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Ranchi : आग जब लगती है तो वह यह नहीं देखती कि सामने कच्चा घर है या बहुमंजिला इमारत। चंद मिनटों में जिंदगी भर की कमाई राख हो सकती है। ऐसे वक्त में लोगों की सबसे बड़ी उम्मीद फायर ब्रिगेड होती है। लेकिन अगर दमकल की गाड़ी संकरी गली में फंस जाए या दूर के गांव तक समय पर पहुंच ही न सके, तो नुकसान बढ़ना तय है। इसी चुनौती को समझते हुए झारखंड सरकार ने राज्य की अग्निशमन सेवा को नई ताकत दी है। रांची के धुर्वा स्थित केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान, गृह रक्षा वाहिनी परिसर में सीएम हेमंत सोरेन ने 58 हाईटेक “मिनी वाटर टेंडर विद मिस्ट टेक्नोलॉजी” को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह राज्य की फायर सर्विस को बदलने की दिशा में एक अहम कदम है। कार्यक्रम में सीएम हेमंत सोरेन की विधायक पत्नी कल्पना सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, डीजी फायर सर्विसेज एम.एस. भाटिया, डीजीपी तदाशा मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

जहां बड़ी गाड़ियां नहीं पहुंच पाती थी, अब वहां भी पहुंचेगी मदद
झारखंड के कई शहरों में आज भी ऐसी बस्तियां हैं, जहां सड़कें इतनी संकरी हैं कि बड़ी फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का पहुंचना मुश्किल हो जाता है। दूसरी ओर, राज्य के कई गांव अब भी मुख्य सड़कों से काफी दूर हैं। ऐसे में आग लगने की सूचना मिलने के बाद राहत दल को मौके तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। सीएम हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में इसी चिंता को सामने रखा। उन्होंने कहा कि आग की घटना में हर मिनट कीमती होता है। अगर शुरुआती समय में आग पर काबू पा लिया जाए तो जान-माल का बड़ा नुकसान रोका जा सकता है। नए मिनी वाटर टेंडर खास तौर पर ऐसे इलाकों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं, जहां अब तक पहुंचना चुनौती था। छोटे आकार और आधुनिक तकनीक की वजह से ये वाहन तेजी से घटनास्थल तक पहुंच सकेंगे।

अब सिर्फ पानी नहीं, तकनीक भी लड़ेगी आग से
कार्यक्रम के दौरान हाईटेक फायर सेफ्टी सिस्टम का प्रदर्शन भी किया गया। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि समय के साथ आग बुझाने के तरीके भी बदल रहे हैं। आज जरूरत सिर्फ दमकल की गाड़ी बढ़ाने की नहीं, बल्कि ऐसी तकनीक अपनाने की है जो कम समय और कम संसाधनों में ज्यादा असर दिखाए। इन नये वाहनों में लगी मिस्ट टेक्नोलॉजी इसी सोच का हिस्सा है। यह तकनीक कम पानी में भी आग पर प्रभावी तरीके से नियंत्रण करने में मदद करती है। इससे पानी की बचत होगी और आग बुझाने की प्रक्रिया पहले से ज्यादा तेज और असरदार बनेगी।

कई बार बड़ी त्रासदी बन जाती है आग
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि आग लगने के कारण अलग-अलग हो सकते हैं। कभी गैस सिलेंडर फटने से हादसा होता है तो कभी बिजली के शॉर्ट सर्किट से। कई बार बाजार, फैक्ट्री और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी इसकी चपेट में आ जाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आग लगने पर अक्सर लोग अपने स्तर पर उसे बुझाने की कोशिश करते हैं। कई मामलों में यह कोशिश खुद उनके लिए खतरा बन जाती है। इसलिए ऐसी स्थिति में तुरंत फायर सर्विस को सूचना देना सबसे जरूरी है, ताकि प्रशिक्षित टीम समय पर पहुंचकर हालात संभाल सके।

फायर ब्रिगेड सिर्फ आग नहीं बुझाती, जिंदगियां भी बचाती है
कार्यक्रम के दौरान सीएम हेमंत सोरेन ने अग्निशमन विभाग के जवानों का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब लोग आग से बचकर बाहर निकलने की कोशिश करते हैं, तब फायर सर्विस के जवान उसी आग के बीच लोगों को बचाने के लिए अंदर जाते हैं। यही उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। धुएं से भरे कमरों में घुसना, ऊंची इमारतों से लोगों को सुरक्षित निकालना और हर पल अपनी जान का जोखिम उठाना आसान काम नहीं होता। कई बार जवान खुद भी खतरे में आ जाते हैं, लेकिन फिर भी वे पीछे नहीं हटते। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कर्मियों को आधुनिक उपकरण और बेहतर संसाधन देना सरकार की जिम्मेदारी है और इसी दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

सुरक्षित झारखंड की ओर बढ़ता कदम
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि राज्य का कोई भी इलाका फायर सर्विस की पहुंच से दूर न रहे। चाहे शहर की भीड़भाड़ वाली बस्ती हो या दूर का गांव, हर नागरिक को समय पर सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने अग्निशमन विभाग के सभी अधिकारियों और जवानों को उनके साहस, समर्पण और सेवा भावना के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एक सुरक्षित, सशक्त और आपदा से मुकाबला करने में सक्षम झारखंड का निर्माण सभी की साझा जिम्मेदारी है।

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