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Hazaribagh (Dharmendra Pradhan) : कोयले के कारोबार पर लेवी वसूली का खेल चल रहा था। काली पल्सर पर सवार दो बदमाश रकम लेकर रामगढ़ की तरफ निकल चुके थे। उन्हें लगा कि रास्ता साफ है, लेकिन पुलिस को इसकी खबर लग चुकी थी। टोंगी-गिद्दी मेन रोड पर पुलिस ने घेराबंदी कर दी। बाइक रोकने के बजाय दोनों ने रफ्तार बढ़ा दी। पुलिस ने पीछा किया और आखिरकार दोनों को दबोच लिया।
गिद्दी थानेदार मो. इकबाल हुसैन के मुताबिक, पकड़े गए दोनों युवक कुख्यात गैंगस्टर राहुल दुबे गिरोह के गुर्गे हैं। उनके पास से लेवी के 40 हजार रुपए, दो एंड्रॉइड मोबाइल और काले रंग की पल्सर बाइक मिली है। बरामद रकम 500-500 रुपए के 80 नोटों में थी। गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 18 और 19 साल है।
गुप्त सूचना पर रेस हुई गिद्दी पुलिस
गिद्दी थानेदार मो. इकबाल हुसैन को सूचना मिली थी कि राहुल दुबे गिरोह के गुर्गे काले रंग की पल्सर बाइक से इलाके में कोयला कारोबारियों से लेवी वसूलने पहुंचने वाले हैं। पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लिया। वरीय अधिकारियों को जानकारी दी गई और सनहा दर्ज कर विशेष टीम तैयार की गई। पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में थी, तभी दूसरी सूचना मिली। बताया गया कि दोनों युवक लेवी की रकम वसूल चुके हैं और बुंडू-बसरिया के रास्ते रामगढ़ की ओर निकल गए हैं। इसके बाद पुलिस ने रास्ते में घेराबंदी शुरू कर दी। टोंगी-गिद्दी मेन रोड पर पुलिस की नजर काली पल्सर पर पड़ी। टीम ने बाइक सवारों को रुकने का इशारा किया। लेकिन पुलिस को देखते ही दोनों ने भागने की कोशिश की। इसके बाद जवानों ने पीछा किया और घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया।
बाइक की तलाशी ली तो सामने आई पूरी कहानी
पकड़े जाने के बाद पुलिस ने दोनों की तलाशी ली। उनके पास से 40 हजार रुपए कैश मिले। नोटों की गिनती की गई तो 500 रुपए के 80 नोट निकले। पुलिस ने दो वीवो एंड्रॉइड मोबाइल भी बरामद किए। दोनों मोबाइल सफेद और नीले रंग के हैं। पुलिस ने जिस पल्सर बाइक को जब्त किया है, उसका नंबर JH24M-6620 है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि लेवी की रकम किससे वसूली गई थी और दोनों युवक किसके निर्देश पर रकम लेने पहुंचे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामगढ़ कैंट के सौदागर मोहल्ला निवासी मन्नू कुमार साव (19) और रामगढ़ के कोयरीटोला मुंडा टोली निवासी अविनाश कुमार (18) के रूप में हुई है।
अब पूछताछ में खुलेगा लेवी नेटवर्क
इस मामले में गिद्दी थाना में मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने में जुटी है कि लेवी वसूली के पीछे गिरोह के कौन-कौन लोग हैं, रकम किसके पास पहुंचनी थी और इससे पहले इलाके में ऐसी कितनी वारदातें हो चुकी हैं। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान गिरोह के नेटवर्क से जुड़े दूसरे नाम भी सामने आ सकते हैं।
छापामारी टीम में गिद्दी थानेदार मो. इकबाल हुसैन, एसआई दामुराम बोयपाई, एएसआई चंदन उरांव, सुनील कुमार, ओम प्रकाश कुमार महतो, राजेंद्र कुमार और अनिल कुमार सिंह शामिल थे।
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