अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ranchi : जिस कोल इंडिया की खदानों से देश रोशन होता है, वहां का HR विभाग अगर फाइलों के भारी-भरकम बोझ से निकलकर ‘स्मार्ट एल्गोरिदम’ की राह पकड़ने जा रहा है। ऐसा ही नजारा रांची स्थित CCL यानी सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के गलियारों में देखने को मिला। नौकरी के लिए सही उम्मीदवार तलाशने से लेकर कर्मचारियों का रिकॉर्ड दुरुस्त रखने और उनकी जरूरतों को समझने तक… HR का काम अब सिर्फ फाइलें पलटना नहीं रह गया है। बदलते दौर के साथ कदमताल करने के लिए CCL ने अपने HR अधिकारियों को एक नया ‘डिजिटल साथी’ थमा दिया है… AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस। इसी सोच के साथ सीसीएल के मानव संसाधन विकास (HRD) विभाग ने “मानव संसाधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका” पर एक खास वर्कशॉप रखी। विभिन्न एरिया ऑफिसों और मुख्यालय से आए करीब 50 HR अधिकारियों ने जब इसमें हिस्सा लिया, तो माहौल किसी टेक-स्टार्टअप से कम नहीं लग रहा था।
बदलता दौर और तकनीक की नई जरूरत : एमएफ हक
कार्यक्रम की शुरुआत में जब महाप्रबंधक (HRD) एमएफ हक ने बात रखी, तो उनकी बातों में आने वाले कल की साफ तस्वीर थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज का वर्कप्लेस पहले जैसा नहीं रहा और AI अब सिर्फ आईटी कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे दफ्तरों का नया सच बन चुका है। उन्होंने अधिकारियों को समझाते हुए कहा कि अगर HR अधिकारी नई तकनीक को समझकर उसका सही इस्तेमाल करेंगे, तो कर्मचारियों से जुड़े कई काम पहले से ज्यादा आसान, तेज और सटीक तरीके से पूरे हो सकेंगे। उन्होंने सभी अधिकारियों से खुद को समय के साथ अपडेट रखने और लगातार सीखते रहने की अपील की।

मशीनी दिमाग के साथ इंसानी दिल भी जरूरी : सीएस तिवारी
वर्कशॉप का उद्घाटन करते हुए निदेशक (तकनीकी/संचालन) सीएस तिवारी ने एक बेहद अहम बात पर जोर दिया। उन्होंने माना कि AI आज की जरूरत बन चुका है, जिससे फैसले तेजी से होंगे और काम में पारदर्शिता आएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी याद दिलाया कि हर नई तकनीक के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी आती है। AI का इस्तेमाल करते समय डेटा की सुरक्षा, नैतिकता और निष्पक्षता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, जिन परिस्थितियों में मानवीय समझ और संवेदनशीलता की जरूरत होती है, वहां मशीन कभी इंसान की जगह नहीं ले सकती। उनका स्पष्ट संदेश था कि तकनीक का इस्तेमाल हमेशा संतुलित और जिम्मेदार तरीके से होना चाहिए।
वर्कशॉप में सीखे गए AI के व्यावहारिक उपयोग
दिनभर चले इस सेशन में विषय विशेषज्ञ देशबंधु मिश्रा और अन्य ट्रेनर्स ने अधिकारियों को AI के प्रैक्टिकल इस्तेमाल से रूबरू कराया। अधिकारियों ने सीखा कि कैसे AI की मदद से सही टैलेंट को तेजी से शॉर्टलिस्ट किया जा सकता है, डेटा का विश्लेषण करके कर्मचारियों के प्रदर्शन का सटीक आकलन हो सकता है और किस कर्मचारी को कौन-कौन सी ट्रेनिंग की जरूरत है, इसका सही रोडमैप तैयार किया जा सकता है। ट्रेनिंग के दौरान अधिकारियों ने भी पूरे उत्साह के साथ चर्चा में हिस्सा लिया, सवाल पूछे और अपने रोजमर्रा के अनुभवों को AI के पैमानों पर परख कर देखा।
नए आत्मविश्वास के साथ बदलते कदम
दिन ढलते-ढलते वर्कशॉप खत्म हुई, लेकिन भाग लेने वाले HR अधिकारियों का आत्मविश्वास काफी बढ़ा हुआ दिखा। दफ्तरों की पुरानी घिसी-पिटी रूटीन से अलग, अब उनके पास काम को ‘स्मार्ट’ तरीके से निपटाने का नया नजरिया था। सभी प्रतिभागियों ने माना कि इस ट्रेनिंग से नई टेक्नोलॉजी को अपनाने की झिझक पूरी तरह दूर हो गई है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे ट्रेनिंग सेशन आयोजित होते रहेंगे, ताकि बदलती तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर कोयलांचल का यह HR डिपार्टमेंट किसी मल्टीनेशनल कंपनी से पीछे न रहे।
इसे भी पढ़ें : फाइलों में घुली राजभाषा की मिठास, CCL मुख्यालय में नवाजे गए हिंदी के सूरमा

