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Patna : मोकामा के चाराडीह स्थित बाबा वीर चौहरमल महाराज धाम को अब पर्यटन स्थल का दर्जा दिलाने की मांग उठी है। बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री लखेन्द्र पासवान ने बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। मंत्री ने मुख्यमंत्री से धाम को आधिकारिक पर्यटन स्थल घोषित करने के साथ ही यहां जरूरी सुविधाओं का विकास कराने का आग्रह किया।
हर साल मेले में जुटते हैं बड़ी संख्या में श्रद्धालु
मंत्री लखेन्द्र पासवान ने मुख्यमंत्री को बताया कि चाराडीह स्थित बाबा वीर चौहरमल महाराज धाम लोगों की आस्था से गहराई से जुड़ा हुआ है। धार्मिक महत्व के साथ इस धाम का सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व भी है। हर साल यहां लगने वाले मेले में बिहार के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मेले के दौरान धाम और आसपास के इलाके में काफी भीड़ रहती है और स्थानीय स्तर पर कारोबार भी बढ़ता है।
मंत्री ने कहा कि बाबा वीर चौहरमल महाराज धाम को पर्यटन स्थल का दर्जा मिलने से इसे बेहतर तरीके से विकसित करने का रास्ता साफ होगा। अभी श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए यहां कई बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर करने की जरूरत है। सरकार की ओर से ध्यान दिए जाने पर धाम आने वाले लोगों को ज्यादा सुविधा मिल सकेगी।
सड़क, पानी और रोशनी जैसी सुविधाओं पर हो काम
लखेन्द्र पासवान ने मुख्यमंत्री से कहा कि धाम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जाने के बाद यहां सड़क, पेयजल, रोशनी और साफ-सफाई जैसी जरूरी सुविधाओं को बेहतर किया जा सकता है। श्रद्धालुओं के लिए दूसरी बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जा सकती हैं। इससे खासकर मेले और धार्मिक आयोजनों के दौरान बाहर से आने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि किसी धार्मिक स्थल का विकास केवल वहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ही जरूरी नहीं होता, बल्कि इसका सीधा फायदा आसपास रहने वाले लोगों को भी मिलता है। धाम के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने से स्थानीय दुकानदारों, छोटे कारोबारियों, वाहन चालकों और दूसरे लोगों के लिए काम के अवसर बढ़ सकते हैं।
बिहार की लोकआस्था और विरासत को मिलेगी पहचान
मंत्री ने मुख्यमंत्री से धाम को पर्यटन के नक्शे पर लाने के लिए जरूरी कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बाबा वीर चौहरमल महाराज धाम बिहार की लोकआस्था और संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। इसे पर्यटन स्थल का दर्जा मिलने से इसकी पहचान और मजबूत होगी तथा बिहार की लोकसंस्कृति और धार्मिक विरासत को भी व्यापक स्तर पर पहचान मिल सकेगी।
मंत्री लखेन्द्र पासवान ने मुख्यमंत्री से इस मामले में संबंधित विभागों के स्तर से आवश्यक कार्रवाई शुरू कराने का अनुरोध किया है। अब लोगों की नजर सरकार के अगले कदम पर है। अगर धाम को पर्यटन स्थल का दर्जा मिलता है तो आने वाले समय में चाराडीह में सुविधाओं के विस्तार के साथ धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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