों की नेतृत्व क्षमता को और मजबूत करना था। साथ ही, टीम को बेहतर तरीके से संभालने, कर्मचारियों के साथ प्रभावी संवाद करने और कार्यस्थल पर आने वाली चुनौतियों का तेजी से समाधान निकालने पर भी जोर दिया गया।
बदलते दौर की चुनौतियों को समझना जरूरी
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि आज के दौर में नेतृत्व की भूमिका सिर्फ निर्देश देने तक सीमित नहीं है। एक अच्छे लीडर को अपनी टीम के सदस्यों को साथ लेकर चलना होता है। टीम की समस्याओं को समझना, सही निर्णय लेना और मुश्किल परिस्थितियों में टीम का मनोबल बनाए रखना भी नेतृत्व का अहम हिस्सा है। त्र में भविष्य में कॉर्पोरेट क्षेत्र के सामने आने वाली संभावित चुनौतियों और उनसे निपटने के तरीकों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को यह समझाने की कोशिश की गई कि लगातार सीखते रहना और अपने काम करने के तरीके में समय के साथ बदलाव लाना किसी भी संगठन के लिए जरूरी है।
वीडियो केस स्टडी से समझे वास्तविक हालात
इस लीडरशिप डेवलपमेंट सेशन की खास बात यह रही कि इसे पारंपरिक तरीके से सिर्फ भाषण और लेक्चर तक सीमित नहीं रखा गया। प्रशिक्षण को ज्यादा व्यावहारिक और संवादात्मक बनाया गया। वीडियो केस स्टडी के जरिए अधिकारियों को कॉर्पोरेट जगत से जुड़े वास्तविक उदाहरण दिखाए गए। इन उदाहरणों के माध्यम से यह समझाया गया कि किसी समस्या की पहचान कैसे की जाए और उसके समाधान के लिए किस तरह सोच विकसित की जाए। अधिकारियों ने इन केस स्टडीज पर चर्चा की और अलग-अलग परिस्थितियों में संभावित समाधान पर अपने विचार भी साझा किए।
रोल-प्ले के जरिए परखी निर्णय लेने की क्षमता
प्रशिक्षण सत्र में रोल-प्ले एक्टिविटी भी कराई गई। इसके तहत अधिकारियों को कार्यस्थल से जुड़ी अलग-अलग परिस्थितियां दी गईं। इसके बाद उन्होंने उन परिस्थितियों को वास्तविक स्थिति की तरह निभाया और अपने निर्णय लेने की क्षमता का प्रदर्शन किया। इस गतिविधि के माध्यम से टीम प्रबंधन, आपसी संवाद और मुश्किल परिस्थितियों में सही फैसला लेने की क्षमता को परखा गया। अधिकारियों ने अलग-अलग भूमिकाएं निभाकर यह समझने की कोशिश की कि किसी भी समस्या का समाधान सिर्फ एक व्यक्ति के नजरिए से नहीं, बल्कि पूरी टीम के साथ मिलकर बेहतर तरीके से निकाला जा सकता है।
खुलकर हुई चर्चा, अधिकारियों ने साझा किए अनुभव
सत्र के दौरान प्रश्नोत्तर और प्रस्तुतियों के माध्यम से अधिकारियों को अपने विचार रखने का मौका भी मिला। अधिकारियों ने अपने कार्य अनुभव साझा किए और नेतृत्व से जुड़ी चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की। इस दौरान बेहतर संवाद, टीम के सदस्यों को प्रेरित करने और कार्यस्थल पर सकारात्मक माहौल बनाने जैसे विषयों पर भी बातचीत हुई। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे व्यावहारिक प्रशिक्षण से उन्हें रोजमर्रा के काम में आने वाली परिस्थितियों को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलती है।
BFCL प्रबंधन ने बताया क्षमता निर्माण का अहम हिस्सा
इस पूरे कार्यक्रम का संचालन BFCL के आंतरिक एचआर प्रशिक्षक ने किया। प्रशिक्षण को कंपनी की जरूरतों और अधिकारियों के कार्य अनुभव को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था। BFCL प्रबंधन के अनुसार, कर्मचारियों का लगातार विकास कंपनी की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अधिकारियों की क्षमताओं को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे न सिर्फ कर्मचारियों को अपने काम में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है, बल्कि कंपनी के लिए भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं की मजबूत टीम भी तैयार होती है।
कंपनी का मानना है कि किसी भी संगठन की असली ताकत उसके लोगों में होती है। इसलिए कर्मचारियों और अधिकारियों को सीखने और आगे बढ़ने के लगातार अवसर देना जरूरी है। रामगढ़ में आयोजित यह लीडरशिप डेवलपमेंट सेशन भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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