Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Wednesday, 7 October, 2026 • 05:26 pm
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » सावन के रंग में सजा गार्गी महोत्सव, महिला उद्यमिता के साथ दिखी बिहार की लोक संस्कृति
बिहार

सावन के रंग में सजा गार्गी महोत्सव, महिला उद्यमिता के साथ दिखी बिहार की लोक संस्कृति

August 16, 2026No Comments4 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

auto

Patna : सावन का महीना, बिहार की लोक संस्कृति और महिलाओं के हुनर का मंच। पटना में आयोजित गार्गी उद्यमी सखी सावन महोत्सव 2026 में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। लेट्स इंस्पायर बिहार के गार्गी चैप्टर की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में महिला उद्यमियों ने अपने उत्पाद और हुनर लोगों के सामने रखे। दूसरी ओर कजरी, लोकनृत्य, कथक और सावन कॉन्टेस्ट ने पूरे आयोजन को सांस्कृतिक रंग दे दिया। कार्यक्रम में महिलाओं के काम को पहचान देने के साथ बिहार की मिट्टी से जुड़ी परंपराओं को भी मंच मिला।

विकास वैभव बोले- महिलाओं की भागीदारी के बिना विकसित बिहार का सपना अधूरा

महोत्सव का उद्घाटन लेट्स इंस्पायर बिहार के संरक्षक आईपीएस विकास वैभव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित बिहार का सपना तभी पूरा होगा, जब महिलाएं आर्थिक, सामाजिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक विकास में आगे बढ़कर अपनी भूमिका निभाएंगी। उनके मुताबिक महिलाओं को सिर्फ परिवार तक सीमित देखने के बजाय उनके हुनर, सोच और नेतृत्व क्षमता को आगे लाने की जरूरत है।

Advertisement

विकास वैभव ने गार्गी के महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि गार्गी सिर्फ इतिहास में दर्ज एक नाम नहीं हैं। वह ज्ञान, जिज्ञासा, तर्क और नेतृत्व की भारतीय परंपरा की पहचान हैं। इसी सोच के साथ गार्गी पहल के जरिए महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर देने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने बताया कि लेट्स इंस्पायर बिहार से करीब चार लाख लोग जुड़े हैं। इनमें 40 हजार से ज्यादा महिलाएं हैं। बिहार के 20 जिलों में 41 गार्गी पाठशालाएं चल रही हैं। अब लक्ष्य वर्ष 2028 तक इस पहल को बिहार की हर पंचायत तक पहुंचाने का है, ताकि शहरों के साथ गांवों की महिलाओं को भी सीखने और आगे बढ़ने का मौका मिल सके।

गांवों की महिलाओं को प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने पर जोर

कार्यक्रम के मुख्य समन्वयक राहुल कुमार सिंह ने कहा कि महिला उद्यमिता की बात सिर्फ शहरों तक नहीं रहनी चाहिए। बिहार के गांवों में भी बड़ी संख्या में महिलाएं अपने हुनर से काम कर रही हैं। जरूरत इस बात की है कि उन्हें सही प्रशिक्षण, बाजार और लोगों से जुड़ने का अवसर मिले।

उन्होंने कहा कि गार्गी चैप्टर इसी दिशा में काम कर रहा है। महिलाओं को प्रशिक्षण देने के साथ उन्हें नेटवर्किंग, बाजार और उद्यमिता से जुड़े अवसरों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। सावन महोत्सव में भी महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद और काम को लोगों के सामने रखने का मौका दिया गया। इससे कई महिलाओं को अपने काम की पहचान बनाने का मंच मिला।

महोत्सव में अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर काम करने वाली महिलाओं को गार्गी महिला उद्यमिता सम्मान से सम्मानित किया गया। इनमें डॉ. पूनम आनंद, सुरूचिका सिंह, सुशीला देवी, इंदु अग्रवाल, हेमा देवी, कश्मीरा सिंह, आभा सिन्हा, जयन्ती सिन्हा, मिताली मुखर्जी, राखी सौरव सिंह और अमृता सिंह फिल्म अभिनेत्री वैष्णवी सहित कई महिलाएं शामिल रहीं।

कजरी से लेकर कथक तक… बिहार की संस्कृति ने बांधा समां

कार्यक्रम में सावन कॉन्टेस्ट भी आकर्षण का केंद्र रहा। इसमें सोनिका को प्रथम गार्गी देसी बिहारन, संभवी साजल को द्वितीय गार्गी सावन दिवा और कन्नू त्रिपाठी को तृतीय गार्गी वॉइस ऑफ बिहार चुना गया। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखने को मिला।

महोत्सव में मिथिला, मगध और भोजपुर की सांस्कृतिक विरासत को अलग-अलग प्रस्तुतियों के जरिए सामने रखा गया। कजरी और लोकनृत्य के साथ कथक की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान खींचा। सावन के पारंपरिक गीतों और नृत्य ने माहौल को पूरी तरह बिहार के रंग में रंग दिया। आयोजन का समापन सामूहिक कजरी नृत्य के साथ हुआ।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर मोहन कुमार झा, राष्ट्रीय प्रवक्ता अमीर अहमद, इंजीनियर कुमार राहुल, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनूप नारायण सिंह, रोहित कुमार, अरवल, सैम अहमद और समद खान समेत गार्गी एवं लेट्स इंस्पायर बिहार से जुड़े पदाधिकारी, महिला उद्यमी, कलाकार और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इसे भी पढ़ें : दफ्तरों का चक्कर खत्म, CM सम्राट के सहयोग शिविर में 96% मामलों का निपटारा

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleसरकार का नया संदेश लेकर JPSC-JSSC छात्रों मिले SDM और ADM, दे गये यह न्योता
Next Article तिरंगे को सलाम, प्रतिभा को सम्मान… IIIT ने ऐसे मनाया आजादी का जश्न

Related Posts

जॉब/एजुकेशन

SSC CHSL से असिस्टेंट प्रोफेसर तक, 5,259 पदों पर आवेदन का आज आखिरी मौका

October 7, 2026
जॉब/एजुकेशन

ग्रेजुएट हैं तो तुरंत करें आवेदन, सुप्रीम कोर्ट में JCA के 250 पदों पर Vacancy

October 7, 2026
राशिफल

राशिफल @ 07 अक्टूबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

October 7, 2026
Advertisement
Advertisement
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

SSC CHSL से असिस्टेंट प्रोफेसर तक, 5,259 पदों पर आवेदन का आज आखिरी मौका

October 7, 2026

ग्रेजुएट हैं तो तुरंत करें आवेदन, सुप्रीम कोर्ट में JCA के 250 पदों पर Vacancy

October 7, 2026

राशिफल @ 07 अक्टूबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

October 7, 2026

बिजली योजनाओं पर मंत्री लेशी सिंह सख्त, बोलीं लापरवाही हुई तो होगी कार्रवाई

October 7, 2026

बिहार में अब कागजों पर नहीं दिखेगा कायाकल्प, 96 हजार कामों पर सरकार की सीधी नजर

October 6, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.