अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : राधा गोविन्द विश्वविद्यालय का परिसर शनिवार को शिक्षक दिवस के मौके पर कुछ अलग ही रंग में नजर आया। आम दिनों में पढ़ाई और कक्षाओं में व्यस्त रहने वाले छात्र-छात्राएं अपने शिक्षकों के सम्मान के लिए खास तैयारी में दिखे। मौका था शिक्षक दिवस सह सम्मान समारोह का। मंच सजा था और विश्वविद्यालय परिवार ने देश के महान शिक्षाविद् और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद करते हुए शिक्षकों के प्रति सम्मान जताया।
समारोह की शुरुआत विश्वविद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय गोविंद साह, स्वर्गीय राधा देवी और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और गीत-संगीत पेश किए। छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों पर सभागार तालियों से गूंजता रहा। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया।

शिक्षकों को सम्मान मिला तो चेहरों पर दिखी खुशी
समारोह में कुलाधिपति बी. एन. साह और सचिव प्रियंका कुमारी ने विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों, प्राध्यापकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। सम्मान पाकर शिक्षकों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। उनके लिए यह सम्मान सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय परिवार की ओर से मिले भरोसे और सम्मान का प्रतीक था।
कुलाधिपति बी. एन. साह ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। उन्होंने डॉ. राधाकृष्णन के जीवन को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि शिक्षक सिर्फ ज्ञान देने का काम नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों को दिशा देते हैं। एक शिक्षक का मार्गदर्शन विद्यार्थी के पूरे जीवन की राह बदल सकता है।
सचिव प्रियंका कुमारी ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान वास्तव में ज्ञान, शिक्षा और संस्कारों का सम्मान है। शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ जीवन में आगे बढ़ने और सही फैसले लेने की समझ भी देते हैं।

शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं
कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान देने का माध्यम नहीं है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना और उन्हें सही दिशा दिखाना भी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कुलसचिव प्रो. (डॉ.) निर्मल कुमार मंडल ने स्वागत भाषण में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को सही दिशा देने के साथ उनमें जिम्मेदारी और संस्कार की भावना भी विकसित करते हैं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रंजना पांडेय और डॉ. पूनम कुमारी ने किया। समारोह में कुलाधिपति की धर्मपत्नी फूलमती देवी, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार, रानी कुमारी, गौरव कुमार, मीडिया प्रभारी डॉ. संजय कुमार सिंह समेत विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, व्याख्याता, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
इसे भी पढ़ें : रामगढ़ में 115 खाद्य उत्पादों की बिक्री पर ब्रेक, दुकानदारों को स्टॉक हटाने का आदेश

