अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : खुद को डिप्टी कलेक्टर बताकर फर्नीचर का बड़ा ऑर्डर देने, लाखों रुपये का सामान लेने और पूरा भुगतान नहीं करने का मामला सामने आया है। अनिशाबाद में फर्नीचर का कारोबार करने वाले कारोबारी लखीन्द्र राय ने इन्द्रजीत कुमार नामक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। कारोबारी का आरोप है कि करीब 9.45 लाख रुपये के फर्नीचर का काम कराने के बाद उसे सिर्फ 4.91 लाख रुपये दिए गए। बाकी रकम मांगने पर कथित तौर पर उसे तरह-तरह की धमकियां दी जाने लगीं।
डिप्टी कलेक्टर बताकर दिया फर्नीचर का ऑर्डर
लखीन्द्र राय ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया है कि वह अनिशाबाद मेन रोड पर मंदिर के पास ‘लक्की किचेन’ नाम से फर्नीचर की दुकान चलाते हैं। उनके मुताबिक 11 अप्रैल 2026 की सुबह इन्द्रजीत कुमार उनके पास आया था। उसने खुद को डिप्टी कलेक्टर बताया और फर्नीचर तैयार कराने की बात कही। इसके बाद उसने सामान की पूरी सूची कारोबारी को दी। सूची के मुताबिक फर्नीचर तैयार कराया गया और काम पूरा करने के लिए कारीगरों को बिहटा के बाहुपुरा भेजा गया।
शिकायत के अनुसार इन्द्रजीत कुमार ने कारोबारी के बैंक खाते में 4.91 लाख रुपये भेजे और कहा कि बाकी रकम काम पूरा होने के बाद दे दी जाएगी। कारोबारी का कहना है कि भरोसा करके उसने फर्नीचर तैयार कराया और अपने कारीगरों से संबंधित जगह पर काम भी पूरा करवाया।
काम पूरा हुआ तो बकाया रकम के लिए शुरू हुआ आज-कल
कारोबारी के मुताबिक काम पूरा होने के बाद जब बकाया रकम की मांग की गई तो इन्द्रजीत कुमार भुगतान के लिए लगातार आज-कल करने लगा। शिकायत में बताया गया है कि फर्नीचर और कराए गए काम की कुल कीमत करीब 9.45 लाख रुपये थी। इसमें से 4.91 लाख रुपये का भुगतान किया गया, जबकि करीब 4.54 लाख रुपये अभी बकाया हैं। लखीन्द्र राय का आरोप है कि कई बार पैसे मांगने के बावजूद उसे बाकी रकम नहीं दी गई। इसके बाद मामला सिर्फ पैसे के लेनदेन तक नहीं रहा, बल्कि कथित तौर पर उसे फोन कर दबाव और धमकी भी दी जाने लगी।
‘बाकी पैसे भूल जाओ’, कारोबारी ने लगाया धमकी का आरोप
लखीन्द्र राय ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि इन्द्रजीत कुमार फोन कर उसे लगातार दबाव में रखता है। कारोबारी का कहना है कि उसे कथित तौर पर धमकी दी गई कि बाकी रुपये भूल जाओ, वरना जान-माल और कारोबार से हाथ धोना पड़ सकता है। इन धमकियों से कारोबारी काफी डर गया है। उसका कहना है कि लगातार तनाव और दबाव के कारण उसकी तबीयत खराब हो गई। हालत बिगड़ने पर उसे मेदांता अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। कारोबारी ने पुलिस को यह भी बताया है कि इस पूरे विवाद के कारण उसका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
साइबर थाने में शिकायत और बैंक खाता बंद होने का दावा
कारोबारी ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि 20 अगस्त 2026 को उसके खिलाफ साइबर थाने में शिकायत की गई। आवेदन में शिकायत संख्या 30508260101870 का उल्लेख किया गया है। लखीन्द्र राय का आरोप है कि उसके बैंक खाते का गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। उसने बताया कि उसके खाते में कभी रुपये आ रहे हैं और कभी वापस जा रहे हैं। इस कारण बैंक की ओर से खाता बंद होने की जानकारी दी गई और उसे साइबर थाने जाने को कहा गया। कारोबारी का कहना है कि बैंक खाते से जुड़ी परेशानी के कारण दुकान का काम प्रभावित हो गया है और उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पहचान पत्र की कॉपी और ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा
लखीन्द्र राय ने पुलिस को बताया है कि उसके पास इन्द्रजीत कुमार की ओर से दिया गया पहचान पत्र का फोटोस्टेट मौजूद है। इसके अलावा दोनों के बीच फोन पर हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उसके पास होने का दावा किया गया है। कारोबारी का कहना है कि इस रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर इन्द्रजीत की आवाज और धमकी से जुड़ी बातचीत मौजूद है। कारोबारी ने पुलिस से इन दस्तावेजों और ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच कराने की मांग की है। उसका कहना है कि इन साक्ष्यों की जांच से पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है।
कारोबारी ने कहा- जान-माल और कारोबार की सुरक्षा चाहिए
लखीन्द्र राय ने पुलिस के वरीय अधिकारियों से इन्द्रजीत कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सुसंगत धाराओं में कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उसने अपनी जान-माल और कारोबार की सुरक्षा की गुहार लगाई है। कारोबारी का कहना है कि वह लगातार डर और दबाव में है और उसे अपने साथ किसी अप्रिय घटना की आशंका है।
अब पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि डिप्टी कलेक्टर बताकर फर्नीचर लेने, बकाया रकम नहीं देने, बैंक खाते के कथित इस्तेमाल और धमकी देने के आरोपों में कितना दम है।
इसे भी पढ़ें : संजय सरावगी की दो टूक- ‘सेवा संकल्प अभियान’ को रस्म न समझें कार्यकर्ता

