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Patna : बिहार के सबसे बड़े अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) में डॉक्टरों की मनमानी पर स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तरह नकेल कस दी है। अस्पताल में अब डॉक्टर सिर्फ तीन-चार घंटे की ओपीडी ड्यूटी निपटाकर अपने प्राइवेट क्लिनिकों में नहीं भाग सकेंगे। स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने साफ शब्दों में सभी विभागाध्यक्षों और चिकित्सकों को चेतावनी दी है कि वे सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक अनिवार्य रूप से अस्पताल में मौजूद रहें। मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एनएमसी के नियमों का करना होगा शत-प्रतिशत पालन
पीएमसीएच में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के दिशा-निर्देशों का हर हाल में पूरी तरह पालन होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी विभागाध्यक्षों, डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों की अस्पताल में पूरी अवधि के लिए मौजूदगी तय की जाएगी। अब तक यह आम शिकायत थी कि डॉक्टर दोपहर होते ही ओपीडी छोड़कर निजी प्रैक्टिस के लिए निकल जाते थे, जिससे दूर-दराज से आने वाले गरीब मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ती थी। विभाग की इस सख्त हिदायत के बाद अब डॉक्टरों को अपनी पूरी शिफ्ट अस्पताल में ही बितानी होगी।
ओपीडी से लेकर दवा काउंटर तक का किया निरीक्षण
बैठक से पहले स्वास्थ्य सचिव ने नए ओपीडी भवन, मरीज पंजीकरण काउंटर और दवा वितरण केंद्र का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने वहां मौजूद मरीजों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिया कि कतार में खड़े लोगों को बिना किसी देरी के पर्ची और दवाइयां मिलनी चाहिए। इस निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव अरविंद वर्मा और बीएमआईसीएल के एमडी सुब्रत सेन भी उनके साथ मौजूद रहे।
निर्माणाधीन भवनों का लिया जायजा, काम में तेजी के निर्देश
स्वास्थ्य सचिव ने पीएमसीएच में चल रहे पुनर्विकास प्रोजेक्ट और विकास परियोजनाओं का भी मौके पर जाकर मुआयना किया। उन्होंने निर्माणाधीन भवनों के काम की प्रगति देखी और कार्यदायी एजेंसी को तय समय सीमा के भीतर निर्माण पूरा करने की कड़ी हिदायत दी। स्थल निरीक्षण के बाद हुई उच्च स्तरीय बैठक में मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता सिन्हा और अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजीव सिंह भी शामिल रहे। इस बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और बायोमेट्रिक हाजिरी के जरिए डॉक्टरों व कर्मचारियों की समय पर मौजूदगी पक्की करने पर सहमति बनी।
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