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Ranchi : 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राजधानी रांची का ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। सीएम हेमंत सोरेन ने सुबह तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली। इसके बाद उन्होंने राज्यवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। समारोह में पहली बार राष्ट्रीय गीत का गायन भी हुआ। तिरंगा फहराते ही पूरा मैदान तालियों और देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।
राजकीय समारोह में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, डीजीपी तदाशा मिश्रा, विधायक कल्पना सोरेन समेत सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। सुरक्षा के बीच आयोजित समारोह में पुलिस जवानों ने अनुशासन और जोश के साथ परेड प्रस्तुत की। कुल 14 प्लाटून ने परेड में हिस्सा लिया। इस बार ओडिशा पुलिस की एक प्लाटून भी समारोह में शामिल हुई, जो लोगों के लिए खास आकर्षण रही।

छात्रों के आंदोलन पर सीएम बोले- आपकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी
सीएम हेमंत सोरेन के भाषण में इस बार युवाओं और भर्ती परीक्षाओं का मुद्दा सबसे अहम रहा। राज्य में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी मेहनत के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड के लाखों युवा अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। उनके माता-पिता भी अपनी क्षमता से ज्यादा खर्च कर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। ऐसे में सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि युवाओं की मेहनत का सम्मान हो और उनकी प्रतिभा को उसका हक मिले।
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि पिछले कुछ समय से भर्ती परीक्षाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जब परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं तो इसका असर सिर्फ एक परीक्षा पर नहीं पड़ता, बल्कि पूरी पीढ़ी के भरोसे पर असर पड़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि उनकी मेहनत को किसी माफिया, भ्रष्ट तंत्र या परीक्षा में होने वाली गड़बड़ी के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि देश के दूसरे राज्यों और कई राष्ट्रीय परीक्षाओं में भी पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आई हैं। यह पूरे देश के सामने चुनौती है, लेकिन दूसरे राज्यों में क्या हुआ, इससे झारखंड की जिम्मेदारी कम नहीं हो जाती।

दोषी कितना भी बड़ा हो, जांच में दोष साबित हुआ तो कार्रवाई होगी
सीएम हेमंत ने साफ कहा कि उनके लिए झारखंड के युवाओं का भविष्य सबसे महत्वपूर्ण है। परीक्षा में गड़बड़ी की जांच पूरी निष्पक्षता से होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, अगर उसकी संलिप्तता साबित होती है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि बिना प्रमाण किसी को दोषी ठहराना भी सही नहीं है। सरकार जांच के आधार पर ही कार्रवाई करेगी।
सीएम ने कहा कि केवल दोषियों को पकड़ लेना ही समस्या का समाधान नहीं है। जरूरत ऐसी व्यवस्था बनाने की है, जिसमें आगे किसी को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का मौका ही न मिले। इसी दिशा में परीक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए जाएंगे।
उन्होंने समय पर वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी करने, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने, उत्तर कुंजी और ओएमआर शीट समय पर उपलब्ध कराने और परीक्षा प्रक्रिया में जिम्मेदारी तय करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था बनाना चाहती है, जिसमें पारदर्शिता सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हो।
सीएम हेमंत सोरेन ने छात्रों से सरकार के साथ जुड़ने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि सरकार ने ‘छात्रों की बात, छात्रों के साथ’ अभियान शुरू किया है। इसमें विद्यार्थी ही नहीं, शिक्षक, शिक्षाविद और अभिभावक भी शामिल हों। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार केवल सरकार के स्तर से नहीं हो सकता, इसके लिए सभी की भागीदारी जरूरी है।

रोजगार के लिए सरकारी नौकरी के साथ दूसरे क्षेत्रों पर भी जोर
सीएम हेमंत सोरेन ने रोजगार को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ सरकारी विभागों में खाली पद भरना नहीं है। कोशिश ऐसी व्यवस्था बनाने की है, जहां युवाओं को सरकारी नौकरी के साथ उद्योग, छोटे कारोबार, कृषि, डेयरी, मत्स्य पालन, पर्यटन, डिजिटल सेवाओं और दूसरे क्षेत्रों में भी काम के अवसर मिलें।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जेपीएससी, जेएसएससी और दूसरी भर्ती एजेंसियों के जरिए बड़ी संख्या में नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार की कोशिश है कि नियुक्तियां समय पर हों, ताकि युवाओं को नौकरी के अवसर मिलें और भर्ती व्यवस्था पर उनका भरोसा भी मजबूत हो।
युवाओं से उन्होंने कहा कि अपनी मेहनत पर भरोसा बनाए रखें। उनका परिश्रम व्यर्थ नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के सपनों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है और उनके लिए यह व्यक्तिगत दायित्व भी है।

किसानों की आय और छोटे कारोबार को मजबूत करने पर जोर
अपने संबोधन में सीएम हेमंत सोरेन ने किसानों की भी बात की। उन्होंने कहा कि झारखंड के किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं हैं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। सरकार ने किसानों को सिंचाई, बीज, समर्थन मूल्य, कृषि यंत्रीकरण और दूसरी योजनाओं के जरिए मजबूत करने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि कृषि और बागवानी को बढ़ावा देकर गांवों में रोजगार और आय के नए रास्ते तैयार किए जा रहे हैं। बिरसा हरित ग्राम योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके तहत राज्य में करीब 2.15 लाख एकड़ में पौधरोपण किया गया है और करीब 3 लाख परिवारों को आजीविका के नए साधनों से जोड़ा गया है।
सीएम हेमंत सोरेन ने बताया कि इन परिवारों द्वारा तैयार किए गए आम का विदेशों में भी सफलतापूर्वक निर्यात किया गया है। उन्होंने कहा कि खेती से जुड़े कामों को मजबूत करने से ग्रामीण परिवारों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने छोटे कारोबार और उद्यमियों को भी राज्य की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की ताकत केवल बड़े उद्योग नहीं हैं। यहां के कारीगर, बुनकर, महिला स्वयं सहायता समूह, हस्तशिल्प से जुड़े लोग और छोटे कारोबारी भी अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, झारखंड में 16 लाख से ज्यादा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम हैं। इनमें 8 लाख से ज्यादा सूक्ष्म इकाइयां शामिल हैं। इनसे 60 लाख से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि छोटे उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगार के और अवसर तैयार किए जा सकते हैं।
मोरहाबादी मैदान में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री के भाषण में युवाओं और भर्ती परीक्षाओं का मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। छात्र आंदोलन के बीच सरकार की ओर से परीक्षा व्यवस्था में सुधार और नियुक्तियों को समय पर आगे बढ़ाने का भरोसा दिया गया। अब छात्रों और युवाओं की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार इन घोषणाओं को जमीन पर कितनी जल्दी लागू करती है।
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