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Ranchi : झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार रात बड़ा ऐलान किया। करीब चार घंटे तक मंत्रियों के साथ बैठक के बाद CM हेमंत सोरेन ने कहा कि TDPL के माध्यम से कराई गई परीक्षाओं को रद्द किया जाएगा। इन परीक्षाओं के जारी रिजल्ट भी रद्द होंगे और TDPL के जरिए चयनित अभ्यर्थियों का चयन भी खत्म किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने साल 2014 से अब तक हुई सभी परीक्षाओं और नियुक्तियों की जांच CID से कराने का फैसला लिया है। CM हेमंत सोरेन ने कहा कि JPSC और JSSC की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाएगी। वहीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा की जांच रिटायर्ड जज की देखरेख में कराई जाएगी। सरकार के इस फैसले को 24 दिन से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच बड़ा कदम माना जा रहा है।
TDPL द्वारा आयोजित की गई परीक्षाएं, TDPL द्वारा प्रकाशित रिजल्ट, TDPL द्वारा जो भी अभ्यर्थी चुने गए हैं या TDPL द्वारा जो भी गतिविधियां यहां की गई है, उन सभी को रद्द किया जाता है : सीएम हेमंत सोरेन#JPSC #JSSC #HemantSoren #TDPL #JharkhandNews #StudentProtest #LatestNews pic.twitter.com/2yY0qYWOju
— News Samvad (@newssamvaad) August 17, 2026
SIT और CID की जांच में सामने आए कई तथ्य
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि SIT और CID की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि जांच अभी चल रही है, इसलिए हर बात सार्वजनिक तौर पर बताना संभव नहीं है। मुख्यमंत्री के मुताबिक इस पूरे मामले में कई कंपनियों का आपस में जुड़ा हुआ नेटवर्क सामने आया है। इन कंपनियों ने अलग-अलग समय पर झारखंड में काम किया है। उन्होंने कहा कि 2014 से लेकर अब तक आयोजित सभी परीक्षाओं की जांच CID से कराई जाएगी। सरकार अब केवल मौजूदा विवादित परीक्षाओं की जांच तक सीमित नहीं रहेगी। पिछले करीब 12 वर्षों में हुई परीक्षाओं और उनसे जुड़ी नियुक्तियों को भी जांच के दायरे में लाया जाएगा।
TDPL की परीक्षा से लेकर चयन तक सब रद्द
सरकार ने TDPL से जुड़ी परीक्षाओं को लेकर सबसे बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि TDPL के माध्यम से कराई गई परीक्षाओं को रद्द किया जाता है। इन परीक्षाओं के जो रिजल्ट पहले ही जारी किए जा चुके हैं, उन्हें भी रद्द किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि TDPL के माध्यम से जिन अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, उनका चयन भी रद्द होगा। यानी सरकार ने परीक्षा से लेकर रिजल्ट और चयन तक पूरी प्रक्रिया को खत्म करने का फैसला किया है। TDPL के माध्यम से कराई गई परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थी पहले से सवाल उठाते रहे हैं। सरकार ने पहले भी इन परीक्षाओं की जांच कराने की बात कही थी। अब मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद इन परीक्षाओं के भविष्य को लेकर स्थिति साफ हो गई है।
JPSC और JSSC में सुधार के लिए बनेगी कमेटी
CM हेमंत सोरेन ने कहा कि JPSC और JSSC की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी परीक्षा कराने की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करेगी और व्यवस्था में जरूरी बदलाव के सुझाव देगी। सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें अभ्यर्थियों को प्रक्रिया पर भरोसा रहे। परीक्षा कराने वाली एजेंसी से लेकर प्रश्नपत्र, परीक्षा संचालन, रिजल्ट और चयन तक पूरी व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।
JPSC सिविल सेवा परीक्षा की जांच रिटायर्ड जज की निगरानी में
CM हेमंत सोरेन ने कहा कि युवाओं की सबसे बड़ी और अहम मांग JPSC सिविल सेवा परीक्षा को लेकर है। इस परीक्षा की पूरी जांच रिटायर्ड जज की देखरेख में कराने का फैसला लिया गया है। JPSC की परीक्षा को लेकर लंबे समय से अभ्यर्थियों में नाराजगी है। आंदोलन कर रहे छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। सरकार की ओर से अब अलग से जांच कराने की घोषणा के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।
24 दिन से आंदोलन कर रहे हैं अभ्यर्थी
झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का आंदोलन 24वें दिन भी जारी रहा। अभ्यर्थी परीक्षा रद्द करने, कथित गड़बड़ियों की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कई छात्र अनशन पर भी बैठे हैं। सोमवार को आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच बातचीत होनी थी। हालांकि मुख्यमंत्री की मंत्रियों के साथ करीब चार घंटे तक बैठक चलने के कारण छात्रों के साथ प्रस्तावित बातचीत नहीं हो सकी। इसी बीच रात में सरकार की ओर से बड़े फैसलों का ऐलान कर दिया गया। अभ्यर्थियों की ओर से इस मामले में CBI जांच की मांग भी की जा रही है। अब सरकार ने CID जांच के साथ JPSC सिविल सेवा परीक्षा की जांच रिटायर्ड जज की निगरानी में कराने की बात कही है।
राहुल गांधी ने भी छात्रों का समर्थन किया
JPSC-JSSC विवाद के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आंदोलन कर रहे छात्रों का समर्थन किया है। उन्होंने CM हेमंत सोरेन हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना संविधान में दिया गया अधिकार है। राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री से आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मिलने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि छात्रों से सीधे बातचीत करने से उनकी बाकी चिंताओं को दूर करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता मजबूत होगी।
अब जांच के नतीजों पर टिकी नजर
सरकार के फैसले के बाद अब सबसे बड़ा सवाल जांच को लेकर है। 2014 से अब तक हुई परीक्षाओं और नियुक्तियों की CID जांच कितनी व्यापक होगी और इसमें कौन-कौन से मामले सामने आते हैं, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। फिलहाल सरकार ने TDPL की परीक्षाओं, उनके रिजल्ट और चयन को रद्द करने के साथ JPSC-JSSC की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कमेटी बनाने का फैसला किया है। वहीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा की जांच रिटायर्ड जज की निगरानी में कराने की घोषणा की गई है। ऐसे में 24 दिन से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थी सरकार के इन फैसलों पर क्या रुख अपनाते हैं, इस पर भी सबकी नजर बनी हुई है।
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