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Lucknow : रायबरेली अब बदल चुका है। पहले जिस जिले को वीआईपी कहा जाता था, वहां सुविधाओं का अभाव था, गरीबों को योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिलता था और युवाओं के सामने रोजगार की चिंता रहती थी। आज तस्वीर बदल रही है। रायबरेली में विकास के बड़े काम हो रहे हैं और जिले की पहचान देशभर में बन रही है। यह कहना है सीएम योगी आदित्यनाथ का।
सीएम योगी ने सोमवार को रायबरेली में 879 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत वाली 346 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि विकास सिर्फ सड़क, बिजली और भवन बनाने तक सीमित नहीं है। विकास का मतलब है कि नौजवान को आगे बढ़ने का मौका मिले, किसान के घर खुशहाली आए, कारीगर और हस्तशिल्पी को सम्मान मिले और बुजुर्गों को बुढ़ापे में सहारा मिले।
पहले वीआईपी जिला था, लेकिन जमीन पर बदहाली थी
सीएम योगी ने कहा कि एक समय रायबरेली को वीआईपी जिला और वीआईपी संसदीय क्षेत्र कहा जाता था। लेकिन वीआईपी नाम के बावजूद यहां बदहाली और अराजकता थी। गरीबों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए परेशान होना पड़ता था।
योगी ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि दिल्ली से सरकार एक रुपया भेजती है तो नीचे सिर्फ 15 पैसे पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज व्यवस्था बदल चुकी है। अब गरीबों के हक का पैसा सीधे उनके खाते तक पहुंच रहा है और योजनाओं का लाभ जाति देखकर नहीं दिया जा रहा।
50 साल में जितने घर नहीं मिले, 9 साल में उतने दिए
सीएम योगी ने कहा कि रायबरेली में पिछले 50 वर्षों में जितने लोगों को आवास नहीं मिल पाया था, उतने लोगों को भाजपा सरकार ने सिर्फ करीब 9 साल में प्रधानमंत्री आवास और मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिया है। गरीब परिवारों के घरों में शौचालय बनवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में नौकरी निकलती है तो रायबरेली का बेटा और बेटी भी नौकरी हासिल करता है। सरकार की योजनाओं में किसी के साथ भेदभाव नहीं हो रहा। युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत ऋण की सुविधा दी जा रही है।
मॉडर्न कोच फैक्ट्री बनी रायबरेली की नई पहचान
सीएम योगी ने रायबरेली की मॉडर्न कोच फैक्ट्री का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 2012 में बनी यह फैक्ट्री शुरुआती वर्षों में उस रफ्तार से आगे नहीं बढ़ सकी, जिसकी उम्मीद थी। आज यही फैक्ट्री रायबरेली की पहचान बन चुकी है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में मॉडर्न कोच फैक्ट्री ने 2,156 कोच तैयार किए। यह अब तक का रिकॉर्ड उत्पादन है। मई 2026 में पहली बार वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का कोच भी रायबरेली की इसी फैक्ट्री में तैयार हुआ और उसका रोलआउट किया गया।
सपेरा समुदाय को जमीन भी, घर भी
कार्यक्रम में सीएम योगी ने सपेरा समुदाय के आवासविहीन परिवारों को आवासीय पट्टों के आवंटन पत्र दिए। उन्होंने कहा कि सपेरा समुदाय लंबे समय से घुमंतू जीवन जीता रहा है। अब सरकार ने घुमंतू विकास बोर्ड बनाया है। योगी ने कहा कि सपेरा समुदाय के लोगों को जमीन का अधिकार देने के साथ उनके आवास भी स्वीकृत किए जा रहे हैं। यानी अब इन परिवारों के पास रहने के लिए अपनी जमीन और पक्का घर दोनों होंगे।
राना बेनी माधव के बाद वीरा पासी को भी सम्मान
सीएम योगी ने 1857 के महान नायक राना बेनी माधव बख्श सिंह को याद करते हुए कहा कि उनकी 222वीं जयंती के मौके पर उनकी स्मृति में ऑडिटोरियम का लोकार्पण किया गया है। उनके नाम पर स्मारक भी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक दल बहादुर कोरी के नाम पर सलोन में राजकीय पॉलिटेक्निक का नामकरण करके उन्हें सम्मान दिया गया है। सीएम ने कहा कि राना बेनी माधव बख्श सिंह को सम्मान देने की बात तभी पूरी होगी, जब वीरा पासी जैसे वीरों को भी सम्मान मिले। इसलिए वीरा पासी की प्रतिमा लगाई जाएगी और उनका भव्य स्मारक भी बनाया जाएगा।
योगी बोले- विकास के साथ विरासत भी जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास के साथ विरासत को भी आगे बढ़ाने का काम हो रहा है। उन्होंने अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि लंबे समय के बाद राम मंदिर का निर्माण पूरा हुआ है। योगी ने कहा कि अवध क्षेत्र के लोगों को अपनी विरासत पर गर्व करना चाहिए। उन्होंने भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को लेकर चल रही बहस का भी जिक्र किया और कहा कि किसी भी ग्रंथ या परंपरा पर चर्चा हो तो उसके अच्छे और बुरे दोनों पक्षों को सामने रखना चाहिए।
2017 से पहले यूपी की पहचान दंगे और कर्फ्यू से थी
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान दंगे, कर्फ्यू और भ्रष्टाचार से जुड़ गई थी। गरीब के हक पर कब्जा होता था, नौजवान की नौकरी में गड़बड़ी होती थी और जमीनों पर कब्जे की शिकायतें सामने आती थीं।उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की कानून व्यवस्था मजबूत हुई है। सरकार की नीति साफ है कि बेटी, व्यापारी और आम लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
16 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन का दावा
सीएम योगी ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में गरीबों को आवास और शौचालय की सुविधा देने के साथ प्रदेश में सड़कों का भी विस्तार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि करीब 16 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 10 करोड़ गरीबों को आयुष्मान भारत या मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिला है। पात्र लोग सूचीबद्ध अस्पतालों में हर साल 5 लाख रुपये तक का इलाज करा सकते हैं।
शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए बढ़ाई सुविधाएं
सीएम ने शिक्षामित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले शिक्षामित्रों को 3,000 रुपये मानदेय मिलता था। इसे बढ़ाकर 10,000 रुपये और फिर 18,000 रुपये किया गया। इसके अलावा 5 लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा की गारंटी और हर साल 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी गई है। उन्होंने कहा कि किसी शिक्षामित्र या अनुदेशक की दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता होने पर उसके परिवार को 30 से 35 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गई है।
रसोइयों का मानदेय 3 हजार, चार योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 3 लाख 54 हजार रसोइयों को भी सरकार ने चार योजनाओं से जोड़ा है। वर्ष 2017 से पहले उन्हें 1,000 रुपये मानदेय मिलता था। इसे पहले 2,000 रुपये किया गया और अब बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है। रसोइयों को हर साल 5 लाख रुपये तक की चिकित्सा सुविधा देने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही। दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता होने पर परिवार को 2 लाख रुपये की सहायता मिलेगी। ड्रेस के लिए मिलने वाली राशि भी 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दी गई है।
26 अगस्त को माताओं के लिए नई योजना का ऐलान
सीएम योगी ने कहा कि रक्षाबंधन का त्योहार 28 अगस्त को है। इसी मौके पर रसोइयों को सरकार की ओर से सौगात दी गई है। उन्होंने कहा कि 26 अगस्त को प्रदेश की माताओं के लिए एक नई योजना की घोषणा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास तभी सार्थक है जब उसका फायदा समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। सरकार विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने रायबरेली के लोगों से भी विकास की इस प्रक्रिया में भागीदार बनने की अपील की।
कार्यक्रम में खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पाण्डेय, उद्यान राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह, विधायक अदिति सिंह और अशोक कुमार ने भी संबोधित किया। इस मौके पर खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी, इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया। कार्यक्रम में रायबरेली की विकास यात्रा पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।
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