Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Friday, 23 October, 2026 • 07:52 pm
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » बाढ़ राहत शिविर में सीएम ने खुद परोसा खाना, बोले- नुकसान की भरपाई करेगी सरकार
Headlines

बाढ़ राहत शिविर में सीएम ने खुद परोसा खाना, बोले- नुकसान की भरपाई करेगी सरकार

September 7, 2026No Comments6 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

auto

auto

Patna : बिहार के कई जिलों में उफान पर चल रही नदियों के बीच सीएम सम्राट चौधरी ने सोमवार को खुद जमीन पर उतरकर बाढ़ पीड़ितों की सुध ली। सीएम ने वैशाली जिले के हाजीपुर और सारण जिले के सोनपुर स्थित बाढ़ राहत शिविरों का सघन दौरा किया। उन्होंने वहां रह रहे विस्थापित परिवारों से मुलाकात की, उनका दुख-दर्द साझा किया और सरकारी तंत्र द्वारा की गई व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। इस दौरान एक बेहद मानवीय तस्वीर सामने आई जब मुख्यमंत्री ने न केवल कम्युनिटी किचन में जाकर तैयार हो रहे भोजन की गुणवत्ता देखी, बल्कि कतार में बैठे बाढ़ पीड़ितों को अपने हाथों से गरमा-गरम खाना भी परोसा। बाद में सोनपुर में उन्होंने राहत शिविर में शरण लिए आम लोगों के साथ बैठकर भोजन किया और उनसे पूछा कि उन्हें यहां रहने, खाने या सोने में कोई दिक्कत तो नहीं हो रही है।

ग्राउंड जीरो पर व्यवस्थाओं की पड़ताल, महिलाओं और बच्चों से की बातचीत

दौरे की शुरुआत में सीएम वैशाली जिले के गंगा ब्रिज थाना के सामने संचालित मुख्य बाढ़ राहत शिविर पहुंचे। वहां पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले निबंधन सह नियंत्रण कक्ष का जायजा लिया, ताकि यह पता चल सके कि कितने प्रभावित परिवारों को अब तक पंजीकृत कर शिविर में जगह दी गई है। इसके बाद वे सीधे महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग बनाए गए रिहायशी टेंटों में दाखिल हुए। उन्होंने महिलाओं से बात कर उनकी सुरक्षा, गोपनीयता और स्वच्छता से जुड़े प्रबंधों के बारे में जानकारी ली।

शिविर परिसर में बच्चों के लिए विशेष तौर पर चलाए जा रहे आंगनबाड़ी केंद्र और अस्थाई शैक्षणिक शिविर में जाकर मुख्यमंत्री बच्चों के बीच काफी देर तक रुके। उन्होंने बच्चों से बड़े ही स्नेह से बातचीत की, उनकी पढ़ाई-लिखाई और खेलकूद से जुड़ी गतिविधियों के बारे में पूछा और यह भी जाना कि उन्हें समय पर पौष्टिक नाश्ता और दूध मिल रहा है या नहीं। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि आपदा के इस मुश्किल दौर में भी बच्चों की पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर कोई बुरा असर नहीं पड़ना चाहिए।

इसके बाद वे स्वास्थ्य शिविर के निरीक्षण के लिए पहुंचे, जहां उन्होंने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ से दवाओं की उपलब्धता और जांच सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जलजमाव के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, ऐसे में शिविर में रहने वाले हर व्यक्ति का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण हो और किसी भी मरीज को इलाज या जरूरी जीवनरक्षक दवाओं की कमी के चलते भटकना न पड़े।

इंसानों के साथ-साथ मूक पशुओं की पीड़ा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने पास में ही लगे पशु चिकित्सा शिविर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जिला प्रशासन के आला अफसरों को सख्त निर्देश दिए कि बाढ़ से घिरे गांवों और शिविरों के आसपास पशुओं के लिए हरे चारे, सूखे भूसे और जरूरी टीकों व दवाओं की भारी किल्लत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पशुपालकों के मवेशियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने बाढ़ के पानी में डूबने से जान गंवाने वाले अभागे लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और पीड़ित परिवारों के आश्रितों को तुरंत 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि के चेक प्रदान किए।

सोनपुर में पीड़ितों के साथ किया भोजन, किसानों को फसल मुआवजे का भरोसा

हाजीपुर के बाद सीएम सारण जिले के सोनपुर शहर पहुंचे, जहां स्काउट एंड गाइड सेंटर परिसर में बड़ा राहत शिविर संचालित किया जा रहा है। यहां मुख्यमंत्री कम्युनिटी किचन के भीतर गए, जहां बड़े पैमाने पर दाल, भात, सब्जी और रोटियां बनाई जा रही थीं। उन्होंने खुद भोजन का स्वाद चखा और फिर पीड़ितों के साथ बैठकर भोजन किया। शिविर में शरण लिए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के इस सहज व्यवहार की सराहना की और बताया कि उन्हें समय पर भरपेट और ताजा भोजन मिल रहा है, साथ ही पीने के साफ पानी और रोशनी की भी मुकम्मल व्यवस्था की गई है।

सोनपुर में मीडिया कर्मियों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस विपदा की घड़ी में हर पीड़ित परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है। उन्होंने राहत की खबर साझा करते हुए बताया कि पिछले चौबीस घंटों के दौरान गंगा नदी के जलस्तर में लगभग 17 से 18 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही फरक्का बराज से लगातार करीब 15 लाख क्यूसेक पानी का बहाव किया जा रहा है। यदि मौसम का मिजाज ऐसा ही रहा तो अगले दो से तीन दिनों में निचले इलाकों से पानी तेजी से कम होगा और जनजीवन सामान्य होने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

सीएम ने अन्नदाताओं की चिंता को दूर करते हुए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी जैसे ही खेतों से पूरी तरह उतरेगा, कृषि विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें एक-एक गांव में जाकर फसल क्षति का व्यापक सर्वे करेंगी। जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं, उन्हें सरकार की तरफ से पूरा मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा पानी उतरने के बाद अधिकारियों की टीमें घर-घर जाकर मकानों और घरेलू सामानों के नुकसान का भी आकलन करेंगी ताकि कोई भी वास्तविक पीड़ित सरकारी सहायता से वंचित न रह जाए।

मुख्यमंत्री ने बाढ़ की विभीषिका के दीर्घकालिक समाधान पर बोलते हुए कहा कि हर साल आने वाली इस तबाही से बिहार को हमेशा के लिए बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। गंगा नदी के स्ट्रेच को एक तय सीमा में बांधने और गाद की समस्या को दूर करने के लिए केंद्रीय जल आयोग से उच्च स्तरीय बातचीत चल रही है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में राज्य को इस सालाना त्रासदी से हमेशा के लिए निजात दिलाई जा सके।

ये रहे मौजूद

इस उच्च स्तरीय निरीक्षण दौरे के दौरान उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, स्थानीय विधायक जनक सिंह, विधायक संजय सिंह, विधायक सिद्धार्थ पटेल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, वैशाली की डीएम वर्षा सिंह, सारण के डीएम वैभव श्रीवास्तव सहित दोनों जिलों के वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।

इसे भी पढ़ें : गोपालगंज की बेटियों के हौसले को मिले ‘सम्राट’ पंख, अब कोरिया में दिखायेंगी दम

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleगंगा ने तोड़ा 2016 का रिकॉर्ड, पर हालात काबू में; मंत्री बोले- आबादी पर आंच नहीं आने देंगे
Next Article संजय सरावगी की दो टूक- ‘सेवा संकल्प अभियान’ को रस्म न समझें कार्यकर्ता

Related Posts

Headlines

बिहार में निवेश का ककहरा सिखाएंगे सेबी और सरकार, पहले ‘दीदियों’ की ट्रेनिंग, फिर…

October 23, 2026
Headlines

गुमला में PLFI को तीखी चोट, एसपी के चक्रव्यूह में फंसा खूंखार जोनल कमांडर

October 23, 2026
झारखंड

JBVNL के कंप्यूटर ऑपरेटरों के हक के लिए अजय राय ने ठोकी ताल, क्या बोले… जानें

October 23, 2026
Advertisement
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

बिहार में निवेश का ककहरा सिखाएंगे सेबी और सरकार, पहले ‘दीदियों’ की ट्रेनिंग, फिर…

October 23, 2026

गुमला में PLFI को तीखी चोट, एसपी के चक्रव्यूह में फंसा खूंखार जोनल कमांडर

October 23, 2026

JBVNL के कंप्यूटर ऑपरेटरों के हक के लिए अजय राय ने ठोकी ताल, क्या बोले… जानें

October 23, 2026

दरोगा के बेटे की हत्या के दो आरोपियों का एनकाउंटर, पैर में गोली मारकर दबोचा

October 23, 2026

गुईया पोखर में चिड़िया निकालने उतरा युवक डूबा, तलाश में जुटे 5 गोताखोर

October 23, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.