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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रजरप्पा थाना क्षेत्र के चितरपुर अंतर्गत बड़की पौना गांव में सोमवार को जंगली हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। अचानक आबादी के बीच पहुंचे हाथियों को देखकर गांव में भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों में छिपने लगे तो कई परिवार छतों पर चढ़ गए। इसी दौरान हाथियों की चपेट में आने से दो महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
मृतकों की पहचान भानु देवी (50), पति फुलेश्वर महतो और सबिना खातून (55), पत्नी मो. सलीम के रूप में हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक भानु देवी खेत में काम कर रही थीं। इसी दौरान जंगल की ओर से हाथियों का झुंड गांव की तरफ बढ़ आया। देखते ही देखते हाथी आबादी के करीब पहुंच गए। विशालकाय हाथियों को सामने देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षित जगह की ओर भागने लगे।

मंदिर के पास पहुंचा हाथियों का झुंड, दोनों महिलाओं को कुचला
ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों का दल बड़की पौना स्थित मंदिर के पास तक पहुंच गया था। इसी दौरान दोनों महिलाएं हाथियों की चपेट में आ गईं। हाथियों ने उन्हें कुचल दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही गांव में चीख-पुकार मच गई। परिजन बदहवास होकर घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
कुछ देर पहले तक गांव में सामान्य माहौल था, लेकिन हाथियों के पहुंचते ही हर तरफ डर का माहौल बन गया। लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि किस तरफ भागें। जिन परिवारों को मौका मिला, वे घरों के अंदर चले गए। कई लोगों ने छतों पर चढ़कर अपनी जान बचाई और हाथियों के वहां से निकलने का इंतजार करते रहे।
ग्रामीणों ने हाथियों को भगाने के लिए पटाखे भी फोड़े और काफी देर तक शोर मचाया। इसके बावजूद हाथियों का झुंड आसानी से गांव से बाहर नहीं गया। इससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई। लोगों को डर था कि हाथी किसी और घर या व्यक्ति को नुकसान न पहुंचा दें।

40 हाथियों का झुंड कई दिनों से इलाके में, गांवों में बढ़ी चिंता
ग्रामीणों के अनुसार करीब 40 हाथियों का झुंड पिछले कई दिनों से रजरप्पा, गोला और मकनपुर क्षेत्र में घूम रहा है। इसी झुंड से अलग हुए करीब 8 से 10 हाथी बड़की पौना के आबादी वाले हिस्से में पहुंच गए। इसके बाद यह दर्दनाक घटना हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की लगातार आवाजाही से आसपास के गांवों में पहले से ही डर का माहौल है। खेतों में काम करने वाले लोग भी सावधानी बरत रहे हैं। सोमवार की घटना के बाद ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। उन्हें डर है कि हाथियों का झुंड फिर से आबादी की ओर आ सकता है।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है और उन्हें आबादी से दूर रखने की कोशिश की जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि हाथियों को गांवों में आने से रोकने के लिए ठोस इंतजाम किए जाएं। उनका कहना है कि हर बार हाथियों के आने के बाद उन्हें भगाने की कोशिश की जाती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। दो महिलाओं की मौत के बाद अब ग्रामीण चाहते हैं कि उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीरता से कदम उठाए जाएं, ताकि आगे किसी और परिवार को ऐसी दर्दनाक घटना का सामना न करना पड़े।
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