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Palamu : पलामू में DEO यानी जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से जुड़े छुट्टी के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई की है। क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक, पलामू प्रमंडल ने जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के क्लर्क ईश्वरी दयाल राम को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, एक अन्य क्लर्क अरुण कुमार गिरि का प्रतिनियोजन भी बदल दिया गया है। उन्हें पलामू से हटाकर क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी, रंका, गढ़वा के कार्यालय में भेजा गया है।
यह कार्रवाई 26 जुलाई को जारी दो अलग-अलग आदेशों के आधार पर की गई है। विभाग का कहना है कि पूरे मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों की जांच के बाद यह कदम उठाया गया है।
21 जुलाई को डॉक्टर ने भर्ती होने को कहा था
मामला भारती पाण्डेय से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 21 जुलाई को वे सोना नर्सिंग होम में डॉक्टर ऋषिता सिंह से जांच कराने पहुंची थीं। डॉक्टर ने जांच के दौरान Leaking P/V की शिकायत पाई। डॉक्टर ने उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती होकर इलाज और निगरानी कराने की सलाह दी थी। हालांकि, उस समय भारती पाण्डेय ने अस्पताल में भर्ती होने से मना कर दिया।
24 जुलाई को भी भर्ती होने की सलाह, फिर इनकार
इसके बाद 24 जुलाई को भी उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी गई। लेकिन इस बार भी उन्होंने भर्ती होने से इनकार कर दिया। अगले दिन यानी 25 जुलाई को जब वे फिर से सोना नर्सिंग होम पहुंचीं, तो उनकी जांच और अल्ट्रासाउंड कराया गया। जांच में गर्भस्थ शिशु मृत पाया गया। इसके बाद डॉक्टरों ने चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत मृत शिशु का प्रसव कराया।
विभाग में मातृत्व अवकाश का आवेदन नहीं मिला
विभागीय जांच में यह बात भी सामने आई कि भारती पाण्डेय ने मातृत्व अवकाश के लिए कोई आवेदन नहीं दिया था। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में शिशु देखभाल अवकाश यानी Child Care Leave के लिए आवेदन किया था। आवेदन में उन्होंने अपनी 7 साल की बेटी अदिति कुमारी की देखभाल के लिए छुट्टी मांगी थी। आवेदन के साथ दिए गए शपथ पत्र और दस्तावेजों के आधार पर जिला शिक्षा पदाधिकारी, पलामू ने 185 दिनों का शिशु देखभाल अवकाश स्वीकृत किया। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से 25 जुलाई को पत्रांक 1069 के तहत आदेश जारी किया गया था।
एक क्लर्क सस्पेंड, दूसरे का प्रतिनियोजन बदला
मामले में क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक की ओर से 26 जुलाई को कार्रवाई की गई। पत्रांक 193 के तहत लिपिक ईश्वरी दयाल राम को निलंबित कर दिया गया। वहीं, पत्रांक 194 के तहत लिपिक अरुण कुमार गिरि का प्रतिनियोजन जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, पलामू से हटाकर क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी, रंका, गढ़वा कर दिया गया।
प्रशासन बोला- तथ्यों के आधार पर हुई कार्रवाई
पलामू जिला प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले में उपलब्ध रिकॉर्ड, आवेदन और चिकित्सीय जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने यह भी कहा है कि भविष्य में इस तरह की स्थिति न बने, इसके लिए विभागीय स्तर पर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
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