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Patna : 80वें स्वतंत्रता दिवस पर पटना के गांधी मैदान से CM सम्राट चौधरी ने बिहार के लिए कई बड़े लक्ष्य और योजनाएं सामने रखीं। तिरंगा फहराने और परेड की सलामी लेने के बाद अपने संबोधन में CM ने सीधे तौर पर युवाओं, छात्रों, किसानों, महिलाओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर सरकार की योजनाएं गिनाईं। सबसे बड़ा ऐलान 2030 तक एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का रहा। वहीं छात्रों की शिकायतों के लिए 17 अगस्त से विद्यार्थी सहयोग पोर्टल शुरू करने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए राज्य स्तरीय समिति बनाने की घोषणा की गई। CM ने कहा कि बिहार की 14 करोड़ जनता की मेहनत और संकल्प से राज्य को समृद्ध बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि किसान, युवा, उद्यमी और महिलाएं बिहार की ताकत हैं और इन्हीं के दम पर राज्य को आगे ले जाया जाएगा।
छात्रों की शिकायत अब 30 दिन में निपटाने का दावा
छात्रों की नाराजगी और परीक्षा व्यवस्था को लेकर उठते सवालों के बीच CM ने विद्यार्थी सहयोग पोर्टल शुरू करने का ऐलान किया। 17 अगस्त से शुरू होने वाले इस पोर्टल पर विद्यार्थी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। सरकार ने इनके समाधान के लिए 30 दिन की समय सीमा तय करने की बात कही है। CM ने कहा कि आम लोगों की शिकायतों के लिए जिस तरह सहयोग शिविर की व्यवस्था चल रही है, उसी तर्ज पर छात्रों की समस्याओं को भी एक तय व्यवस्था के तहत लिया जाएगा। छात्रों से जुड़े विभागों में छात्र कल्याण निदेशालय भी बनाया जाएगा, ताकि छात्र हित के कामों में तालमेल बेहतर हो सके।

परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए बनेगी राज्य स्तरीय समिति
परीक्षाओं को लेकर CM ने साफ कहा कि विद्यार्थियों का भरोसा सबसे ऊपर है। इसी वजह से बिहार में परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, निष्पक्ष और आधुनिक बनाने के लिए राज्य स्तरीय परीक्षा सुधार समिति का गठन किया जाएगा। शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए अलग उच्चस्तरीय समिति भी बनाई जाएगी। CM ने 551 सरस्वती विद्या निकेतनों में IIT-JEE, NEET समेत दूसरी प्रवेश परीक्षाओं की मुफ्त तैयारी कराने की व्यवस्था की भी जानकारी दी। यानी सरकार का फोकस सिर्फ स्कूल तक शिक्षा पहुंचाने पर नहीं, बल्कि बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने पर भी है।
2030 तक एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार
गांधी मैदान से युवाओं के लिए सबसे बड़ी घोषणा रोजगार को लेकर हुई। CM ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2030 तक एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि बिहार के युवा सिर्फ नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले भी बनें। इसके लिए बिहार युवा नीति बनाई जाएगी और उसकी निगरानी स्टेट यूथ कमिशन करेगा। CM ने बिहार की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को भी युवाओं के रोजगार से जोड़ने की बात कही। नालंदा, बोधगया, विक्रमशिला, राजगीर और वैशाली जैसे स्थानों पर हेरिटेज गाइड, सांस्कृतिक पर्यटन और युवा उद्यमिता के जरिए रोजगार के रास्ते तैयार करने की योजना है।

25 नई चीनी मिलें, छह महीने में पांच शुरू करने का लक्ष्य
किसानों के लिए भी CM ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि बिहार में 25 नई चीनी मिलें लगाने की तैयारी है। इनमें 10 मिलों की शुरुआत की जा चुकी है, जबकि अगले छह महीने में पांच और चीनी मिलें शुरू करने का लक्ष्य है। गन्ना बिहार की प्रमुख नकदी फसल है। ऐसे में चीनी मिलों की संख्या बढ़ने से किसानों को अपनी उपज के लिए स्थानीय बाजार मिलने की उम्मीद है। साथ ही ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
किसानों को मुफ्त बिजली, हर खेत तक पानी पहुंचाने पर जोर
CM ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए पिछले एक साल में 1 लाख 66 हजार मुफ्त कृषि बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। किसानों को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक पटवन के लिए बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि बिहार में अब 44 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित है। कोसी-मेची लिंक परियोजना पर करीब 6,282 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सिंचाई और बाढ़ प्रबंधन से जुड़ी 9,753 करोड़ रुपये की 46 योजनाओं में से 11 पूरी हो चुकी हैं और 32 पर काम चल रहा है।

बिजली की मांग 9,475 मेगावाट तक पहुंची
CM ने बिजली व्यवस्था में हुए बदलाव का आंकड़ा भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि बिहार अब 9,475 मेगावाट की अधिकतम बिजली मांग को पूरा कर चुका है। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत 4 लाख 83 हजार बीपीएल परिवारों की छतों पर मुफ्त रूफटॉप सोलर लगाए जा रहे हैं। 2027 तक 25 लाख घरों पर सोलर रूफटॉप लगाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री विद्युत सहायता योजना के तहत उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने की बात भी CM ने कही।
बिहार में 5 लाख करोड़ का निवेश लाने का लक्ष्य
CM ने कहा कि बिहार को उद्योग के क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है। औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 में बदलाव किया गया है। बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026 भी लागू की गई है। सरकार वर्ष 2030 तक राज्य में सेमीकंडक्टर से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने की तैयारी में है। हर जिले में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए 14,600 एकड़ नई औद्योगिक भूमि के अधिग्रहण को मंजूरी दी गई है। CM ने बाहर रहने वाले बिहारियों से भी अपील की कि वे अपनी जन्मभूमि से जुड़े रहें और राज्य की तरक्की में योगदान दें।

12 सैटेलाइट टाउनशिप से बदलेगी शहरों की तस्वीर
बिहार में 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना है। पटना में पाटलिपुत्र, सोनपुर में हरिहरनाथपुर, गया में मगध, दरभंगा में मिथिला, सहरसा में कोसी, पूर्णिया में पूरनदेवी, मुंगेर में अंग, मुजफ्फरपुर में तिरहुत, छपरा में सारण, भागलपुर में विक्रमशिला, सीतामढ़ी में सीतापुरम और डेहरी में सैटेलाइट सिटी विकसित की जाएगी। इन शहरों का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। सड़क, बिजली, पानी और दूसरी जरूरी सुविधाओं को ध्यान में रखकर विकास किया जाएगा। इसके लिए HUDCO के साथ एक लाख करोड़ रुपये के दीर्घकालिक वित्तपोषण को लेकर समझौता किया गया है।
589 किलोमीटर के एक्सप्रेस-वे और हाई स्पीड कॉरिडोर
CM ने कहा कि राज्य में पांच एक्सप्रेस-वे और छह हाई स्पीड कॉरिडोर पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं में करीब 589 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और हाई स्पीड कॉरिडोर शामिल हैं। हवाई संपर्क को भी मजबूत करने की तैयारी है। अभी बिहार में चार हवाई अड्डे संचालित हैं और छह से ज्यादा हवाई अड्डों के निर्माण का काम चल रहा है। सभी जिलों में एयरस्ट्रिप विकसित करने की दिशा में काम हो रहा है। सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की योजना भी बताई गई।
211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज, 2,451 शिक्षक तैनात
ग्रामीण इलाकों में उच्च शिक्षा पहुंचाने को लेकर CM ने कहा कि 15 जुलाई से बचे हुए 211 प्रखंडों में एक साथ डिग्री कॉलेज शुरू किए गए हैं। इन कॉलेजों में पढ़ाई के लिए 2,451 शिक्षकों की नियुक्ति और पदस्थापन किया गया है। इसका सीधा फायदा गांव के छात्र और छात्राओं को मिलेगा। खासकर बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर जाने की जरूरत कम होगी। CM ने बताया कि राज्य के बजट में शिक्षा के लिए 66,676 करोड़ रुपये से ज्यादा रखे गए हैं, जो कुल बजट का करीब 20 प्रतिशत है।
जिला अस्पतालों में 36 तरह की सर्जरी, 80 साल से ज्यादा उम्र वालों को घर पर इलाज
स्वास्थ्य के मोर्चे पर भी CM ने कई घोषणाएं कीं। प्रखंड के 30 बेड वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को स्पेशियलिटी अस्पताल और जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने की योजना है। 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को घर पर ही चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई। जिला अस्पतालों में करीब 36 तरह की सर्जरी की सुविधा सुनिश्चित करने का लक्ष्य है।
CM ने कहा कि मरीजों को बिना जरूरत दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की व्यवस्था पर रोक लगाई जाएगी। अगले तीन महीनों में प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अनावश्यक रेफरल की समस्या खत्म करने का लक्ष्य है।
मोकामा में 10 एकड़ में बनेगा तिरुपति बालाजी मंदिर
धार्मिक पर्यटन को लेकर भी CM ने बड़ा ऐलान किया। पटना जिले के मोकामा में 10 एकड़ जमीन पर तिरुपति बालाजी ट्रस्ट की ओर से तिरुपति बालाजी मंदिर बनाया जाएगा। इसके साथ ही वाल्मीकिनगर, कैमूर के मुंडेश्वरी धाम और राजगीर में हेली टूरिज्म सेवा शुरू की गई है। पटना में हेलीकॉप्टर जॉय राइड भी संचालित की जा रही है।
855 थानों में महिला हेल्प डेस्क, पुलिस दीदी को स्कूटी
कानून व्यवस्था को लेकर CM ने कहा कि अपराध के खिलाफ सरकार सख्त नीति पर काम कर रही है। पुलिस के आधुनिकीकरण के साथ नियुक्ति और प्रशिक्षण पर भी जोर दिया जा रहा है। ERSS के तहत 1,833 आपातकालीन वाहनों से पुलिस, एम्बुलेंस, अग्निशमन और दूसरी आपात सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। महिलाओं की सुरक्षा के लिए 855 थानों में 24 घंटे महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। CM ने कहा कि स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस दीदी को स्कूटी दी जाएगी।
शिकायतों के लिए 30 दिन की समय सीमा
CM ने सहयोग शिविर की व्यवस्था का भी जिक्र किया। हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को लगाए जा रहे इन शिविरों में लोग अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं। CM के अनुसार अब तक 6 लाख 46 हजार 181 आवेदन मिले हैं, जिनमें 95 प्रतिशत का निष्पादन किया जा चुका है। लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है। 17,773 अधिकारियों को पहला स्पष्टीकरण, 860 को दूसरा और 48 अधिकारियों को तीसरा स्पष्टीकरण जारी किए जाने की जानकारी दी गई।
गांव से लेकर शहर तक विकास की नई योजनाएं
CM ने हर महीने के अंतिम रविवार को पंचायत विकास दिवस मनाने की भी बात कही। इसका मकसद गांव के लोगों को विकास योजनाओं से सीधे जोड़ना और पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं की जानकारी देना है। वहीं शहरी इलाकों के लिए सैटेलाइट टाउनशिप, सड़क और एयर कनेक्टिविटी, उद्योग और नए निवेश की योजनाएं सामने रखी गईं। यानी सरकार ने गांव के खेत से लेकर शहर के उद्योग तक विकास की योजनाओं का खाका गांधी मैदान से सामने रखा।
14 करोड़ बिहारवासियों से बोले CM, मेहनत से बदलेगा बिहार
अपने संबोधन के अंत में CM सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार को ऐसा प्रदेश बनाना है जो अपने गौरवशाली इतिहास को याद रखने के साथ भविष्य के लिए भी मजबूत नींव तैयार करे। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत, युवाओं की ऊर्जा, उद्यमियों के प्रयास और माताओं-बहनों के संकल्प से बिहार की तस्वीर बदली जा सकती है। CM ने कहा कि 14 करोड़ बिहारवासियों की ताकत से भारत विकसित देश बनेगा और बिहार भी समृद्ध प्रदेश बनेगा।
गांधी मैदान से CM का संदेश साफ था कि आने वाले वर्षों में सरकार का जोर रोजगार, शिक्षा, किसान, उद्योग, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर रहेगा। अब इन घोषणाओं को जमीन पर कितनी तेजी से उतारा जाता है, यही सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी।
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