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Patna : बिहार की जमीन के नीचे मौजूद खनिज संपदा अब राज्य के विकास में बड़ी भूमिका निभाने जा रही है। सरकार ने 44 माइनिंग ब्लॉकों को लेकर काम तेज कर दिया है। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि सभी खनिज ब्लॉकों का सर्वे कराया जाएगा और रिकॉर्ड नौ महीने के भीतर खनन ब्लॉकों को शुरू करने की दिशा में काम पूरा किया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि 15 अक्टूबर से बिहार में खनन कार्य शुरू करने की पहल हो। इससे राज्य को राजस्व मिलने के साथ उद्योगों और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
सीएम सम्राट चौधरी सोमवार को पटना के होटल मौर्या में कोयला एवं खान मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से आयोजित महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी एवं एनएमईडीटी की कार्यशाला में बोल रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में संसाधनों की कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि राज्य में मौजूद संसाधनों का सही तरीके से इस्तेमाल हो और उसका फायदा बिहार की जनता को मिले।
44 में से 28 ब्लॉकों का सर्वे आगे बढ़ा
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में खनिज ब्लॉकों को लेकर अध्ययन कराया गया है। राज्य में कुल 44 माइनिंग ब्लॉक हैं। इनमें से 28 ब्लॉकों में सर्वे का काम आगे बढ़ चुका है। सरकार की कोशिश है कि बाकी ब्लॉकों की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाए। अधिकारियों को इस काम में लगाया गया है और तय समय के भीतर प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य दिया गया है। सीएम ने कहा कि 30 सितंबर से पहले 30 से अधिक माइनिंग ब्लॉकों का आवंटन कर दिया जाएगा। इसके बाद 15 अक्टूबर से बिहार में खनन कार्य शुरू करने की दिशा में पहल होगी। सरकार का लक्ष्य केवल ब्लॉकों का आवंटन करना नहीं है, बल्कि खनन की प्रक्रिया को जमीन पर शुरू करना है, ताकि राज्य को राजस्व मिले और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ महीने के भीतर खनिज ब्लॉकों से जुड़ी प्रक्रिया को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। बिहार में सड़क, पुल और दूसरी आधारभूत सुविधाओं के निर्माण में पत्थर और अन्य खनिजों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में राज्य के अपने संसाधनों का इस्तेमाल होने से विकास कार्यों को भी मदद मिलेगी।
रोहतास से जमुई तक खनिजों का बड़ा भंडार
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के कई जिलों में महत्वपूर्ण खनिज संसाधन मौजूद हैं। रोहतास में लाइम स्टोन का बड़ा भंडार है। औरंगाबाद में बड़ा मिनरल बेल्ट है। जहानाबाद और जमुई में मैग्नेट से जुड़े संसाधन हैं। गया, बांका और भागलपुर में भी खनिजों के बड़े संसाधन मौजूद हैं। सरकार इन संसाधनों का इस्तेमाल राज्य की जरूरतों और विकास के लिए करना चाहती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिजों से मिलने वाली रॉयल्टी का इस्तेमाल बिहार की जनता के हित और राज्य के विकास के लिए किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि खनिज संपदा का किसी भी स्तर पर दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा। सरकार चाहती है कि खनन से मिलने वाला पैसा विकास कार्यों और आम लोगों की जरूरतों पर खर्च हो।
मुख्यमंत्री ने खनन के साथ बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को बचाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर ऐतिहासिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। विरासतों का संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है और खनिज संसाधनों के इस्तेमाल के दौरान इसका ध्यान रखा जाएगा।
नवंबर तक 5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य
सीएम ने कहा कि बिहार में खनिज केंद्र स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही सरकार नवंबर तक पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में काम कर रही है। राज्य में उद्योग लगाने के लिए निवेशकों को कई तरह की रियायतें दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से बिहार में खुलकर निवेश करने की अपील की। उन्होंने कहा कि निवेशक बिहार आएं और यहां उद्योग लगाएं। सरकार हर तरह का सहयोग करेगी। निवेशकों को सुरक्षा को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। वे निर्भीक होकर अपना काम आगे बढ़ाएं। सरकार की कोशिश है कि उद्योग लगाने वालों को जरूरी सुविधाएं और सहयोग समय पर मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का बजट अब 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये हो गया है। राज्य में सड़क, पुल और दूसरी आधारभूत सुविधाओं के निर्माण पर लगातार काम हो रहा है। वर्ष 2005 के बाद बिहार में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कई काम हुए हैं। अब खनिज संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल से विकास की रफ्तार को और बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य के उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल जनता के हित में किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से भी इस मुद्दे पर बातचीत हुई है। उन्होंने केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि वे बिहार के हित में काम कर रहे हैं।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने मुख्यमंत्री को हरित पौधा, अंगवस्त्र और प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। कोयला एवं खान मंत्रालय के संयुक्त सचिव कदम संदीप वी. ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह, मंत्रालय के निदेशक आशीष सक्सेना समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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