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Patna : बिहार सरकार ने सोमवार देर रात प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। सीएम सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों के विभाग बदल दिए हैं। अपर मुख्य सचिव से लेकर सचिव और डीएम स्तर तक अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारी देने के साथ अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इस फेरबदल में गृह, वित्त, ग्रामीण विकास, शिक्षा, समाज कल्याण, नगर विकास और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विभागों की कमान बदली गई है। इसके साथ ही भोजपुर, सीतामढ़ी, बेगूसराय और सीवान जिलों के डीएम भी बदल दिए गए हैं।
ग्रामीण विकास से गृह और वित्त तक बदली जिम्मेदारी
1996 बैच के IAS अधिकारी एच. आर. श्रीनिवास को समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव पद से हटाकर ग्रामीण विकास विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग का अतिरिक्त प्रभार उनके पास पहले की तरह बना रहेगा।
1997 बैच के IAS अधिकारी पंकज कुमार को ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पद से स्थानांतरित कर गृह विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। वह जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे।
1999 बैच के IAS अधिकारी विनय कुमार को नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव पद से हटाकर वित्त विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। उन्हें नगर विकास एवं आवास विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
वहीं, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के प्रधान सचिव राजेश कुमार को पटना प्रमंडल का आयुक्त बनाया गया है। पटना के मौजूदा आयुक्त मयंक वरवड़े को अब निगरानी विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है।
2007 बैच के IAS अधिकारी संजय कुमार सिंह को वित्त विभाग के सचिव पद से हटाकर मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग का सचिव बनाया गया है। वाणिज्य कर विभाग, GST और मुख्यमंत्री सचिवालय का अतिरिक्त प्रभार उनके पास पहले की तरह बना रहेगा।
विनोद सिंह गुंजियाल को शिक्षा विभाग के सचिव के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर समाज कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
शिक्षा और लोक स्वास्थ्य विभाग में भी बदलाव
2010 बैच के IAS अधिकारी राजीव रौशन को उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पद से स्थानांतरित कर शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया है। उनके पास उच्च शिक्षा विभाग के सचिव और वित्त विभाग में सचिव, संसाधन का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा।
बी. कार्तिकेय धनजी को लघु जल संसाधन विभाग से हटाकर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग का सचिव बनाया गया है। वह जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त प्रभार में भी बने रहेंगे।
इस फेरबदल से राज्य के कई महत्वपूर्ण विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदल गई हैं। खास तौर पर गृह, वित्त, ग्रामीण विकास और शिक्षा विभाग में नई प्रशासनिक व्यवस्था बनाई गई है।
इन जिलों में बदले गए DM
सरकार ने जिला स्तर पर भी बड़ा बदलाव किया है। 2015 बैच के IAS अधिकारी मनेश कुमार मीणा को निदेशक, खान के पद से स्थानांतरित कर भोजपुर का नया जिलाधिकारी बनाया गया है।
सीतामढ़ी के डीएम रिची पांडेय का तबादला कर उन्हें बेगूसराय का DM बनाया गया है। वहीं नगर विकास एवं आवास विभाग के अपर सचिव विजय प्रकाश मीणा को सीवान का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।
भोजपुर के मौजूदा डीएम तनय सुल्तानिया को अब सीतामढ़ी का DM बनाया गया है। यानी भोजपुर और सीतामढ़ी दोनों जिलों में डीएम की जिम्मेदारी बदल गई है। नए जिलाधिकारियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 14 के तहत संबंधित जिले का जिला दंडाधिकारी भी नियुक्त किया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी
सरकार ने कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी है। 1995 बैच के IAS अधिकारी अरविंद कुमार चौधरी, जो मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव हैं, अगले आदेश तक बिपार्ड के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे।
जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह को लघु जल संसाधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं नवदीप शुक्ला को बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के परियोजना निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
कुल मिलाकर सरकार के इस आदेश से बिहार के कई बड़े विभागों और जिलों की प्रशासनिक कमान बदल गई है। अब नई जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों के सामने अपने-अपने विभाग और जिलों में कामकाज को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
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