Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Wednesday, 7 October, 2026 • 06:33 pm
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » मछलीपालकों की ताकत होगी एकजुट, जिला से राज्य तक बनेगा सहकारी संघ का मजबूत नेटवर्क
बिहार

मछलीपालकों की ताकत होगी एकजुट, जिला से राज्य तक बनेगा सहकारी संघ का मजबूत नेटवर्क

August 12, 2026No Comments4 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

auto

Patna : बिहार में मछली पालन से जुड़े लोगों को अब एक मजबूत सहकारी व्यवस्था से जोड़ने की तैयारी है। सहकारिता विभाग और डेयरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के बीच जिला और प्रमंडल स्तर पर मत्स्यजीवी सहकारी संघ बनाने को लेकर सहमति बनी है। इसके साथ ही राज्य स्तर पर मत्स्यजीवी सहकारी परिसंघ बनाने की भी तैयारी है। इससे प्रखंड स्तर पर पहले से काम कर रही प्राथमिक मत्स्यजीवी सहकारी समितियों को एक साथ जोड़ने का रास्ता साफ होगा।

इस संबंध में सहकारिता विभाग के मंत्री राम कृपाल यादव और डेयरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के मंत्री नन्दकिशोर राम की अध्यक्षता में मत्स्यपालक समूहों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में मत्स्यजीवियों की मौजूदा व्यवस्था, समितियों को मजबूत करने और मछली पालन से जुड़े काम को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों विभागों के बीच सहमति बनने के बाद अब सहकारिता विभाग राज्य मंत्रिपरिषद की मंजूरी के लिए प्रस्ताव तैयार कर रहा है।

Advertisement

प्रखंड की समितियां अब जिला और राज्य स्तर से जुड़ेंगी

अभी बिहार में प्रखंड स्तर पर प्राथमिक मत्स्यजीवी सहकारी समितियां पहले से बनी हुई हैं। इन समितियों से बड़ी संख्या में मत्स्यपालक जुड़े हैं, लेकिन इनके ऊपर जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर पर ऐसी संबद्ध समितियां नहीं हैं, जो सभी समितियों को एक साथ जोड़कर काम कर सकें। यही वजह है कि सरकार अब पूरी व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से मजबूत करने की तैयारी कर रही है।

प्रस्ताव के अनुसार प्रखंड स्तर की प्राथमिक मत्स्यजीवी सहकारी समितियों को सदस्य बनाकर जिला और प्रमंडल स्तर पर मत्स्यजीवी सहकारी संघ बनाए जाएंगे। इसके बाद इन सभी संघों को राज्य स्तर पर बनने वाले मत्स्यजीवी सहकारी परिसंघ से जोड़ा जाएगा। इससे प्रखंड की छोटी-छोटी समितियों को जिला से लेकर राज्य स्तर तक अपनी बात रखने और सामूहिक रूप से काम करने का मंच मिल सकेगा।

सरकार का जोर इस बात पर है कि सहकारी समितियां सिर्फ नाम के लिए न रहें, बल्कि मत्स्यपालकों के रोजमर्रा के काम में भी मददगार बनें। उत्पादन से लेकर जरूरी सामान की उपलब्धता और बाजार तक पहुंच बनाने में इनकी भूमिका बढ़ाई जाएगी।

मछली बीज, आहार और दवा मिलने में होगी आसानी

नए सहकारी संघ और परिसंघ के जरिए मत्स्यपालकों को मछली पालन के लिए जरूरी सामान समय पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत करने की योजना है। इनमें अच्छी गुणवत्ता के मत्स्य बीज, मछली का आहार और दवाएं शामिल हैं। अभी कई बार छोटे मत्स्यपालकों को इन सामानों के लिए अलग-अलग जगहों पर निर्भर रहना पड़ता है। सहकारी व्यवस्था मजबूत होने के बाद इन्हें सामूहिक तरीके से उपलब्ध कराने की कोशिश होगी।

इसका सीधा फायदा मछली पालने वाले लोगों को मिलने की उम्मीद है। बेहतर बीज और आहार मिलने से उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही बीमारी की स्थिति में जरूरी दवाएं और दूसरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी बेहतर हो सकती है।

उत्पादन के साथ बिक्री और प्रोसेसिंग पर भी रहेगा जोर

सरकार की योजना सिर्फ मछली का उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। मछली और दूसरे जलीय उत्पादों की मार्केटिंग और प्रोसेसिंग की व्यवस्था को भी मजबूत करने की तैयारी है। सहकारी संघ और परिसंघ अपने स्तर पर या सदस्य समितियों के सहयोग से उत्पादन से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देंगे।

मत्स्यपालकों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक यह भी रहती है कि उत्पादन के बाद उन्हें उचित बाजार मिले। सहकारी व्यवस्था के जरिए इस समस्या को कम करने की कोशिश होगी। यदि समितियां मिलकर उत्पादन, बिक्री और प्रोसेसिंग का काम करती हैं तो मत्स्यपालकों को अपने उत्पाद के लिए बेहतर बाजार मिलने की संभावना बढ़ेगी।

प्रस्तावित संघ और परिसंघ के जरिए मत्स्यपालन के साथ दूसरे जलीय उत्पादों के उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि छोटे स्तर पर काम करने वाले मत्स्यपालक भी सामूहिक व्यवस्था का हिस्सा बनें और इसका लाभ उन्हें सीधे मिले।

दोनों विभागों में सहमति बनने के बाद अब प्रस्ताव को राज्य मंत्रिपरिषद के सामने रखा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर पर मत्स्यजीवी सहकारी संघ और परिसंघ के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, डेयरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक, निदेशक मत्स्य तुषार सिंगला और मत्स्यजीवी समूहों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सरकार को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से बिहार में मछली पालन से जुड़े लोगों को उत्पादन, जरूरी सामान, बाजार और प्रोसेसिंग के स्तर पर बेहतर सहयोग मिल सकेगा।

इसे भी पढ़ें : रामकृपाल यादव का बड़ा ऐलान- बंद चीनी मिलों में फिर बजेगा सायरन, रैयाम में बनेगा शुगर कॉम्प्लेक्स

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleरामकृपाल यादव का बड़ा ऐलान- बंद चीनी मिलों में फिर बजेगा सायरन, रैयाम में बनेगा शुगर कॉम्प्लेक्स
Next Article आस्था के धाम को पर्यटन स्थल का दर्जा दिलाने की पहल, CM सम्राट से मिले मंत्री लखेन्द्र पासवान

Related Posts

अन्य खबरें

CJI, राजपाल यादव और शेक्सपियर का कनेक्शन: सुप्रीम कोर्ट की यह सुनवाई क्यों है खास

October 7, 2026
जॉब/एजुकेशन

SSC CHSL से असिस्टेंट प्रोफेसर तक, 5,259 पदों पर आवेदन का आज आखिरी मौका

October 7, 2026
जॉब/एजुकेशन

ग्रेजुएट हैं तो तुरंत करें आवेदन, सुप्रीम कोर्ट में JCA के 250 पदों पर Vacancy

October 7, 2026
Advertisement
Advertisement
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

CJI, राजपाल यादव और शेक्सपियर का कनेक्शन: सुप्रीम कोर्ट की यह सुनवाई क्यों है खास

October 7, 2026

SSC CHSL से असिस्टेंट प्रोफेसर तक, 5,259 पदों पर आवेदन का आज आखिरी मौका

October 7, 2026

ग्रेजुएट हैं तो तुरंत करें आवेदन, सुप्रीम कोर्ट में JCA के 250 पदों पर Vacancy

October 7, 2026

राशिफल @ 07 अक्टूबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

October 7, 2026

बिजली योजनाओं पर मंत्री लेशी सिंह सख्त, बोलीं लापरवाही हुई तो होगी कार्रवाई

October 7, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.