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New Delhi/Patna : बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा है कि बिहार की बिजली व्यवस्था में आया बदलाव यह साबित करता है कि मजबूत नीयत और सही नीतियों से तस्वीर पूरी तरह बदली जा सकती है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब बिहार बुनियादी बिजली संकट से जूझ रहा था, लेकिन आज राज्य ने हर घर और हर खेत तक बिजली पहुंचाने के लिए मजबूत ढांचा तैयार कर लिया है। मंत्री शैलेश कुमार नई दिल्ली के ले मेरिडियन होटल में आयोजित 19वें पर्यावरण एवं ऊर्जा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने देश-विदेश के निवेशकों को बिहार की इस विकास यात्रा में भागीदार बनने का खुला न्योता दिया और कहा कि राज्य सरकार नए निवेश के लिए हर संभव मदद देगी।
गरीबों के बिजली बिल का बोझ घटाएगी सरकार
ऊर्जा मंत्री ने सम्मेलन में राज्य सरकार की हरित ऊर्जा योजनाओं का पूरा खाका पेश किया। उन्होंने बताया कि सरकार राज्य के 2.5 लाख बीपीएल परिवारों के घरों की छतों पर 1 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाने जा रही है। इस योजना को अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का समय तय किया गया है। इसके बाद दूसरे चरण में और 2.5 लाख गरीब परिवारों को इस सुविधा से जोड़ा जाएगा। शैलेश कुमार ने जोर देकर कहा कि ऊर्जा सुरक्षा केवल एक तकनीकी लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह आम जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और राज्य के सतत विकास की बुनियाद है।
खेतों में दिन के वक्त सस्ती बिजली, 2200 फीडर पहले ही सोलर से जुड़े
किसानों की आय बढ़ाने और सिंचाई लागत घटाने के लिए कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का काम तेजी से जारी है। ऊर्जा मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में कुल 2,560 कृषि फीडरों के सौर्यीकरण की योजना है, जिसमें से लगभग 2,000 से 2,200 फीडरों का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। बाकी बचे फीडरों को भी जल्द सोलर ऊर्जा से जोड़ दिया जाएगा। इससे किसानों को दिन में सस्ती और लगातार बिजली मिलेगी और खेती में स्वच्छ ऊर्जा का दायरा बढ़ेगा।
मांग बढ़कर पहुंची 9475 मेगावाट, ढांचा लगातार हो रहा मजबूत
राज्य की बढ़ती जरूरतों पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि बिहार में बिजली की अधिकतम मांग अब 9,475 मेगावाट तक पहुंच चुकी है। इस मांग को बिना किसी रुकावट के पूरा करने के लिए नए पावर सब-स्टेशन, ग्रिड और ट्रांसमिशन लाइनों का नेटवर्क लगातार फैलाया जा रहा है। बंगाल चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में बिहार राज्य सहभागी के रूप में शामिल हुआ था। कार्यक्रम में ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के महानिदेशक कृष्ण चंद्र पाणिग्राही, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के पूर्व महानिदेशक डॉ. अजय माथुर, एनटीपीसी के कार्यकारी निदेशक विजय गोयल, जेएसडब्ल्यू एनर्जी के उपाध्यक्ष अभिषेक चटर्जी समेत बांग्लादेश, नॉर्वे और डेनमार्क के विशेषज्ञ और प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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