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Patna : बिहार में सरकारी भवनों और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए चल रहे ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प’ अभियान की विकास आयुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों को लंबित काम तेजी से पूरा करने, स्वीकृत योजनाओं को समय पर जमीन पर उतारने और पूरे हो चुके कामों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विकास आयुक्त ने कहा कि अभियान का मकसद सिर्फ पोर्टल पर काम दर्ज करना नहीं है। स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य संस्थान, पेयजल व्यवस्था और पंचायत स्तर की सरकारी सुविधाओं में सुधार दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब विभागों को दर्ज कार्यों से आगे बढ़कर उन्हें पूरा करने पर ध्यान देना होगा।
38 जिलों और 8,051 पंचायतों में 96,394 काम
अभियान के तहत राज्य के 38 जिलों और 8,051 पंचायतों से कुल 96,394 काम पोर्टल पर दर्ज किए गए हैं। इनमें 53,292 काम पुरानी सरकारी परिसंपत्तियों की मरम्मत और सुधार से जुड़े हैं, जबकि 43,020 काम नई संरचनाओं के निर्माण से संबंधित हैं। इन कार्यों की अनुमानित लागत 4,628.38 करोड़ रुपए है। ग्रामीण क्षेत्रों में 80,510 काम का लक्ष्य रखा गया था, जबकि अब तक 93,544 काम दर्ज किए जा चुके हैं। यह लक्ष्य का 116.19 प्रतिशत है। 29 जिलों ने 100 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि हासिल की है। किशनगंज, बांका, पटना, सीतामढ़ी और गया प्रमुख जिलों में रहे।
शिक्षा विभाग ने सबसे अधिक 34,255 काम दर्ज किए हैं। इनमें स्कूल भवनों की मरम्मत, रंग-रोगन, चहारदीवारी, शौचालय और अतिरिक्त कमरों से जुड़े काम शामिल हैं। पंचायती राज विभाग के 25,052 और ग्रामीण विकास विभाग के 13,810 काम दर्ज हुए हैं। समाज कल्याण विभाग के 10,759 तथा स्वास्थ्य विभाग के 6,149 काम शामिल हैं।
अब प्रविष्टि नहीं, काम पूरा करना लक्ष्य
समीक्षा में अधिकारियों को बताया गया कि पोर्टल पर आंकड़े बढ़ाना अभियान की सफलता नहीं है। स्वीकृत काम समय पर पूरे हों और निर्माण की गुणवत्ता अच्छी हो, यह ज्यादा जरूरी है। सरकार चाहती है कि अभियान को नियमित रखरखाव की व्यवस्था से जोड़ा जाए, ताकि आम लोगों को सरकारी सुविधाओं में वास्तविक बदलाव दिखाई दे।
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