अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ के महुआटोला के लोगों ने जब सुना कि सरकार 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने जा रही है, तो कई घरों में राहत की उम्मीद जगी थी। लोगों को लगा था कि अब हर महीने बिजली का बिल कम आएगा और घर का बजट थोड़ा संभल जाएगा। लेकिन यह खुशी ज्यादा दिन नहीं टिक सकी। नए बिजली मीटर लगे और उसके बाद जब बिल घरों तक पहुंचा, तो ग्रामीणों की आंखें खुली की खुली रह गईं। किसी के हाथ में 5 हजार रुपए का बिल था तो किसी के घर 10, 20 और 30 हजार रुपए तक की रसीद पहुंची। कुछ लोगों को तो सीधे 51 हजार रुपए का बिजली बिल थमा दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इतना बिल देखकर उन्हें समझ ही नहीं आया कि आखिर उनके घर में ऐसी कौन सी बिजली खपत हो गई।
जिस घर में सामान्य खपत, वहां हजारों का बिल
भदानीनगर क्षेत्र के महुआटोला में नए मीटर लगने के बाद बिजली बिल को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती चली गई। लोगों का कहना है कि उनके घरों में न तो कोई बड़ी मशीन चलती है और न ही बिजली की खपत अचानक इतनी बढ़ी है। इसके बावजूद बिल हजारों रुपए में पहुंच गया। ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस घर में सामान्य बल्ब, पंखा, टीवी और रोजमर्रा के कुछ बिजली उपकरण ही चलते हैं, वहां अचानक इतना बड़ा बिल कैसे आ गया। कुछ परिवारों के लिए तो 5 हजार रुपए का बिल भी बड़ी रकम है। ऐसे में 51 हजार रुपए का बिल देखकर लोगों की परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
मुफ्त बिजली की उम्मीद थी, भारी बिल ने चिंता बढ़ा दी
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की 200 यूनिट मुफ्त बिजली की घोषणा से उन्हें उम्मीद थी कि बिजली का खर्च कम होगा। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह घोषणा राहत देने वाली थी। लेकिन नए मीटर लगने के बाद आए बिलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। ग्रामीणों ने कहा कि अगर बिल में कोई गलती है, तो उसका खामियाजा आम लोगों को क्यों भुगतना पड़े। लोगों का कहना था कि विभाग पहले मीटर और रीडिंग की जांच करे। इसके बाद ही बिल जारी किया जाना चाहिए।
गुस्से में JBVNL कार्यालय पहुंचे दर्जनों ग्रामीण
लगातार बढ़ती परेशानी के बाद महुआटोला के दर्जनों ग्रामीण एकजुट होकर जेबीवीएनएल कार्यालय पहुंच गए। लोगों ने वहां अपनी शिकायत रखी और गलत बिलों को लेकर विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना था कि यह केवल एक-दो घरों की समस्या नहीं है। कई परिवारों के घरों में नए मीटर लगने के बाद असामान्य बिल भेजे गए हैं। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने विभाग से मांग की कि सभी उपभोक्ताओं के मीटर और बिल की दोबारा जांच कराई जाए। जिन लोगों को गलत बिल भेजा गया है, उनके बिल में सुधार किया जाए और वास्तविक खपत के आधार पर ही राशि तय की जाए।
ग्रामीण बोले- गलती हमारी नहीं तो भुगतान का दबाव क्यों
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि आम आदमी बिजली विभाग के मीटर और बिल की तकनीकी प्रक्रिया को नहीं समझता। वह तो केवल उतनी ही बिजली का भुगतान करना चाहता है, जितनी उसने इस्तेमाल की है। लेकिन अगर मीटर या बिल तैयार करने में गड़बड़ी हुई है, तो इसका बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाना चाहिए। ग्रामीणों ने साफ कहा कि वे गलत बिल का भुगतान नहीं करेंगे। पहले विभाग जांच करे और वास्तविक स्थिति सामने लाए। इसके बाद ही सही बिल के आधार पर भुगतान किया जाएगा।
एसडीओ ने कहा- तकनीकी गड़बड़ी की जानकारी मिली है
ग्रामीणों के प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद भुरकुंडा सब स्टेशन के एसडीओ रोहितास मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी शिकायतें सुनीं। एसडीओ ने बताया कि बिजली बिलों में तकनीकी गड़बड़ी की जानकारी विभाग को पहले ही मिल चुकी है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि प्रभावित उपभोक्ताओं के बिलों की जांच कर सुधार किया जाएगा। विभाग की ओर से इस दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।
आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने समाप्त किया प्रदर्शन
एसडीओ के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि अब वे विभाग की कार्रवाई का इंतजार करेंगे। लोगों की नजर इस बात पर है कि बिलों में सुधार कब तक होता है और उन्हें वास्तविक राहत कब मिलती है। महुआटोला के लोगों के लिए यह मामला सिर्फ एक गलत बिल का नहीं है। यह उस भरोसे का भी सवाल है, जो लोगों ने सरकार की मुफ्त बिजली योजना से जोड़ा था। अब ग्रामीण चाहते हैं कि विभाग जल्द से जल्द उनकी समस्या दूर करे, ताकि राहत की उम्मीद फिर से चिंता में न बदल जाए।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
प्रदर्शन में राकेश महतो, विकास पटेल, जुगेश पटेल, दिनेश महतो, आशिक अंसारी, मेराज अंसारी, अमित महतो, राजेंद्र महतो, मोहिब अंसारी, साबिर अंसारी, जाबीर अंसारी, सादाम अंसारी, नईमुद्दीन अंसारी, अमानुल्ला अंसारी, अकबर अंसारी, इफ्तेखारुल हक, अजय महतो, माला महतो, अरुण बेदिया, जशराज महतो, गुड्डू महतो, तबरेज अंसारी, सहादत हुसैन, राजेश महतो, हाशिम अंसारी, रफीक मियां, शाहीन अंसारी, कार्तिक बेदिया, कार्तिक महतो, दीपक महतो, मो. रजाक अंसारी, आजाद अंसारी, तजमूल अंसारी, अफताब अंसारी, कुलदीप महतो, सुबर महतो, कमलेश बेदिया, मुदेश महतो, गोविंद महतो, सहवान अंसारी, आलम अंसारी, जाबार अंसारी, शब्दु निशा, सबली खातून, सीता देवी, रंजन बेदिया, संजीदा बेगम और फातिमा खातून समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे।
इसे भी पढ़ें : वीडियो केस स्टडी से रोल-प्ले तक, BFCL के लीडर्स ने सीखा नेतृत्व का नया मंत्र

