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Godda : “कानून और न्याय किसी खास वर्ग या जाति की जागीर नहीं है। यह देश के हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और हमारी सरकार की कोशिश है कि यह अधिकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।”
यह बात झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कही। वे मेहरमा प्रखंड कार्यालय परिसर में आयोजित ‘मेगा लीगल एम्पावरमेंट कैंप’ (कानूनी सशक्तीकरण शिविर) का दीप जलाकर उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित कर रही थीं। गोड्डा जिला प्रशासन और मेहरमा प्रखंड प्रशासन के सहयोग से लगे इस शिविर में हजारों की संख्या में ग्रामीण पहुंचे।
जानकारी के अभाव में हक से न रहें वंचित : मंत्री दीपिका
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने अपने भाषण में कहा कि आज भी हमारे ग्रामीण इलाकों में बहुत से लोग सिर्फ जानकारी न होने की वजह से अपने कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। ऐसे शिविरों का मकसद यही है कि आपको आपके अधिकारों की जानकारी मिले और सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा, “सरकार आपके दरवाजे तक आई है। आप अपनी जरूरत के हिसाब से योजनाओं की जानकारी लें, फॉर्म भरें और उनका लाभ उठाकर अपने पैर पर खड़े हों। सरकार का काम सिर्फ योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें पारदर्शी तरीके से आप तक पहुंचाना है।”

एक ही छत के नीचे मिलीं कई सुविधाएं
शिविर में कई विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, जहां ग्रामीणों को ऑन-द-स्पॉट सुविधाएं और कानूनी सलाह दी गई:
- अबुआ आवास में गृह प्रवेश : अबुआ आवास योजना के तहत बनकर तैयार हुए मकानों में लाभुकों का गृह प्रवेश कराया गया।
- महिलाओं को रोजगार के लिए लोन : स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए क्रेडिट लिंकेज के जरिए लोन के चेक सौंपे गए।
- साइकिल और ट्राइसाइकिल का वितरण : स्कूल जाने वाली छात्राओं को साइकिलें और दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ट्राइसाइकिल बांटी गईं।
- राशन और श्रम कार्ड : पात्र लोगों के बीच नए राशन कार्ड और श्रम कार्ड का वितरण किया गया।
- स्वास्थ्य जांच शिविर : डॉक्टरों की टीम ने शिविर में आए सैकड़ों लोगों का मुफ्त हेल्थ चेकअप किया और जरूरी दवाइयां दीं।
शिविर में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़
शिविर में सुबह से ही मेहरमा और आसपास के गांवों से लोगों का आना शुरू हो गया था। इसमें महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगों और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लोगों की भारी मौजूदगी रही। कानूनी विशेषज्ञों ने लोगों को जमीन-जायदाद, घरेलू विवाद और सरकारी अधिकारों से जुड़े मामलों पर मुफ्त सलाह दी।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री ने कहा कि जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को खत्म करने के लिए ऐसे शिविर आगे भी लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।
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