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Patna : बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रदेश के PDS यानी जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं की समस्याओं को लेकर सरकार के सामने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक विस्तृत पत्र लिखकर राशन डीलरों की आर्थिक और प्रशासनिक दिक्कतों को तुरंत दूर करने की मांग की है। तेजस्वी ने साफ कहा कि पीडीएस विक्रेता तमाम मुश्किलों के बीच गरीब परिवारों तक अनाज पहुंचाने की जिम्मेदारी संभालते हैं, लेकिन लंबे समय से सरकार उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज कर रही है। बढ़ती महंगाई, तकनीकी गड़बड़ियों और महीनों से अटके कमीशन की वजह से आज डीलरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। तेजस्वी ने सरकार को आठ सूत्री मांग पत्र सौंपते हुए इन पर तय समय सीमा के भीतर फैसला लेने को कहा है।
गुजरात की तरह 30 हजार मानदेय और अनुकंपा बहाली की मांग
तेजस्वी यादव ने पत्र में दूसरे राज्यों के मॉडल का हवाला देते हुए डीलरों के हित में बड़े फैसले लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गुजरात की तर्ज पर बिहार में भी पीडीएस विक्रेताओं को हर महीने कम से कम 30 हजार रुपये का तय मानदेय मिलना चाहिए, ताकि वे बिना किसी आर्थिक तंगी के अपना घर चला सकें। इसके अलावा उन्होंने झारखंड मॉडल का उदाहरण देते हुए मांग रखी कि अनुकंपा पर होने वाली बहाली की समय सीमा खत्म की जाए। अगर किसी डीलर की असमय मौत हो जाती है, तो उसके परिवार के योग्य आश्रित को तुरंत अनुकंपा के आधार पर दुकान का आवंटन मिलना चाहिए ताकि पीड़ित परिवार बेसहारा न रहे।
संगठित भ्रष्टाचार, रिकार्डतोड़ महंगाई और सरकारी उदासीनता से परेशान जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं (PDS) की मांगों को लेकर माननीय मुख्यमंत्री को पत्र लिखा।
सरकार को संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ PDS के हितों और व्यवस्था सुधार के लिए अविलंब उनकी मांगों को सुन, समस्याओं का समाधान… pic.twitter.com/UgSq8CaVoy
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) September 9, 2026
बकाया कमीशन का तुरंत भुगतान और गोदामों में गड़बड़ी पर रोक
नेता प्रतिपक्ष ने कमीशन भुगतान में हो रही भारी देरी पर भी कड़ा एतराज जताया। उन्होंने बताया कि पिछले छह महीने से लेकर एक साल तक का कमीशन बकाया पड़ा है, जिससे हजारों डीलरों की माली हालत बिगड़ चुकी है। विधानसभा चुनाव से पहले कमीशन में 47 रुपये की बढ़ोतरी का जो एलान हुआ था, अगर उसका पैसा अब तक नहीं मिला है तो सरकार फौरन एरियर समेत भुगतान जारी करे। इसके साथ ही उन्होंने बिहार राज्य खाद्य निगम के गोदामों में चल रही घटतौली और भ्रष्टाचार की शिकायतों पर सख्त एक्शन लेने की बात कही। तेजस्वी ने जोर दिया कि ई-पॉस मशीन, सर्वर फेलियर और नाप-तौल से जुड़ी तकनीकी समस्याओं को तुरंत ठीक किया जाए ताकि इसका नुकसान राशन बांटने वाले डीलरों और आम जनता को न उठाना पड़े।
नियमित त्रिपक्षीय बैठकें शुरू करे सरकार
पत्र के जरिए तेजस्वी ने डीलरों पर होने वाली एकतरफा प्रशासनिक कार्रवाई पर भी रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बात-बात पर विक्रेताओं पर अनावश्यक दबाव बनाना और दंडात्मक कार्रवाई करना गलत है। इसके बदले जिला और प्रखंड स्तर पर एक मजबूत शिकायत निवारण व्यवस्था बनाई जाए जहां दोनों पक्षों की बात सुनी जा सके। उन्होंने सरकार को सुझाव दिया कि शासन, विभागीय अधिकारी और फेयर प्राइस डीलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के बीच नियमित रूप से बैठकें होनी चाहिए ताकि आपसी तालमेल से समस्याएं सुलझ सकें। तेजस्वी ने उम्मीद जताई है कि सरकार इन सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने इस पूरे पत्र को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर भी साझा किया है।
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