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News Samvad : कर्मचारियों के लिए ईपीएफओ (EPFO) ने अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म को पूरी तरह से अपडेट कर दिया है। इस बदलाव का सीधा मकसद यह है कि पीएफ से जुड़े रोजमर्रा के कामों के लिए कर्मचारियों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और न ही अपनी कंपनी पर निर्भर रहना पड़े।
यूएएन एक्टिवेशन के नियम बदले
नए सिस्टम के लागू होने के साथ ही ईपीएफओ ने मेंबर पोर्टल पर सीधे यूएएन (UAN) एक्टिवेट करने या नया यूएएन अलॉट करने का पुराना तरीका बंद कर दिया है। अब अगर आपको नया यूएएन जनरेट करना है या पुराना एक्टिवेट करना है, तो उमंग ऐप (UMANG App) का इस्तेमाल करना होगा। इसके लिए आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन mandatory कर दिया गया है। अगर आप अपना यूएएन नंबर भूल गए हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ईपीएफओ पोर्टल पर अपनी बेसिक डिटेल्स और मोबाइल पर आए ओटीपी को दर्ज करके इसे आसानी से वापस पाया जा सकता है।
पोर्टल पर मिलने वाली 8 अहम सुविधाएं
पीएफ का पैसा निकालना: फॉर्म 19 के जरिए पूरा पीएफ, फॉर्म 10-सी से पेंशन और फॉर्म 31 से पीएफ एडवांस निकालने के लिए घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।
बैलेंस और पासबुक देखना: ईपीएफओ के पासबुक पोर्टल से अपने खाते का पूरा हिसाब-किताब देख सकते हैं। इसके अलावा मिस्ड कॉल और एसएमएस भेजकर भी बैलेंस पता किया जा सकता है।
ई-नॉमिनेशन दर्ज करना: पीएफ खाते में नॉमिनी का नाम जोड़ना जरूरी है। नौकरी के दौरान कभी भी नॉमिनी की जानकारी ऑनलाइन अपडेट या चेंज की जा सकती है।
केवाईसी अपडेट: अपना बैंक अकाउंट नंबर, आईएफएससी कोड, पैन कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज पोर्टल पर खुद ही अपडेट कर सकते हैं।
पीएफ ट्रांसफर: नई कंपनी जॉइन करने पर पुरानी कंपनी का पीएफ बैलेंस नए खाते में ट्रांसफर करने की रिक्वेस्ट ऑनलाइन भेजी जा सकती है।
डेथ क्लेम फाइल करना: कर्मचारी की मृत्यु होने की स्थिति में उनके परिवार के सदस्य या नॉमिनी पीएफ और पेंशन के पैसे के लिए ऑनलाइन क्लेम कर सकते हैं।
क्लेम का स्टेटस देखना: जमा किए गए क्लेम पर काम कहां तक पहुंचा है, इसे रियल टाइम में ट्रैक किया जा सकता है।
शिकायत दर्ज करना: पीएफ या पेंशन से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए ईपीएफओ के ग्रीवेंस पोर्टल पर शिकायत भेजी जा सकती है।
क्लेम करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें
ऑनलाइन क्लेम बिना किसी रुकावट के सेटल हो सके, इसके लिए कुछ शर्तें पूरी होना जरूरी हैं।
यूएएन नंबर एक्टिवेट होना चाहिए।
बैंक खाता और पहचान पत्र ईपीएफओ डेटाबेस से सही आईएफएससी कोड के साथ जुड़े होने चाहिए।
अगर नौकरी का समय 5 साल से कम है और पूरा पैसा निकाल रहे हैं, तो पैन कार्ड लिंक होना जरूरी है।
आधार कार्ड से जुड़ा मोबाइल नंबर चालू होना चाहिए ताकि वेरिफिकेशन के लिए ओटीपी आ सके।
सिस्टम अपग्रेड और जरूरी सावधानी
ईपीएफओ के मुताबिक डेटाबेस और सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन की वजह से शुरुआत में कुछ क्लेम के वेरिफिकेशन में सामान्य से थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है। इसलिए मेंबर्स को सलाह दी गई है कि वे थोड़ा धैर्य रखें और एक ही रिक्वेस्ट बार-बार सबमिट न करें।सुरक्षा के लिहाज से ईपीएफओ ने यह भी साफ किया है कि उनका कोई भी अधिकारी फोन या मैसेज करके कभी भी बैंक डिटेल्स, पैन, ओटीपी या पैसों की मांग नहीं करता है। किसी भी तरह के साइबर फ्रॉड से बचने के लिए अपनी गुप्त जानकारी किसी के साथ शेयर न करें।
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