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Patna : बिहार में गंगा के विकराल रूप के बीच सरकार ने दावा किया है कि राज्य में बाढ़ के हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। सिंचाई भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि यह समय वाकई बड़ी चुनौती का है, क्योंकि इस बार गंगा में रिकॉर्ड पानी आया है। पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.58 मीटर तक पहुंच गया, जिसने 2016 के 50.52 मीटर के पिछले सबसे बड़े रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया। मंत्री ने कहा कि पानी का दबाव बेहद ज्यादा होने के बाद भी जल संसाधन विभाग के अफसरों और जिला प्रशासन की 24 घंटे की मुस्तैदी से राजधानी पटना को सुरक्षित बचा लिया गया है। अगले एक से दो दिनों में नदियों के जलस्तर में और कमी आएगी, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
गंगा के बैकवाटर से गंडक और पुनपुन जैसी नदियों पर बना दबाव
मंत्री विजय चौधरी ने स्थिति समझाते हुए बताया कि गंगा का जलस्तर कई दिनों से लगातार ऊपर बना हुआ है। इसका सीधा असर यह हुआ कि गंगा में गिरने वाली सहायक नदियों का पानी आगे नहीं निकल पा रहा है। इस बैकवाटर के चलते गंडक और पुनपुन जैसी नदियों के निचले इलाकों में पानी फैल गया और वहां जलस्तर अचानक बढ़ गया। उन्होंने कहा कि विभाग की पहली प्राथमिकता रिहायशी इलाकों को डूबने से बचाना है। भागलपुर के खरीक प्रखंड में गंगा नदी पर बने काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध के टूटने की खबर पर उन्होंने साफ किया कि इंजीनियरों ने तुरंत मौके पर मोर्चा संभाला और समय रहते काम पूरा कर लिया। इससे पानी को गांवों की तरफ बढ़ने से रोक दिया गया और अब वह इलाका पूरी तरह सुरक्षित है।

171 संवेदनशील जगहों पर मोर्चाबंदी, 14 में से 11 बांधों की मरम्मत पूरी
जल संसाधन मंत्री ने बताया कि पिछले एक हफ्ते में भारी दबाव के बावजूद विभाग ने राज्य भर में 171 संवेदनशील जगहों पर फ्लड फाइटिंग का काम किया और तटबंधों को बचाए रखा। पूरे राज्य में केवल 14 जगहों से रिसाव या बांध के मामूली नुकसान की बात सामने आई थी, जिनमें से 11 जगहों को रिकॉर्ड समय में ठीक कर लिया गया। बाकी 3 जगहों पर भी मरम्मत का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक तटबंध सुरक्षित हैं, तब तक गांव और शहर की आबादी महफूज है। इसी सोच के साथ सभी तटबंधों पर दिन-रात पहरा बिठाया गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तकनीकी परामर्शी मनोज रमण, विशेष सचिव के.डी. प्रौज्जवल और अभियंता प्रमुख ब्रजेश मोहन समेत विभाग के कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे।
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